जबलपुर हिट एंड रन केस: मासूम प्रणित को इंसाफ दिलाने निकाला कैंडल मार्च
Neel Tiwari | Nov 08, 2024, 21:11 IST
MP Jabalpur hit and run case candle march taken out for innocent Praneet
जबलपुर में तेज रफ्तार की टक्कर स्कार्पियो की टक्कर से ढाई साल के मासूम की मौत के मामले में इंसाफ की मांग तेज हो गई है। कांग्रेस और पीड़ित परिवार ने इंसाफ की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला गया।
JABALPUR. मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक दिल दहला देने वाले हिट एंड रन मामले में इंसाफ की मांग तेज हो गई है। स्कार्पियो से कुचलकर ढाई साल के बच्चे की मौत से लोगों में गुस्सा है। शुक्रवार को कांग्रेस ने मासूम को इंसाफ की दिलाने के लिए कैंडल मार्च निकाला गया। कांग्रेस नेताओं ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए विरोध प्रदर्शन भी किया। इस मामले को लेकर पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। इस दौरान लोगों ने नम आखों से मासूम प्रणित को याद उसे श्रृद्धांजलि अर्पित की।
बता दें कि जबलपुर में 5 नवंबर की रात को एक दर्दनाक घटना हुई थी, यहां स्कूटी सवार चूड़ी व्यापारी सौरभ अग्रवाल, उनकी पत्नी सुरभि अग्रवाल और ढाई साल के मासूम बेटे प्रणित को एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बेरहमी से कुचल दिया था। यह घटना रात लगभग 9 बजकर 45 मिनट पर हुई थी। यह परिवार स्कूटी से कहीं जा रहा था, तभी पीछे से आ रही स्कॉर्पियो ने टक्कर मार दी थी। इस टक्कर में स्कूटी सवार मासूम बच्चे की मौत हो गई थी।
घायल सौरभ अग्रवाल ने बयान दिया है कि हादसे के वक्त उन्होंने हाथ जोड़कर स्कॉर्पियो चालक से रुकने की गुहार लगाई, लेकिन उसने उनकी एक न सुनी। चालक ने स्कॉर्पियो को न सिर्फ उनके वाहन के ऊपर चढ़ा दिया, बल्कि उनके बेटे प्रणित के ऊपर से भी वाहन निकालता हुआ मौके से फरार हो गया।
घटना को लेकर पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगे हैं। घायल परिवार का कहना है कि अगर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया होता तो उसके शराब के नशे में होने की जांच की जा सकती थी, जिससे मामले की गंभीरता और स्पष्ट हो सकती थी।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने तुरंत उनका मेडिकल मुआयना नहीं करवाया, जिससे हादसे के साक्ष्य कमजोर पड़ सकते हैं। साथ ही प्रणित की मां सुरभि अग्रवाल का बयान अब तक दर्ज नहीं किया गया है, जबकि वह इस घटना की चश्मदीद और भुक्तभोगी हैं। सुरभि अग्रवाल ने अपने ढ़ाई साल के मासूम को इस हादसे में खो दिया है और खुद भी गंभीर रूप से घायल हैं।
घटना के बाद कांग्रेस ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए विरोध प्रदर्शन किया और मृतक मासूम प्रणित की याद में बड़े फहरा से कोतवाली थाने तक कैंडल मार्च निकाला। कांग्रेस नेता विनय सक्सेना ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित परिवार और कांग्रेस ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मांग की है कि जल्द से जल्द सुरभि अग्रवाल का बयान दर्ज किया जाए और इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि मासूम प्रणित और उसके परिवार को न्याय मिल सके।
मामले में जबलपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध समर वर्मा ने बताया कि इस मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई की है। वहीं पुलिस के द्वारा इस मामले को जघन्य मानते हुए आरोपी पर संगीन धाराएं लगाई गई हैं।
इस दर्दनाक घटना के बाद शहर में जन आक्रोश फैल गया है, और लोग पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस की लापरवाही और आरोपी की निर्दयता ने लोगों को हिला दिया है। इस मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं, और जनमानस में यह भावना है कि अगर समय पर कार्रवाई होती, तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था।
जानें पूरा मामला
घायल सौरभ अग्रवाल ने बयान दिया है कि हादसे के वक्त उन्होंने हाथ जोड़कर स्कॉर्पियो चालक से रुकने की गुहार लगाई, लेकिन उसने उनकी एक न सुनी। चालक ने स्कॉर्पियो को न सिर्फ उनके वाहन के ऊपर चढ़ा दिया, बल्कि उनके बेटे प्रणित के ऊपर से भी वाहन निकालता हुआ मौके से फरार हो गया।
पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने तुरंत उनका मेडिकल मुआयना नहीं करवाया, जिससे हादसे के साक्ष्य कमजोर पड़ सकते हैं। साथ ही प्रणित की मां सुरभि अग्रवाल का बयान अब तक दर्ज नहीं किया गया है, जबकि वह इस घटना की चश्मदीद और भुक्तभोगी हैं। सुरभि अग्रवाल ने अपने ढ़ाई साल के मासूम को इस हादसे में खो दिया है और खुद भी गंभीर रूप से घायल हैं।
कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन और कैंडल मार्च
मामले में की गई त्वरित कार्रवाई
जन आक्रोश और न्याय की मांग
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