मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का आदेशः RERA के ये अधिकारी अब नहीं पास कर सकेंगे आदेश
Manish Kumar | Sept 17, 2025, 24:08 IST
RERA HC
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने रेरा के एन्फोर्समेंट ऑफिसरों के आदेश पारित करने पर रोक लगाई। क्रेडाई ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे अपनी वैधानिक मांगों की पुष्टि बताया है।
BHOPAL. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने रेरा (Real Estate Regulatory Authority) के एन्फोर्समेंट ऑफिसरों के आदेश पारित करने पर रोक लगा दी है। यह आदेश खासकर उन अधिकारियों के लिए है जो रेरा के सदस्य या अडजुडिकेटिंग अथॉरिटी नहीं हैं। कोर्ट ने यह फैसला रेरा अधिनियम की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए दिया है।
इस फैसले के बाद, अब केवल रेरा के आधिकारिक सदस्य ही आदेश पारित कर सकेंगे। इससे रेरा के अधिनियम में निष्पक्षता और अपील योग्य न्याय को मजबूती मिलेगी। वहीं, क्रेडाई के भोपाल चैप्टर ने इस फैसले का स्वागत किया है।
ये भी पढ़ें... RERA चेयरमैन एपी श्रीवास्तव को बड़ी राहत: सुप्रीम कोर्ट ने खत्म किया जांच का मामला
क्रेडाई (CREDAI) भोपाल ने इस फैसले का जोरदार समर्थन किया है। क्रेडाई का कहना है कि यह फैसला लंबे समय से उनके द्वारा की जा रही मांग की पुष्टि करता है।
RERA
क्रेडाई ने इस फैसले के साथ अपनी कुछ प्रमुख मांगें भी दोहराई हैं। इनमें शामिल हैं:
परियोजना पंजीयन की अवधि - प्रमोटर द्वारा घोषित समयसीमा तक परियोजना का पंजीकरण मान्य हो।
सीए सर्टिफिकेट का संशोधन - सीए सर्टिफिकेट के फॉर्मेट को संशोधित कर सही फार्मूला लागू किया जाए।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया - आवेदन की तारीख से 30 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित किया जाए।
पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं को छूट - पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं को अन्य राज्यों की तरह पंजीयन से छूट मिले।
तिमाही प्रगति रिपोर्ट पर स्पष्टता - डेवलपमेंट कम्प्लीशन के बाद तिमाही प्रगति रिपोर्ट प्रक्रिया पर स्पष्टता लाई जाए।
ये भी पढ़ें... रियल एस्टेट OMAXE ग्रुप का शातिर खेल, RERA से बचने के लिए ग्राहकों को कंपनी का शेयर होल्डर बताया
क्रेडाई ने सरकार से यह भी कहा है कि रेरा अधिनियम की हर व्याख्या उद्योग, उपभोक्ता और शासन तीनों के हित में सकारात्मक और प्रगतिशील होनी चाहिए। यह समय की मांग है कि रेरा से जुड़े सभी बिंदुओं पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि किसी भी प्रकार के विवाद से बचा जा सके।
ये भी पढ़ें... निर्माण अनुमति, नक्शे-जमीन के दस्तावेजों में कमी, RERA ने रद्द किए 63 हाउसिंग प्रोजेक्ट
इस फैसले के बाद, अब केवल रेरा के आधिकारिक सदस्य ही आदेश पारित कर सकेंगे। इससे रेरा के अधिनियम में निष्पक्षता और अपील योग्य न्याय को मजबूती मिलेगी। वहीं, क्रेडाई के भोपाल चैप्टर ने इस फैसले का स्वागत किया है।
ये भी पढ़ें... RERA चेयरमैन एपी श्रीवास्तव को बड़ी राहत: सुप्रीम कोर्ट ने खत्म किया जांच का मामला
क्रेडाई ने कहा- हमारी मांगों की हुई पुष्टि
RERA
ये हैं क्रेडाई की प्रमुख मांगें
परियोजना पंजीयन की अवधि - प्रमोटर द्वारा घोषित समयसीमा तक परियोजना का पंजीकरण मान्य हो।
सीए सर्टिफिकेट का संशोधन - सीए सर्टिफिकेट के फॉर्मेट को संशोधित कर सही फार्मूला लागू किया जाए।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया - आवेदन की तारीख से 30 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित किया जाए।
पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं को छूट - पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं को अन्य राज्यों की तरह पंजीयन से छूट मिले।
तिमाही प्रगति रिपोर्ट पर स्पष्टता - डेवलपमेंट कम्प्लीशन के बाद तिमाही प्रगति रिपोर्ट प्रक्रिया पर स्पष्टता लाई जाए।
ये भी पढ़ें... रियल एस्टेट OMAXE ग्रुप का शातिर खेल, RERA से बचने के लिए ग्राहकों को कंपनी का शेयर होल्डर बताया
अब आगे सुधार की उम्मीद
ये भी पढ़ें... निर्माण अनुमति, नक्शे-जमीन के दस्तावेजों में कमी, RERA ने रद्द किए 63 हाउसिंग प्रोजेक्ट
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari