MP मंडी बोर्ड में अवैध पदस्थापना : हाईकोर्ट ने GAD के आदेश को किया रद्द

Jitendra Shrivastava | Aug 23, 2025, 16:58 IST
Share
MP-mandi-board
Photograph: (THESOOTR)

मध्य प्रदेश मंडी बोर्ड के प्रवंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम की अवैध पदस्थापना को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया। बिना प्रक्रिया अपनाए ट्रांसफर और पोस्टिंग की गईं।

मध्य प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड (Mandi Board) में हाल ही में की गई पदस्थापना और ट्रांसफर के आदेशों पर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है।

कोर्ट ने इन आदेशों को अवैध और नियमों के खिलाफ करार देते हुए उन्हें निरस्त कर दिया। इस फैसले के पीछे यह तर्क था कि इन पदस्थापनों में नियमों का उल्लंघन किया गया था और बिना उचित प्रक्रिया के कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी।

मप्र मंडी बोर्ड में क्या हुआ था

मध्य प्रदेश मंडी बोर्ड में प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम ने कई अधिकारियों की पदस्थापना और ट्रांसफर बिना उचित प्रक्रिया के किए थे। जिनमें प्रमुख रूप से जबलपुर और ग्वालियर के आंचलिक कार्यालय शामिल थे। इन बदलावों को लेकर कुछ अधिकारियों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और याचिका दायर की।

ये खबरें भी पढ़ें...

एक डिनर मीटिंग जिसने तय की एमपी की सियासत... दिग्विजय सिंह ने बताई कमलनाथ सरकार गिरने की पूरी कहानी

जबलपुर में फ्लाईओवर का लोकार्पणः गडकरी का ऐलान- प्रदेश को मिलेगा ग्रीनफील्ड हाईवे और टाइगर रिजर्व कॉरिडोर

हाईकोर्ट का निर्णय

हाईकोर्ट ने इस मामले में आदेश दिया कि मंडी बोर्ड के अंचलिक कार्यालयों में पदस्थापना और ट्रांसफर के आदेशों को अवैध करार दिया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि GAD (General Administration Department) को इस तरह की नियुक्तियां करने का कानूनी अधिकार नहीं है। इन आदेशों को रद्द करते हुए न्यायालय ने सरकार को उचित प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए।

इन पॉइंट्स पर आया हाईकोर्ट का फैसला...

👉 हाईकोर्ट का आदेश: मध्य प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रवंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम द्वारा की गई पदस्थापना को हाईकोर्ट ने अवैध करार दिया।
👉 पदस्थापना में नियमों का उल्लंघन: जबलपुर और ग्वालियर के अंचलिक कार्यालयों में नियमों के खिलाफ पदस्थापना की गई थी।
👉 जबलपुर में बदलाव: जबलपुर कार्यालय में रोहणी प्रसाद चक्रवर्ती को 1 अगस्त 2025 को पदस्थापित किया गया था, लेकिन तीन दिन बाद इसे बदलकर शाहिद खान को पदस्थ किया गया।
👉 ग्वालियर से ट्रांसफर रद्द: ग्वालियर में सुरेश कुमार कुमरे का ट्रांसफर आदेश हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया।
👉 GAD को अधिकार नहीं: मध्य प्रदेश के GAD को मंडी बोर्ड में सीधे पदस्थापना करने का कानूनी अधिकार नहीं है। हाईकोर्ट ने आदेश को रद्द किया।
👉 सुरेश कुमार की पदस्थापना बहाल: सुरेश कुमार कुमरे को ग्वालियर में उनकी पूर्ववर्ती पदस्थापना के अनुसार बरकरार रखा गया।
👉 प्रशासनिक अधिकारियों की जरूरत नहीं: हाईकोर्ट ने कहा कि मंडी बोर्ड में केवल विषय के जानकारों की आवश्यकता है, प्रशासनिक अधिकारियों की नहीं।

ये खबरें भी पढ़ें...

इंदौर CRIME BRANCH ने गुजरात से बरामद किया 4.80 करोड़ का चोरी गया सोना, ड्राइवर समेत एक और को पकड़ा

कांग्रेस नेता ने कहा- लाड़ली बहनों को बोरी में भर देंगे, भोपाल में बीजेपी महिला मोर्चा ने किया विरोध प्रदर्शन

मंडी बोर्ड में पदस्थापना...

मंडी बोर्ड में नई पदस्थापना की प्रक्रिया काफी जटिल और निर्धारित है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा निर्धारित विज्ञापन और प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होता है। लेकिन कुमार पुरुषोत्तम ने बिना किसी विज्ञापन और कानूनी प्रक्रिया के अनेक अधिकारियों को पदस्थ कर दिया था। यह न केवल नियमों का उल्लंघन था बल्कि प्रशासनिक भ्रष्टाचार का संकेत भी था।

FAQ

  1. मंडी बोर्ड की पदस्थापना क्यों अवैध करार दी गई?
    हाईकोर्ट ने यह फैसला दिया क्योंकि मंडी बोर्ड के प्रवंध संचालक द्वारा नियुक्तियाँ बिना उचित प्रक्रिया के की गईं। GAD को इस प्रकार की नियुक्तियाँ करने का कानूनी अधिकार नहीं था। कोर्ट ने इन्हें अवैध करार देते हुए निरस्त किया।
  2. हाईकोर्ट के फैसले से अधिकारियों की क्या स्थिति बनी?
    हाईकोर्ट ने सुरेश कुमार कुमरे की ग्वालियर में पदस्थापना को बहाल किया। वहीं, अन्य अवैध पदस्थापना को रद्द कर दिया और संबंधित विभागों को आदेश दिया कि उचित प्रक्रिया अपनाए।
  3. क्या मंडी बोर्ड में नियुक्तियां बिना विज्ञापन के की जा सकती हैं?
    नहीं, मंडी बोर्ड में नियुक्तियां बिना किसी विज्ञापन और निर्धारित प्रक्रिया के नहीं की जा सकतीं। इस तरह की नियुक्तियाँ नियमों के खिलाफ होती हैं, और कोर्ट ने इन्हें रद्द कर दिया है।

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧👩



Tags:
  • जबलपुर
  • मध्य प्रदेश
  • हाईकोर्ट का फैसला
  • नई पदस्थापना
  • कुमार पुरुषोत्तम
  • मध्य प्रदेश मंडी बोर्ड
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज