MP के सरकारी कॉलेजों में छात्रों को 13 भारतीय भाषाएं सीखने का मौका

मध्य प्रदेश में शासकीय कॉलेजों में भारतीय और विदेशी भाषाओं के सर्टिफिकेट कोर्सेस शुरू किए जाएंगे। पहले फेज में 13 भारतीय भाषाएं सिखाई जाएंगी, 500 रुपए फीस तय।

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Anjali Dwivedi
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News In Short

  • मध्यप्रदेश के सरकारी कॉलेज में भारतीय और विदेशी भाषाओं के सर्टिफिकेट कोर्सेस शुरू होंगे।
  • पहले चरण में 13 भारतीय भाषाएं सिखाई जाएंगी।
  • हर सर्टिफिकेट कोर्स 60 घंटे और 4 क्रेडिट का होगा।
  • कोर्स की फीस 500 रुपए होगी, कोई स्कॉलरशिप नहीं दी जाएगी।
  • भोपाल के 5 कॉलेजों को कोर्स संचालन की जिम्मेदारी दी गई है।

News In Detail

Education news. मध्य प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में अब भारतीय और विदेशी भाषाओं के सर्टिफिकेट कोर्सेस शुरू किए जाएंगे। इस योजना के तहत, भारतीय भाषाओं के कोर्सेस पहले चरण में शुरू होंगे। आयुक्त उच्च शिक्षा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस योजना को अंतिम रूप दिया गया। इस बैठक में तय किया गया कि शासकीय स्वशासी कॉलेजों और प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस को विभिन्न भारतीय भाषाएं आवंटित की जाएंगी।

13 भारतीय भाषाएं सिखाई जाएंगी पहले फेज में

पहले फेज में 13 भारतीय भाषाएं कन्नड, संस्कृत, मलयालम, तेलुगु, सिंधी, पंजाबी, गुजराती, तमिल, बंगाली, मणिपुरी, मराठी, उड़िया और असम की भाषा सिखाई जाएंगी। यदि यह योजना सफल रही, तो सभी कॉलेजों में इन कोर्सेस का विस्तार किया जाएगा। इसके बाद विदेशी भाषाओं के कोर्सेस भी शुरू होंगे।

60 दिन का 4 क्रेडिट का सर्टिफिकेट कोर्स

हर सर्टिफिकेट कोर्स 4 क्रेडिट का होगा और इसकी अवधि 60 घंटे यानी 60 कार्यदिवस होगी। इस कोर्स को छह महीने के अंदर पूरा करना जरूरी होगा। कोर्स ऑनलाइन माध्यम से होगा। इसके लिए विशेषज्ञ समितियों का गठन किया जाएगा, जो सिलेबस तैयार करेंगी।

कोर्स की फीस और स्कॉलरशिप कितनी होगी

इन सर्टिफिकेट कोर्सेस की फीस 500 रुपए रखी गई है। योजना के शुरुआती चरण में इन कोर्सेस को ऑनलाइन संचालित किया जाएगा। हालांकि, इस कोर्स में किसी प्रकार की स्कॉलरशिप नहीं दी जाएगी। स्टूडेंट्स से अध्ययन, परीक्षा और प्रमाणपत्र के लिए 500 रुपए शुल्क लिया जाएगा।

भोपाल के कॉलेजों को मिली जिम्मेदारी

भोपाल के पांच कॉलेजों को इस कोर्स को शुरू करने की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें इंस्टीट्यूट फॉर एक्सीलेंस इन हायर एजुकेशन, नूतन गर्ल्स कॉलेज, एमएलबी गर्ल्स कॉलेज, गीतांजली गल्र्स कॉलेज और शासकीय हमीदिया कॉलेज शामिल हैं। इसके अलावा, आईएचई (IHE) को सभी 13 भारतीय भाषाओं का नोडल कॉलेज  बनाया गया है।

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