आउटसोर्स भर्ती के बदलेंगे नियम: न वसूली होगी, ना कम वेतन मिलेगा, कैबिनेट में जल्द आएगा प्रस्ताव
Amresh Kushwaha | Mar 11, 2026, 08:50 IST
mp government new outsource recruitment policy rules cabinet proposal
मध्य प्रदेश सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक क्रांतिकारी नीति ला रही है। नए ड्राफ्ट के अनुसार, अब सीधी भर्ती GeM पोर्टल से होगी। इससे निजी एजेंसियों की कमीशनखोरी और वेतन कटौती पर पूरी तरह रोक लगेगी।
BHOPAL. मध्यप्रदेश के सरकारी विभागों में आउटसोर्स व्यवस्था के नाम पर चल रहे 'खेल' पर अब लगाम लगने वाली है। सालों से कमीशनखोरी और वेतन कटौती की मार झेल रहे एक लाख से ज्यादा कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है।
सरकार एक ऐसा नया ड्राफ्ट (Draft) तैयार कर रही है, जिससे भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो जाएगी। उद्योग एवं एमएसएमई विभाग ने इसका खाका खींचकर वित्त विभाग को भेज दिया है। इसे जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए पेश किया जा सकता है।
अभी तक प्रदेश के विभिन्न विभागों, निगमों और मंडलों में आउटसोर्स नियुक्तियां निजी एजेंसियों के माध्यम से होती हैं। इसमें अक्सर चहेती कंपनियों को ठेका देने और बैकडोर एंट्री की शिकायतें आती थीं।
नई व्यवस्था के तहत अब गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के जरिए ओपन टेंडर किए जाएंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कोई भी विभाग अब सीधे तौर पर किसी एजेंसी का चयन या मनमर्जी से ठेका नहीं दे पाएगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और सार्वजनिक रहेगी।
आउटसोर्स कर्मचारियों के शोषण का मुद्दा हाल ही के बजट सत्र (Budget Session) में भी जमकर गूंजा। सदन की 10 बैठकों के दौरान विधायकों ने 40 से ज्यादा सवाल इसी समस्या को लेकर उठाए।
शिकायतों का अंबार इस कदर था कि सरकार को अपनी नीति पर पुनर्विचार करना पड़ा। फिलहाल प्रदेश में सेडमैप (CEDMAP) जैसी संस्थाओं और निजी वेंडर्स के जरिए कर्मचारी लिए जा रहे हैं। वहीं, अब इस बिखरी हुई व्यवस्था को एक व्यवस्थित ढांचे में लाया जा रहा है।
नए नियमों के लागू होते ही निजी एजेंसियों की मनमानी खत्म हो जाएगी। ड्राफ्ट में स्पष्ट प्रावधान है कि-
यह बदलाव हवा में नहीं हो रहा है, बल्कि इसके पीछे कड़वे अनुभव हैं।
हैरानी की बात यह है कि जहां एक तरफ ड्राफ्ट तैयार होकर वित्त विभाग तक पहुंच गया है, वहीं जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग अभी खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। उद्योग एवं एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप ने इस प्रस्ताव की जानकारी होने से इनकार किया है, तो वहीं उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार ने भी इस विषय पर फिलहाल चुप्पी साध रखी है। हालांकि, विभागीय सूत्रों का कहना है कि कैबिनेट में आने वाला यह नया ड्राफ्ट आउटसोर्सिंग के पूरे ढांचे को बदलकर रख देगा।
ये खबर भी पढ़िए...
एमपी में आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों की होली फीकी, 2-3 महीने का वेतन अटका
एमपी के 30 लाख श्रमिकों और आउटसोर्सकर्मियों के लिए बड़ी खुशखबरी, मिलेगा बढ़ा वेतन और एरियर
7 लाख दैनिक वेतनभोगी और आउटसोर्स कर्मचारियों के सहारे चल रही सरकार, इनको नियमित कर दे तो आधे हो जाएंगे बेरोजगार
एमपी में आउटसोर्स भर्ती पर बड़ा फैसला, अब बिना वित्त विभाग की मंजूरी नहीं होगी नियुक्ति
सरकार एक ऐसा नया ड्राफ्ट (Draft) तैयार कर रही है, जिससे भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो जाएगी। उद्योग एवं एमएसएमई विभाग ने इसका खाका खींचकर वित्त विभाग को भेज दिया है। इसे जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए पेश किया जा सकता है।
जेम पोर्टल से होगी सीधी भर्ती
नई व्यवस्था के तहत अब गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के जरिए ओपन टेंडर किए जाएंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कोई भी विभाग अब सीधे तौर पर किसी एजेंसी का चयन या मनमर्जी से ठेका नहीं दे पाएगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और सार्वजनिक रहेगी।
विधानसभा में गूंजी आवाज: 10 बैठकों में 40 से ज्यादा सवाल
शिकायतों का अंबार इस कदर था कि सरकार को अपनी नीति पर पुनर्विचार करना पड़ा। फिलहाल प्रदेश में सेडमैप (CEDMAP) जैसी संस्थाओं और निजी वेंडर्स के जरिए कर्मचारी लिए जा रहे हैं। वहीं, अब इस बिखरी हुई व्यवस्था को एक व्यवस्थित ढांचे में लाया जा रहा है।
वेतन की गारंटी और कमीशनखोरी पर लगेगा फुल स्टॉप
- सीधा भुगतान: कर्मचारियों का वेतन सीधे उनके बैंक खाते (Bank Account) में जमा होगा।
- न्यूनतम मानदेय: सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन (Minimum Wages) से एक रुपया भी कम नहीं दिया जा सकेगा।
- अनिवार्य नियम: एजेंसियों के लिए जीएसटी (GST), ईपीएफ (EPF) और ईएसआई (ESI) जैसे श्रम कानूनों (Labour Laws) का पालन करना अनिवार्य होगा।
- जीरो कमीशन: भर्ती के नाम पर किसी भी तरह की एंट्री फीस या कमीशन लेना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उल्लंघन करने वाली एजेंसी को सीधे ब्लैकलिस्ट (Blacklist) किया जाएगा।
शिकायतों का काला चिट्ठा
- सीधी (2023-24): स्वास्थ्य विभाग में अपात्रों की भर्ती और मोटी रकम की वसूली का मामला ईओडब्ल्यू (EOW) तक पहुंच गया।
- ग्वालियर (2024): नगर निगम कर्मचारियों ने वेतन और बोनस न मिलने पर उग्र प्रदर्शन किया, जबकि सरकार की ओर से एजेंसी को भुगतान हो चुका था।
- बिजली कंपनियां (2024): बिजली विभाग के हजारों आउटसोर्स कर्मी नीति स्पष्ट न होने के कारण अपने भविष्य को लेकर लगातार आंदोलनरत हैं।
जवाबदेही से बचते अफसर और जिम्मेदार
ये खबर भी पढ़िए...
एमपी में आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों की होली फीकी, 2-3 महीने का वेतन अटका
एमपी के 30 लाख श्रमिकों और आउटसोर्सकर्मियों के लिए बड़ी खुशखबरी, मिलेगा बढ़ा वेतन और एरियर
7 लाख दैनिक वेतनभोगी और आउटसोर्स कर्मचारियों के सहारे चल रही सरकार, इनको नियमित कर दे तो आधे हो जाएंगे बेरोजगार
एमपी में आउटसोर्स भर्ती पर बड़ा फैसला, अब बिना वित्त विभाग की मंजूरी नहीं होगी नियुक्ति
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari