MP में 1,895 सरकारी स्कूल शिक्षक विहीन, सरप्लस टीचर से भरे जाएंगे खाली पद
Anjali Dwivedi | Jun 17, 2026, 16:45 IST
MP के 1895 सरकारी स्कूल शिक्षक विहीन
मध्य प्रदेश के एक हजार आठ सौ पंचानवे सरकारी स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं। विभाग सरप्लस टीचर ट्रांसफर करने की तैयारी में है, नई भर्ती नहीं होगी। टीईटी पास 50 हजार कैंडिडेट्स को झटका, 28 हजार पदों की मांग जारी।
मध्य प्रदेश के एक हजार आठ सौ पंचानवे सरकारी स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है। स्कूल शिक्षा विभाग नई भर्ती की जगह सरप्लस शिक्षकों को ट्रांसफर करके इन स्कूलों में भेजने की तैयारी कर रहा है। कैग और यूडाइज रिपोर्ट में यह खुलासा पहले ही हो चुका था। 50 हजार से ज्यादा टीईटी पास कैंडिडेट्स 28 हजार पदों पर भर्ती की मांग कर रहे हैं। लेकिन अभी नई नियुक्ति का कोई प्लान नहीं है।
CAG (Comptroller and Auditor General) की ऑडिट और यूडाइज (UDISE) रिपोर्ट ने चौंकाने वाले आंकड़े सामने रखे। प्रदेश में 1 हजार 895 सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहां एक भी शिक्षक तैनात नहीं हैं। इनमें 1 हजार 379 प्राथमिक स्कूल हैं। 479 माध्यमिक, 28 हाई स्कूल और 9 हायर सेकंडरी स्कूल भी इसी सूची में हैं।
![MP के 1895 स्कूल शिक्षक विहीन]()
46 जिलों में 1 हजार 275 स्कूल बिना शिक्षक के चल रहे हैं। साल 2024 की रिपोर्ट में 6 हजार 823 स्कूलों में एक-एक शिक्षक था। नई रिपोर्ट में यह संख्या 12 हजार के पार जा चुकी है। एक शिक्षक, एक स्कूल, और दर्जनों बच्चे प्रदेश के ग्रामीण इलाकों की यही तस्वीर है।
एमपी स्कूल शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि फिलहाल नई शिक्षक भर्ती का कोई इरादा नहीं है। विभाग उन स्कूलों में शिक्षकों को भेजेगा जहां जरूरत से ज्यादा टीचर हैं यानी सरप्लस हैं।
RTE (Right to Education) नियमों के तहत प्राथमिक स्कूलों में 30 छात्रों पर एक और माध्यमिक स्कूलों में 35 छात्रों पर एक शिक्षक का अनुपात तय है। इसी आधार पर सरप्लस शिक्षकों की पहचान होगी और उन्हें जरूरतमंद स्कूलों में भेजा जाएगा।
![mp school]()
सरप्लस टीचर(Surplus teacher) यानी अतिशेष शिक्षक भी कहा जाता है। ये ऐसे शिक्षक होते हैं जो किसी स्कूल में जरूरत से ज्यादा हो जाते हैं। आसान भाषा में समझें तो अगर बच्चों की तुलना में टीचर ज्यादा हैं, तो जो अतिरिक्त टीचर होते हैं उन्हें सरप्लस कहा जाता है।
यही सवाल हजारों कैंडिडेट्स पूछ रहे हैं। उनके मुताबिक प्रदेश में डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली हैं। सरकार हर बार 8 से 10 हजार पदों पर ही भर्ती करती है। वह प्रक्रिया भी 4-4 साल खिंचती है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के तहत करीब एक लाख पद रिक्त हैं। जनजाति कार्य विभाग में भी 50 हजार पद खाली पड़े हैं।
![MP Govt School Teacher]()
कैंडिडेट्स का कहना है कि पात्रता परीक्षा यानी TET और उसके बाद चयन परीक्षा, दोनों पास करने के बावजूद नौकरी नहीं मिल रही। कम पदों पर भर्ती की वजह से ज्यादातर योग्य अभ्यर्थी चयन से बाहर रह जाते हैं। कुछ 20-20 साल तक MPESB (Madhya Pradesh Employee Selection Board) की फीस भरते-भरते उम्रसीमा पार कर जाते हैं।
कैंडिडेट्स दो मांगों पर अड़े हैं। शिक्षक वर्ग-3 यानी प्राथमिक शिक्षकों के लिए 25 हजार नए पद बनाए जाएं। शिक्षक वर्ग-2 यानी माध्यमिक शिक्षकों के लिए हर विषय में तीन-तीन हजार नए पद जोड़े जाएं। भोपाल में तपती सड़क पर विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। कैंडिडेट्स का कहना है कि जब तक पदों में बढ़ोतरी नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।
अभी तक शिक्षा विभाग ने पदवृद्धि को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। सरप्लस ट्रांसफर की योजना से स्कूलों में शिक्षक तो पहुंच जाएंगे, लेकिन कुल रिक्त पदों की समस्या जस की तस रहेगी। हजारों प्रशिक्षित और परीक्षा पास कैंडिडेट्स का इंतजार कब खत्म होगा, यह अभी साफ नहीं है।
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1 हजार 895 स्कूलों में शिक्षक ही नहीं
MP के 1895 स्कूल शिक्षक विहीन
12 हजार स्कूल एक शिक्षक के भरोसे
भर्ती नहीं, सरप्लस ट्रांसफर ही है रास्ता
RTE (Right to Education) नियमों के तहत प्राथमिक स्कूलों में 30 छात्रों पर एक और माध्यमिक स्कूलों में 35 छात्रों पर एक शिक्षक का अनुपात तय है। इसी आधार पर सरप्लस शिक्षकों की पहचान होगी और उन्हें जरूरतमंद स्कूलों में भेजा जाएगा।
mp school
सरप्लस टीचर किसे कहते हैं
डेढ़ लाख पद खाली, तो भर्ती क्यों नहीं?
MP Govt School Teacher
दो परीक्षाएं पास, फिर भी बेरोजगार
28 हजार पदों की मांग
सरकार का रुख क्या है?
FAQ
- MP में कितने सरकारी स्कूल शिक्षकविहीन हैं?
कैग और यूडाइज रिपोर्ट के मुताबिक मध्यप्रदेश में 1895 सरकारी स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है। इनमें 1379 प्राथमिक, 479 माध्यमिक, 28 हाई स्कूल और 9 हायर सेकंडरी स्कूल शामिल हैं। 46 जिलों में 1275 स्कूल शिक्षकविहीन हैं। - MP में शिक्षक भर्ती 2026 में क्यों नहीं हो रही?
स्कूल शिक्षा विभाग ने फिलहाल नई भर्ती का कोई प्लान नहीं बनाया है। विभाग सरप्लस शिक्षकों को ट्रांसफर करके शिक्षकविहीन स्कूलों में भेजने की तैयारी कर रहा है। कैंडिडेट्स के विरोध के बावजूद पदवृद्धि पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। - MP में TET पास कैंडिडेट्स की क्या मांग है?
टीईटी पास कैंडिडेट्स शिक्षक वर्ग-3 में 25 हजार और वर्ग-2 में हर विषय में 3-3 हजार नए पदों की मांग कर रहे हैं। यानी कुल 28 हजार से ज्यादा पद बढ़ाने की मांग है। 50 हजार से ज्यादा कैंडिडेट्स दो-दो परीक्षाएं पास करके नौकरी का इंतजार कर रहे हैं।
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