एक देश एक स्टाइपेंड की मांग को लेकर सड़क पर उतरे MBBS छात्र, NEET का भी उठा मुद्दा
Neel Tiwari | Jul 19, 2026, 17:45 IST
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जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस इंटर्न और छात्र सड़कों पर उतरे। उन्होंने इंटर्न स्टाइपेंड 14,337 रुपए से बढ़ाकर 30 हजार रुपए करने की मांग की। प्रदर्शन में NEET पेपर लीक, समान स्टाइपेंड और हर साल बढ़ोतरी जैसे मुद्दे भी उठाए गए।
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला
• उनका कहना है कि मध्य प्रदेश में देश के सबसे कम स्टाइपेंड में से एक मिलता है।
• प्रदर्शन में NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए।
• छात्रों ने राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर चार प्रमुख मांगें रखीं।
• इंटर्न चाहते हैं कि स्टाइपेंड 14,337 रुपए से बढ़ाकर कम से कम 30 हजार रुपए किया जाए।
एमपी के MBBS इंटर्न उतरे सड़क पर
प्रदर्शन केवल स्टाइपेंड तक सीमित नहीं रहा। छात्रों ने NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य को लेकर भी अपनी चिंता खुलकर रखी। उनका कहना था कि मेहनत करने वाले छात्रों को बार-बार ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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छात्रा बोलीं, समान काम तो समान स्टाइपेंड क्यों नहीं?
उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में इंटर्न को 40 हजार रुपए से ज्यादा मिलते हैं। वहीं मध्य प्रदेश में केवल 14,337 रुपए दिए जाते हैं। उनका कहना था कि इतनी राशि आज के खर्च के हिसाब से बहुत कम है। अंकिता ने यह भी कहा कि हर बार छात्रों को अपनी मांग मनवाने के लिए सड़क पर उतरना पड़ता है। उनका सवाल था कि सरकार बिना आंदोलन के छात्रों की बात क्यों नहीं सुनती।
NEET पेपर लीक पर भी जताई नाराजगी
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दूसरे राज्यों से पीछे क्यों है मध्य प्रदेश?
बिहार में 27 हजार रुपए, केरल में 26 हजार रुपए और तमिलनाडु में 25 हजार रुपए मिलते हैं। वहीं मध्य प्रदेश में केवल 14,337 रुपए दिए जाते हैं। इसी अंतर को खत्म करने की मांग की गई। छात्रों का कहना है कि प्रदेश में एमबीबीएस की फीस पहले से काफी बढ़ चुकी है। लेकिन स्टाइपेंड उसी रफ्तार से नहीं बढ़ा। इससे पढ़ाई पूरी करने वाले डॉक्टर आर्थिक दबाव महसूस करते हैं।
24 से 36 घंटे की ड्यूटी का भी दिया हवाला
छात्रों ने रखीं चार बड़ी मांगें
दूसरी मांग फीस और स्टाइपेंड के बीच संतुलन बनाने की है। तीसरी मांग हर साल स्वतः स्टाइपेंड बढ़ाने की व्यवस्था लागू करने की है।
चौथी मांग यह है कि सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों के सभी एमबीबीएस इंटर्न को समान स्टाइपेंड दिया जाए।
सरकार से यह है MBBS छात्रों की उम्मीद
जबलपुर का यह प्रदर्शन केवल स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग नहीं है। यह मेडिकल छात्रों की आर्थिक स्थिति, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवाल भी सामने लाता है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि मध्य प्रदेश सरकार इन मांगों पर क्या फैसला लेती है।
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