JEE-NEET in 11th Class: एजुकेशन पॉलिसी में बड़ा बदलाव, 11वीं में होंगी JEE, NEET, CUET एंट्रेंस एग्जाम

केंद्र सरकार JEE, NEET और CUET में बड़े बदलाव की तैयारी में है। इसमें 11वीं क्लास में ही परीक्षा कराना शामिल है। कोचिंग पर निर्भरता और डमी स्कूलों की समस्या कम होगी। बोर्ड मार्क्स भी जोड़े जा सकते हैं।

author-image
Anjali Dwivedi
New Update
exam
Listen to this article
0.75x1x1.5x
00:00/ 00:00

JEE-NEET in 11th Class: JEE, NEET या CUET की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह खबर काम की है। केंद्र सरकार प्रवेश परीक्षाओं में बड़े बदलाव की प्लानिंग कर रही है। सरकार कोचिंग संस्थानों पर निर्भरता कम करना चाहती है। डमी स्कूलों की समस्या खत्म करना भी मुख्य लक्ष्य है।

शिक्षा मंत्रालय कर रहा है मंथन

शिक्षा मंत्रालय ने इसके लिए एक 11 सदस्यों की समिति बनाई है। इस समिति ने जून में काम शुरू किया था। समिति ने 15 नवंबर को एक अहम बैठक की। बैठक में कई सुझावों पर गहन चर्चा हुई।

11वीं में ही हो सकती हैं परीक्षाएं

समिति का सबसे बड़ा और जरूरी सुझाव यह है। JEE Mains, NEET और CUET जैसी परीक्षाएं कक्षा 11वीं में ही हो सकती हैं। समिति के कई सदस्य इस पक्ष में हैं। उनका तर्क है कि इससे स्टूडेंट्स पर दबाव कम होगा। 

कक्षा 12वीं में तनाव की स्थिति भी कम हो जाएगी। कमेटी सभी शिक्षा बोर्ड के सिलेबस की एकरूपता (uniformity) पर भी अध्ययन करेगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के हिसाब से भी चर्चा हुई। पैनल ने साल में दो बार एंट्रेंस एग्जाम कराने पर भी बात की। ये परीक्षाएं अप्रैल और नवंबर में हो सकती हैं।

ये खबरें भी पढ़ें...

इंडियन ऑयल में 2755 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती, 12वीं पास और ITI/डिप्लोमा वाले तुरंत करें अप्लाई

CG placement camp: बेरोजगार युवाओं के लिए प्लेसमेंट कैंप का आयोजन, 140 पदों पर होगी भर्ती

कोचिंग की पढ़ाई सिर्फ 2-3 घंटे

समिति कोचिंग संस्थानों के समय को सीमित करने पर भी विचार कर रही है। एक महत्वपूर्ण सुझाव में कहा गया है कि कोचिंग क्लास रोजाना सिर्फ 2 से 3 घंटे तक ही होनी चाहिए।

  • अभी स्टूडेंट्स स्कूल के बाद 4 से 6 घंटे तक कोचिंग करते हैं।

  • यह सीमा तय करने से संतुलन बनेगा।

  • एंट्रेंस की तैयारी, स्कूली शिक्षा और हेल्थ के बीच बैलेंस रहेगा।

  • इससे एकेडमिक बैलेंस ठीक होगा।

  • स्टूडेंट्स की थकान भी कम होगी।

  • स्कूल-बेस्ड लर्निंग की अहमियत बढ़ेगी।

एमपी सरकार के दो साल पूरे होने पर सर्वे में शामिल होने के लिए फोटो पर क्लिक करें...

image

एंट्रेंस एग्जाम में जुड़ेंगे बोर्ड मार्क्स

समिति एक हाइब्रिड असेसमेंट मॉडल लाने पर विचार कर रही है।

  • इस मॉडल में बोर्ड परीक्षा के मार्क्स को भी वेटेज दिया जाएगा।

  • एप्टीट्यूड बेस्ड टेस्ट और बोर्ड परीक्षा दोनों को अहमियत मिलेगी।

  • इंजीनियरिंग और मेडिकल दाखिलों में प्रवेश परीक्षा के साथ-साथ बोर्ड का प्रदर्शन भी देखा जाएगा।

  • अधिकारियों ने कहा कि इससे क्लासरूम लर्निंग मजबूत होगी।

  • इंटरनल असेसमेंट भी बेहतर हो सकते हैं।

  • कोचिंग पर बहुत ज्यादा निर्भरता भी कम हो जाएगी।

समिति ने किन कमियों पर ध्यान दिया?

बैठक में सिस्टम की कई खामियों पर भी चर्चा हुई।

  • कई शिक्षा बोर्डों के सिलेबस में अंतर है।

  • डमी स्कूलों का चलन लगातार बढ़ रहा है।

  • कमजोर असेसमेंट की भी समस्या है।

  • टीचरों की काबिलियत में अंतर है।

  • स्कूलों में करियर काउंसलिंग की कमी है।

NCERT को मिली बड़ी जिम्मेदारी

15 नवंबर की बैठक में एक जिम्मेदारी सौंपी गई। NCERT को यह जिम्मेदारी दी गई। वह CBSE और राज्य बोर्डों के साथ समन्वय करेगा। वह कक्षा 11 और 12 के सिलेबस को प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप करेगा। इससे सिलेबस की असमानताओं को कम किया जा सकेगा। स्कूल सिलेबस Entrance Exam के सिलेबस के मुताबिक बनेगा।

उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी इस समिति के अध्यक्ष हैं। समिति में कुल 11 सदस्य हैं। इसमें CBSE के अध्यक्ष भी शामिल हैं। IIT मद्रास, IIT कानपुर, NIT और NCERT के प्रतिनिधि भी हैं।

केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और निजी स्कूल के तीन प्रिंसिपल भी सदस्य हैं। समिति वर्तमान स्कूली शिक्षा प्रणाली की खामियों की पहचान कर रही है। यह सरकार को अपनी सिफारिशें जल्द ही सौंपेगी।

ये खबरें भी पढ़ें...

छत्तीसगढ़ में हजारों शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ, TET परीक्षा 2026 का शेड्यूल जारी, आवेदन शुरू, जानें पूरी डिटेल्स

छत्तीसगढ़ में प्लेसमेंट कैंप: युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी! 700 से ज्यादा पदों पर होगी भर्ती

NCERT CUET राष्ट्रीय शिक्षा नीति NEET JEE JEE Mains Entrance Exam NEP 2020 JEE-NEET in 11th Class
Advertisment