किसानों को विदेशों की सैर कराएगी मोहन सरकार, सीखेंगे उन्नत खेती के तरीक
Aman Vaishnav | Jan 04, 2026, 08:34 IST
mp government agriculture year 2026 roadmap farmers income
मध्यप्रदेश सरकार ने साल 2026 को कृषि वर्ष घोषित किया है। किसान अब तकनीक सीखने के लिए इजराइल और ब्राजील जैसे देशों का दौरा करेंगे। सरकार मशीनरी, सिंचाई और डिजिटल तकनीक पर विशेष ध्यान देगी।
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खेती की लागत कम करने के लिए मशीनों का उपयोग बढ़ाया जाएगा। पानी बचाने के लिए माइक्रो इरिगेशन सिस्टम को बढ़ावा मिलेगा। एग्री स्टेक और डिजिटल कृषि के जरिए किसानों को नई जानकारी मिलेगी। सरकार किसानों को कम ब्याज दर पर कर्ज भी उपलब्ध कराएगी। इससे छोटे किसानों को आर्थिक संबल मिलेगा।
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किसानों की सामूहिक ताकत बढ़ाने के लिए FPO को मजबूत किया जाएगा। ये संगठन मार्केटिंग और प्रोसेसिंग का काम भी संभालेंगे। मंडियों को आधुनिक बनाकर e-NAM पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इससे किसान अपनी उपज राष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धी मूल्य पर बेच सकेंगे।
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अब खेती को सिर्फ उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे फूड प्रोसेसिंग यूनिट, उद्यानिकी और कृषि आधारित उद्योगों से भी जोड़ा जाएगा। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके मिलेंगे।
इसके अलावा, फूलों की खेती, पशुपालन, दूध उत्पादन और मछली पालन को एक मजबूत आय के वैकल्पिक स्रोत के तौर पर विकसित किया जाएगा। राज्य में "सांची है तो शुद्ध है" जैसे अभियानों के जरिए दूध और दूध से बने उत्पादों की क्वालिटी नंबर-1 रखी जाएगी।
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जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए सरकार का पूरा ध्यान टिकाऊ खेती यानी सस्टेनेबल एग्रीकल्चर पर है। इसके तहत प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और श्रीअन्न (मिलेट्स) के उत्पादन को खासतौर पर बढ़ावा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का मानना है कि समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब सभी विभाग मिलकर काम करेंगे। इसके लिए किसान कल्याण, सहकारिता, पशुपालन, उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्य, ऊर्जा और सिंचाई विभाग एक टीम की तरह काम करेंगे।
साल भर प्रदेश के विभिन्न शहरों में कृषि विभाग विशेष आयोजन होंगे:
जनवरी: नर्मदापुरम में कौशल सम्मेलन और भोपाल में गुलाब महोत्सव होगा।
फरवरी: निमाड़-मालवा में डिजिटल एग्री एक्सपो का आयोजन किया जाएगा।
मार्च: भोपाल में प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित होगी।
अप्रैल: जबलपुर में फूड प्रोसेसिंग उद्योग समागम का बड़ा आयोजन किया जाएगा।
मई : सिवनी में धान महोत्सव और इंदौर-जबलपुर में पोल्ट्री उद्यमी सम्मेलन आयोजित होंगे।
जून: भोपाल में आम महोत्सव और ब्राजील में पशुपालन भ्रमण होगा।
जुलाई : निमाड़-मालवांचल में कपास-मिर्च महोत्सव और जबलपुर में मत्स्य पालन के कार्यक्रम आयोजित होंगे।
अगस्त : इंदौर में राज्य स्तरीय FPO सम्मेलन और भोपाल में दुग्ध गुणवत्ता लैब लोकार्पण के साथ "सांची है तो शुद्ध है" अभियान चलेगा।
सितंबर : छिंदवाड़ा में कृषि अवसंरचना कार्यशाला और सागर-रतलाम में FPO व स्किल सेमिनार का आयोजन किया जाएगा।
अक्टूबर-नवंबर: इंदौर में सब्जी महोत्सव और नरसिंहपुर में गन्ना महोत्सव मनेगा।
- मध्यप्रदेश सरकार ने साल 2026 को कृषि वर्ष घोषित किया है।
- किसानों को ट्रेनिंग के लिए ब्राजील और इजराइल भेजा जाएगा।
- सात सरकारी विभाग आपसी समन्वय के साथ मिलकर इस पर काम करेंगे।
- सूक्ष्म सिंचाई और कृषि यंत्रीकरण के जरिए लागत घटाने पर जोर रहेगा।
- सांची है तो शुद्ध है, इस अभियान का मकसद सबको बढ़िया और असली दूध पहुंचाना है।
विदेशी तकनीक और प्रशिक्षण
किसानों की क्षमता बढ़ाने के लिए खास ट्रेनिंग प्रोग्राम्स होंगे। मोहन सरकार किसानों को इजराइल और ब्राजील जैसे देशों में भेजेगी, जहां वे आधुनिक खेती और पशुपालन के नए तरीके देखेंगे। इसके अलावा, राज्य स्तर पर देश के अंदर भी एक्सपोजर विजिट्स कराई जाएंगी।
मशीन, सिंचाई और डिजिटल खेती
krishi varsh 2026
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FPO और मंडियों का आधुनिकीकरण
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किसानों की आय बढ़ेगी
इसके अलावा, फूलों की खेती, पशुपालन, दूध उत्पादन और मछली पालन को एक मजबूत आय के वैकल्पिक स्रोत के तौर पर विकसित किया जाएगा। राज्य में "सांची है तो शुद्ध है" जैसे अभियानों के जरिए दूध और दूध से बने उत्पादों की क्वालिटी नंबर-1 रखी जाएगी।
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सस्टेनेबल खेती और पर्यावरण संरक्षण
समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश
मध्य प्रदेश कृषि वर्ष 2026 के प्रमुख कार्यक्रम
जनवरी: नर्मदापुरम में कौशल सम्मेलन और भोपाल में गुलाब महोत्सव होगा।
फरवरी: निमाड़-मालवा में डिजिटल एग्री एक्सपो का आयोजन किया जाएगा।
मार्च: भोपाल में प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित होगी।
अप्रैल: जबलपुर में फूड प्रोसेसिंग उद्योग समागम का बड़ा आयोजन किया जाएगा।
मई : सिवनी में धान महोत्सव और इंदौर-जबलपुर में पोल्ट्री उद्यमी सम्मेलन आयोजित होंगे।
जून: भोपाल में आम महोत्सव और ब्राजील में पशुपालन भ्रमण होगा।
जुलाई : निमाड़-मालवांचल में कपास-मिर्च महोत्सव और जबलपुर में मत्स्य पालन के कार्यक्रम आयोजित होंगे।
अगस्त : इंदौर में राज्य स्तरीय FPO सम्मेलन और भोपाल में दुग्ध गुणवत्ता लैब लोकार्पण के साथ "सांची है तो शुद्ध है" अभियान चलेगा।
सितंबर : छिंदवाड़ा में कृषि अवसंरचना कार्यशाला और सागर-रतलाम में FPO व स्किल सेमिनार का आयोजन किया जाएगा।
अक्टूबर-नवंबर: इंदौर में सब्जी महोत्सव और नरसिंहपुर में गन्ना महोत्सव मनेगा।
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