जबलपुर हाईकोर्ट का फैसला: पुलिसकर्मी का चेकिंग के समय गाड़ी से चाबी निकालना गलत

Manya Jain | Aug 07, 2026, 19:08 IST
Share
mp highcourt police vehicle checking rule
mp highcourt police vehicle checking rule

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने वाहन चेकिंग पर बड़ा फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा कि पुलिस का चाबी छीनना गलत है। चेकिंग के दौरान पुलिस और आम जनता दोनों को संयम से काम लेना चाहिए।

समझें क्या है पूरा मामला

  • जबलपुर में चेकिंग के दौरान वकील और पुलिस में विवाद हुआ था।
  • विवाद बढ़ने पर पीड़ित वकील ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी।
  • हाईकोर्ट ने मामले में पुलिस और वकील दोनों को नसीहत दी है।
  • कोर्ट ने कहा कि चेकिंग में गाड़ियों की चाबी निकालना गलत है।
  • हाईकोर्ट ने जबलपुर एसपी को मामले में सही कार्रवाई करने को कहा।

वाहन चेकिंग पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

सड़कों पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस और आम लोगों में बहस आम बात है। कई बार पुलिस वाले गाड़ियों की चाबी जबरन निकाल लेते हैं। इस बात को लेकर जनता में अक्सर गुस्सा देखने को मिलता है।

अब इस पूरे मुद्दे पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बहुत सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि चाबी छीनना बिल्कुल गलत आदत है। यह फैसला जबलपुर में हुए एक विवाद के बाद सामने आया है।

जबलपुर वकील-पुलिस लिलाद क्या था?

यह मामला जबलपुर शहर से जुड़ा हुआ है। 11 जुलाई 2026 को ट्रैफिक पुलिस गाड़ियों की चेकिंग कर रही थी। उसी समय पुलिसकर्मियों ने एक वकील की गाड़ी को चेकिंग के लिए रोका।

आरोप है कि पुलिस ने वकील के साथ बहुत ही बदतमीजी की। बात इतनी बढ़ी कि पुलिसकर्मियों ने मारपीट और गाली-गलौज भी की। इस घटना से स्थानीय वकीलों में भारी गुस्सा फैल गया था।

एसपी से शिकायत के बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई

घटना के बाद वकीलों का एक दल जबलपुर एसपी से मिला था। उन्होंने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पुलिस की ढिलाई से नाराज होकर पीड़ित वकील ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने याचिका दाखिल कर इंसाफ की गुहार लगाई थी। इसके बाद कोर्ट ने इस याचिका पर तुरंत सुनवाई शुरू की।

हाईकोर्ट ने दोनों को दी नसीहत

मामले की सुनवाई जस्टिस हिमांशू जोशी की सिंगल बेंच में हुई। कोर्ट ने राज्य सरकार और वकील दोनों के पक्ष को ध्यान से सुना। इसके बाद कोर्ट ने दोनों ही पक्षों को नसीहत दी।

जस्टिस जोशी ने कहा कि वकीलों को भी कानून का सही पालन करना चाहिए। कानून की इज्जत केवल बातों से नहीं बल्कि सही व्यवहार से बनती है। इसलिए हर नागरिक को मर्यादा में रहना चाहिए।

हाईकोर्ट की मुख्य बातें चाबी छीनना गलत: चेकिंग के दौरान किसी गाड़ी की चाबी छीनना पूरी तरह अनुचित है। अभद्र भाषा पर रोक: पुलिस को चेकिंग के वक्त गलत शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। धैर्य और संयम: पुलिस अधिकारियों को कानून लागू करते समय हमेशा शांत रहना चाहिए। एसपी को निर्देश: कोर्ट ने एसपी को पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई करने को कहा।

चेकिंग के समय अधिकारियों को रखना होगा संयम

हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यशैली पर गहरी चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि चाबी छीनने की शिकायतें बहुत बार सामने आती हैं। ऐसा व्यवहार किसी भी हाल में सही नहीं ठहराया जा सकता।

पुलिस को कानून लागू करते समय हमेशा धैर्य दिखाना होगा। चेकिंग के नाम पर बिना वजह बहस करना जनता को परेशान करता है। पुलिस को अपनी सीमा में रहकर ही ड्यूटी करनी चाहिए।

जबलपुर एसपी को मिले सख्त कार्रवाई के निर्देश

हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के बाद अपना आदेश जारी कर दिया है। कोर्ट ने जबलपुर एसपी को नियमानुसार कार्रवाई करने का साफ निर्देश दिया है। अब पुलिस को जांच रिपोर्ट जमा करनी होगी।

इस आदेश के बाद उम्मीद है कि चेकिंग का तरीका बदलेगा। पुलिसकर्मी अब आम लोगों के साथ बदतमीजी करने से बचेंगे। जनता को भी चेकिंग में पुलिस का सहयोग करना चाहिए।

FAQ

  1. 1. क्या चेकिंग के दौरान पुलिस किसी भी गाड़ी की चाबी छीन सकती है?
    मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अपने ताजा फैसले में साफ किया है कि वाहन चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा गाड़ी की चाबी छीनना या निकालना पूरी तरह से अनुचित और गलत है। पुलिस अधिकारी को चेकिंग करते समय संयम, शिष्टाचार और धैर्य बनाए रखना चाहिए।
  2. जबलपुर में वकील और पुलिस के बीच यह पूरा विवाद किस दिन हुआ था?
    याचिका में दी गई जानकारी के अनुसार, यह घटना 11 जुलाई 2026 की है। जबलपुर में ट्रैफिक चेकिंग के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने एक वकील की गाड़ी रोककर कथित तौर पर अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट की थी, जिसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा।
  3. हाईकोर्ट ने इस मामले में जबलपुर एसपी को क्या निर्देश दिए हैं?
    हाईकोर्ट की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस और अधिवक्ता दोनों को ही कानून और मर्यादा का पालन करने की नसीहत दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने जबलपुर एसपी को पूरे मामले में कानून के नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
ये भी पढ़ें...

मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, वनकर्मियों को गोली चलाने पर सीधे FIR से राहत

वाहन चेकिंग के दौरान वकीलों-पुलिसकर्मियों के बीच टकराव, पुलिसवालों पर SC/ST एक्ट में FIR दर्ज

PM E-DRIVE योजना से 57 करोड़ की सब्सिडी, राज्य में 55 हजार से ज्यादा ई-वाहन

अलग-अलग राज्यों से चुराए पांच करोड़ के वाहन, 6 सदस्य गिरफ्तार

Tags:
  • जबलपुर
  • हाईकोर्ट
  • एसपी
  • चेकिंग
  • गाड़ियों की चेकिंग
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा