नर्मदा उद्गम क्षेत्र को बचाएगी MP सरकार: अमरकंटक में बसेगा नया शहर, 11 हजार हेक्टेयर में विकसित होगी सैटेलाइट सिटी
Amresh Kushwaha | Oct 05, 2026, 10:08 IST
बदलेगी अमरकंटक की सूरत।
मध्य प्रदेश सरकार नर्मदा उद्गम स्थल को प्रदूषण से बचाने के लिए अमरकंटक सैटेलाइट सिटी बसाएगी। नगर तथा ग्राम निवेश विभाग ने निवेश क्षेत्र का दायरा सात हजार से बढ़ाकर 11 हजार 657 हेक्टेयर से ज्यादा कर दिया है। चार गांवों की जमीन पर होटल, रिसॉर्ट और रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं बनेंगी। अगले दो महीने में नए निवेश क्षेत्र का मास्टर प्लान तैयार होगा।
नर्मदा उद्गम स्थल की सुरक्षा
योजना के तहत पर्यटकों के ठहरने की जगह नर्मदा के उद्गम स्थल से दूर बनाई जाएगी। दुकानें और दूसरी कारोबारी गतिविधियां भी वहां से हटाई जाएंगी। इसका मकसद गंदे पानी को नर्मदा नदी में जाने से रोकना है।
नर्मदा को मध्य प्रदेश की जीवनरेखा कहा जाता है।
नर्मदा उद्गम (Narmada river origin) का इलाका धार्मिक और पर्यटन के लिहाज से अहम है। इसी वजह से सरकार वहां सुनियोजित शहरी क्षेत्र विकसित करना चाहती है। क्या इससे उद्गम पर दबाव घटेगा? योजना का मकसद पर्यटन का बोझ उद्गम से दूर रखना है।
अमरकंटक सैटेलाइट सिटी कहां बनेगी?
नई सैटेलाइट सिटी चार गांवों की दो हजार 134.14 हेक्टेयर जमीन पर बसेगी। यह इलाका अमरकंटक के मुख्य संवेदनशील क्षेत्र से दूर है। यहां होटल, रेस्टोरेंट, रिसॉर्ट और आधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी।
इन 4 गांवों में बनेगा नया शहर
ये आंकड़े 2011 की जनगणना के हैं। पोंडी सबसे बड़ा हिस्सा है। यहां 999.21 हेक्टेयर जमीन है और आबादी 1,554 है। लालपुर में 447.97 हेक्टेयर जमीन और 810 लोग हैं। बरसोत में 417.14 हेक्टेयर जमीन और 521 लोग हैं। सेंदुखार में 269.80 हेक्टेयर जमीन और सिर्फ 69 लोग हैं। चारों गांवों की कुल आबादी करीब तीन हजार है।
अमरकंटक मास्टर प्लान क्या है?
15 क्षेत्रीय इकाइयां, 4 श्रेणियां
पहली श्रेणी वर्तमान निवेश क्षेत्र की है। इसमें अमरकंटक, जालेश्वर, दमगढ़ और उमरगोहान आते हैं। इनका क्षेत्रफल सात हजार 33.52 हेक्टेयर है। दूसरी श्रेणी सैटेलाइट सिटी क्षेत्र की है। इसमें पोंडी, लालपुर, बरसोत और सेंदुखार शामिल हैं।
तीसरी श्रेणी में हरिटोला, पोड़की, भरिया और भुण्डाकोना हैं। ये सैटेलाइट सिटी और निवेश क्षेत्र के बीच हैं। इनका क्षेत्रफल 948.12 हेक्टेयर है। चौथी श्रेणी में बिजौरी, पमरा और भरनी हैं। ये सैटेलाइट सिटी के पास के गांव हैं और इनका क्षेत्रफल एक हजार 541.68 हेक्टेयर है।
इन सभी इकाइयों की कुल आबादी 16 हजार 135 है। यह आंकड़ा 2011 की जनगणना का है।
अमरकंटक पर्यटन को क्या मिलेगा?
कृषि भूमि पर कॉटेज और स्विमिंग पूल
गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मधुमक्खी पालन, पशुपालन और मत्स्य पालन भी इसमें शामिल हैं। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
अब सबकी नजर मास्टर प्लान पर है। होटल और सड़क कहां बनेंगे, यह वहीं तय होगा। रिसॉर्ट और आवासीय इलाकों की जगह भी वहीं तय की जाएगी।
यह खबर क्यों जरूरी है
FAQs
- नर्मदा उद्गम स्थल की सुरक्षा योजना की शुरुआत कब हुई थी?
नर्मदा उद्गम स्थल की सुरक्षा योजना की शुरुआत सितंबर 2024 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर हुई थी। - अमरकंटक सैटेलाइट सिटी की स्थापना में कौन-कौन से गांव शामिल हैं?
अमरकंटक सैटेलाइट सिटी की स्थापना में पोंडी, लालपुर, बरसोत और सेंदुखार गांव शामिल हैं। - नर्मदा उद्गम स्थल की सुरक्षा योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
नर्मदा उद्गम स्थल की सुरक्षा योजना का मुख्य उद्देश्य नर्मदा नदी को पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित रखना और गंदे पानी को नदी में जाने से रोकना है।
धमतरी धर्मांतरण विवाद: गंगाजल पिलाकर परिवार की हिंदू धर्म में वापसी, फिर मिली अंतिम संस्कार की अनुमति
By Harrison Masih
जयपुर: न्यू सांगानेर रोड के अवैध निर्माणों पर चल रहा बुलडोजर, विधायक बोले- जेडीए ने गलत मार्किंग की
By Jageshwar prasad
कहीं आप तो नहीं खा रहे एवरेस्ट का ये जीरा पाउडर? जांच में निकला अनसेफ, FSSAI ने बाजार से वापस मंगाने के दिए आदेश
By Aman Vaishnav
लाड़ली बहना बहुत महंगी पड़ गई... सीएम बोले- मुख्यमंत्री बनते ही इतनी भारी मार पड़ेगी, पता नहीं था
By Sourabh Bhatnagar
भजनलाल शर्मा आज नगर निकायों के कामकाज पर करेंगे चर्चा, सीएम आवास पर होगी अहम बैठक
By Ashish Bhardwaj
आज खंडवा दौरे पर रहेंगे सीएम मोहन यादव: मेधावी छात्र-छात्राओं को देंगे स्कूटी, कई अन्य कार्यक्रमों में होंगे शामिल
By Amresh Kushwaha
मानसून की विदाई के साथ MP-CG और राजस्थान में बदला मौसम: कहीं तेज धूप, तो कहीं हल्की बारिश और गुलाबी ठंड की दस्तक
By Amresh Kushwaha