परमिशन नहीं तो पोस्टर नहीं : बिना अनुमति लगाने पर 5 हजार का जुर्माना
Siddhi Tamrakar | Dec 18, 2024, 13:10 IST
illegal poster
मध्य प्रदेश सरकार ने जन विश्वास बिल 2023 विधानसभा में पेश किया, जिसमें 6 विभागों के कानूनों में बदलाव किया जाएगा। नए कानून के तहत छोटे उल्लंघनों पर जुर्माने के बजाय पेनल्टी का प्रावधान किया गया है। पढ़ें पूरी खबर इस लेख में...
मध्य प्रदेश सरकार ने जन विश्वास बिल 2023 विधानसभा में पेश किया, जिसमें 6 विभागों के कानूनों में बदलाव किया जाएगा। नए कानून के तहत छोटे उल्लंघनों पर जुर्माने के बजाय पेनल्टी का प्रावधान किया गया है। बिना अनुमति पोस्टर लगाने पर 500 रुपए की बजाय 5 हजार रुपए की पेनल्टी लगेगी। अवैध भवन निर्माण, बिना अनुमति पेड़ काटने, और पानी की निकासी में बदलाव जैसे मामलों में जुर्माना बढ़ाया गया है। जनविश्वास कानून का उद्देश्य उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देना और जनता के लिए कानूनी प्रक्रियाओं को आसान बनाना है।
मध्य प्रदेश सरकार ने जन विश्वास बिल 2023 विधानसभा में पेश किया है, जिसमें 6 विभागों के कानूनों में संशोधन किया जाएगा। इस बिल का मुख्य उद्देश्य उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देना है। इसके तहत जुर्माने के बजाय पेनल्टी का प्रावधान किया गया है। अब बिना अनुमति पोस्टर लगाने पर 500 रुपए की बजाय 5 हजार रुपए की पेनल्टी लगेगी।
नए जनविश्वास कानून में निम्नलिखित प्रावधान शामिल किए गए हैं:-
• बिना अनुमति पोस्टर लगाना:
वर्तमान में 500 रुपए का जुर्माना था, जिसे बढ़ाकर 5 हजार रुपए किया जाएगा।
हर दिन 100 रुपए की अतिरिक्त पेनल्टी लगेगी।
• किराए की जानकारी न देने पर दंड:
प्रॉपर्टी के किराए में बढ़ोतरी की जानकारी न देने पर अब 200 रुपए की बजाय 1 हजार रुपए की पेनल्टी।
• अवैध निर्माण और पेड़ काटना:
अवैध भवन निर्माण पर पेनल्टी 5 हजार रुपए से अधिक की जाएगी।
बिना अनुमति पेड़ काटने पर जुर्माना 500 रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए।
• नगरीय विकास और जल प्रबंधन:
बिना अनुमति पानी की निकासी का रास्ता बदलने पर पेनल्टी 500 रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए।
मेन पाइप लाइन से अवैध नल कनेक्शन करने पर भी 5 हजार रुपए की पेनल्टी।
जनविश्वास बिल पर विधानसभा में 19-20 दिसंबर को चर्चा होगी। इसके बाद इसे राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। सरकार का लक्ष्य इसे 1 जनवरी 2025 से लागू करना है।
मध्य प्रदेश सरकार ने जन विश्वास बिल 2023 विधानसभा में पेश किया है, जिसमें 6 विभागों के कानूनों में संशोधन किया जाएगा। इस बिल का मुख्य उद्देश्य उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देना है। इसके तहत जुर्माने के बजाय पेनल्टी का प्रावधान किया गया है। अब बिना अनुमति पोस्टर लगाने पर 500 रुपए की बजाय 5 हजार रुपए की पेनल्टी लगेगी।
कानून में क्या-क्या बदलाव होंगे?
• बिना अनुमति पोस्टर लगाना:
वर्तमान में 500 रुपए का जुर्माना था, जिसे बढ़ाकर 5 हजार रुपए किया जाएगा।
हर दिन 100 रुपए की अतिरिक्त पेनल्टी लगेगी।
• किराए की जानकारी न देने पर दंड:
प्रॉपर्टी के किराए में बढ़ोतरी की जानकारी न देने पर अब 200 रुपए की बजाय 1 हजार रुपए की पेनल्टी।
• अवैध निर्माण और पेड़ काटना:
अवैध भवन निर्माण पर पेनल्टी 5 हजार रुपए से अधिक की जाएगी।
बिना अनुमति पेड़ काटने पर जुर्माना 500 रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए।
• नगरीय विकास और जल प्रबंधन:
बिना अनुमति पानी की निकासी का रास्ता बदलने पर पेनल्टी 500 रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए।
मेन पाइप लाइन से अवैध नल कनेक्शन करने पर भी 5 हजार रुपए की पेनल्टी।
जनता को क्या लाभ होगा?
• छोटे उल्लंघनों के लिए अब कोर्ट के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। • संबंधित विभाग के अधिकारी सीधे पेनल्टी तय करेंगे। • कानूनों का पालन सुनिश्चित करने में आसानी होगी।
लागू होने की प्रक्रिया
FAQ
- जनविश्वास कानून क्या है?
यह कानून उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है, जिसमें जुर्माने के बजाय पेनल्टी का प्रावधान है। - बिना अनुमति पोस्टर लगाने पर क्या पेनल्टी होगी?
बिना अनुमति पोस्टर लगाने पर अब 5 हजार रुपए की पेनल्टी लगेगी। - इस कानून से आम जनता को क्या लाभ होगा?
छोटे उल्लंघनों के लिए अब कोर्ट नहीं जाना पड़ेगा; संबंधित विभाग के अधिकारी पेनल्टी तय करेंगे। - यह कानून कब से लागू होगा?
सरकार इसे 1 जनवरी 2025 से लागू करने की योजना बना रही है। - किराए की जानकारी न देने पर क्या पेनल्टी है?
प्रॉपर्टी किराए की जानकारी न देने पर 200 रुपए की जगह 1 हजार रुपए की पेनल्टी लगेगी।
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