प्रदेश में बेलगाम ई-रिक्शा पर MP हाईकोर्ट सख्त: केंद्र-राज्य सरकार से मांगा जवाब
Neel Tiwari | Jun 29, 2026, 19:10 IST
mp-highcourt-e-rickshaw-permit-minor-notice
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बिना परमिट, बिना लाइसेंस और नाबालिगों द्वारा ई-रिक्शा चलाने पर सख्त रुख अपनाया है। जबलपुर में ई-रिक्शों से बिगड़ते ट्रैफिक पर चिंता जताते हुए कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब मांगा है।
समझें क्या है पूरा मामला
- ई-रिक्शा से बढ़ते ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं पर हाईकोर्ट ने जताई चिंता।
- केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी, जवाब के लिए 4 सप्ताह की अंतिम मोहलत।
- याचिका में दावा- जबलपुर में 9 हजार से ज्यादा ई-रिक्शा सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
- बिना लाइसेंस और नाबालिग चालकों द्वारा ई-रिक्शा चलाने का मुद्दा भी कोर्ट के सामने उठा।
- 2018 की परमिट छूट वापस लेने पर केंद्र सरकार से विचार करने को कहा गया।
नाबालिक चला रहे ई-रिक्शा, HC ने सरकार से मांगा जवाब
जबलपुर में 9 हजार से ज्यादा ई-रिक्शा
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि 2018 में केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के तहत ई-रिक्शा और बैटरी चलित वाहनों को मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66 के तहत परमिट की अनिवार्यता से छूट दी गई थी, लेकिन अब इसी छूट का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हो रहा है।
नाबालिग और बिना लाइसेंस भी चला रहे ई-रिक्शा
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि इससे न केवल सड़क सुरक्षा खतरे में पड़ रही है बल्कि पूरे शहर की यातायात व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। कोर्ट ने भी इस चिंता से सहमति जताते हुए कहा कि ई-रिक्शों को दी गई छूट पर पुनर्विचार किए जाने की आवश्यकता है।
2018 की छूट वापस लेने पर भी विचार, सरकार से मांगा स्पष्ट जवाब
कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह भी पूछा कि ई-रिक्शा और बैटरी चलित वाहनों को दी गई परमिट छूट वापस लेने पर विचार क्यों नहीं किया जा सकता। सुनवाई के दौरान भारत सरकार की ओर से असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिस पर हाईकोर्ट ने चार सप्ताह की अंतिम मोहलत देते हुए मामले की अगली सुनवाई निर्धारित कर दी।
FAQ
- MP हाईकोर्ट ने ई-रिक्शा पर क्यों नोटिस जारी किया?
जबलपुर के दो नागरिकों ने याचिका दाखिल कर बताया कि बिना परमिट और नाबालिग चालकों द्वारा ई-रिक्शा चलाया जा रहा है। इससे ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ रही है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। - 2018 की अधिसूचना क्या थी और इसका क्या असर हुआ?
2018 में केंद्र सरकार ने ई-रिक्शा को मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66 के तहत परमिट की अनिवार्यता से छूट दी थी। इससे ई-रिक्शा खरीदना और चलाना बेहद आसान हो गया। लेकिन इसी छूट का दुरुपयोग होने से शहरों में बेतरतीब ई-रिक्शों की बाढ़ आ गई। - अब आगे क्या होगा?
हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को चार सप्ताह में जवाब देने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई में यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो कोर्ट सख्त दिशा-निर्देश जारी कर सकता है। 2018 की परमिट छूट वापस लेने पर भी विचार हो सकता है।
सोनम रघुवंशी की जमानत जारी रहेगी, शिलांग हाईकोर्ट ने मेघालय पुलिस की याचिका की खारिज
गोल्ड मिला पर कदर नहीं! नेशनल रिकॉर्ड तोड़कर भी ई-रिक्शा में पोल ढोते दिखे चैंपियन देव मीणा
जबलपुर हाईकोर्ट की सख्ती: सड़क पर नहीं चलेगी पार्किंग, 30 दिन तक वन-वे ट्रायल शुरू करने के आदेश
कर्मचारी ने की चोरी, मालिक ने किया सैटलमेंट, जबलपुर हाईकोर्ट ने ठोका जुर्माना
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava