/sootr/media/media_files/2026/01/07/focus-on-swayam-portal-preparation-to-give-digital-strength-to-higher-education-2026-01-07-22-45-07.jpg)
Photograph: (the sootr)
BHOPAL. मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सरकार ने रफ्तार बढ़ा दी है। अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने मंत्रालय में स्वयं पोर्टल को लेकर केंद्रीय अध्ययन मंडल के अध्यक्ष और सदस्यों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में पोर्टल से जुड़े अहम निर्देश जारी किए गए।
क्रेडिट लाभ के लिए तय हुई समय-सीमा
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की स्वयं पोर्टल पर अनिवार्य मैपिंग 15 जनवरी तक पूरी की जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों को उनके पाठ्यक्रमों के अनुरूप क्रेडिट का पूरा लाभ मिल सके।
यह खबरें भी पढ़ें...
एमपी के रेवेन्यू में 10 हजार करोड़ की गिरावट, कमलनाथ बोले- दिवालियापन की कगार पर पहुंच रहा एमपी
रोजगारोन्मुखी कोर्स को मिलेगा बढ़ावा
सरकार ने नए और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता देने के संकेत दिए हैं। निर्देश दिए गए कि ऐसे पाठ्यक्रमों को समूहवार तैयार कर स्वयं पोर्टल में शामिल किया जाए। इससे विद्यार्थियों के कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा और वे रोजगार के लिए अधिक सक्षम बन सकेंगे।
सभी विषयों की होगी पोर्टल से मैपिंग
बैठक में यह भी तय किया गया कि केवल व्यावसायिक ही नहीं, बल्कि अन्य सभी विषयों को भी स्वयं पोर्टल के पाठ्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। इससे शिक्षा प्रणाली में एकरूपता आएगी और डिजिटल लर्निंग का दायरा और मजबूत होगा।
बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षाविद
इस अहम समीक्षा बैठक में आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा, प्रो. अनिल पाठक, डॉ. दिवा मिश्रा सहित केंद्रीय अध्ययन मंडल के अन्य सदस्य मौजूद रहे। सभी ने पोर्टल को अधिक प्रभावी बनाने को लेकर अपने सुझाव रखे।
पंजीयन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, गैर-तकनीकी विषय आगे
मध्य प्रदेश में स्वयं पोर्टल के प्रति विद्यार्थियों की रुचि तेजी से बढ़ी है।
आंकड़ों के मुताबिक,
- गैर-तकनीकी विषयों में 2 लाख छात्र (57%),
- तकनीकी विषयों में 1.5 लाख छात्र (43%)
पिछले एक वर्ष में राज्य में कुल पंजीयन में 350 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
क्या है स्वयं पोर्टल का उद्देश्य
स्वयं पोर्टल का मकसद शिक्षा में पहुंच, समानता और गुणवत्ता को सुनिश्चित करना है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर छात्र तक बेहतर और गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षण संसाधन पहुंचाया जा सकें।
महाविद्यालयों को सख्त निर्देश
बैठक में कॉलेज प्रबंधन को साफ निर्देश दिए गए कि संस्थानों में साफ-सफाई और पेयजल की पुख्ता व्यवस्था हो। नियमित कक्षाएं संचालित हों,प्राध्यापकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी रखने और अकादमिक व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
यह खबरें भी पढ़ें...
इंदौर भागीरथपुरा कांड: मौतों पर बोले सीएम, सरकार हर परिवार के साथ
डिजिटल शिक्षा से बदलेगी उच्च शिक्षा की तस्वीर
स्वयं पोर्टल के माध्यम से मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा को आधुनिक और रोजगारोन्मुखी बनाने की कोशिश तेज हो गई है। सरकार का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के बेहतर उपयोग से न केवल छात्रों को लाभ मिलेगा, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी।
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us