एमपी में बढ़ रहे बाल विवाह के मामले, लड़कियों से ज्यादा लड़कों की हो रही शादी
Kaushiki | Jun 09, 2026, 11:15 IST
MP CHILD MARRIAGE
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-6) के नए आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में लड़कों का बाल विवाह लड़कियों से ज्यादा हो रहा है। प्रदेश में 25% पुरुषों की शादी 21 साल की कानूनी उम्र से पहले हो रही है, जो राष्ट्रीय औसत से 9% अधिक है।
समझें क्या है पूरा मामला
- नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-6) ने बाल विवाह पर नए आंकड़े जारी किए हैं।
- मध्य प्रदेश में लड़कियों से ज्यादा लड़कों का बाल विवाह हो रहा है।
- राज्य में हर 100 में से 25 लड़कों की शादी तय उम्र से पहले हुई।
- लड़कों के बाल विवाह का यह आंकड़ा नेशनल एवरेज से 9% अधिक है।
- स्कूल ड्राप आउट यानी पढ़ाई छूटते ही बच्चों पर शादी का दबाव बढ़ जाता है।
एमपी में लड़कों का बाल विवाह क्यों बढ़ रहा है
अब राज्य में लड़कों के बाल विवाह के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे यानी एनएफएचएस-6 की रिपोर्ट इसके सीधे गवाह पेश करती है। इस सरकारी रिपोर्ट के आंकड़े काफी चिंताजनक दिखाई देते हैं। आइए जानें क्या है इस रिपोर्ट में...
Child Marriage in MP
क्या है NFHS-6 की रिपोर्ट डेटा
इसके बावजूद 25 प्रतिशत लड़के इस उम्र से पहले ही दूल्हा बन रहे हैं। ये आंकड़ा भारत के राष्ट्रीय औसत 15.9 प्रतिशत से करीब 9% ज्यादा दर्ज हुआ है। इस वजह से राज्य की सोशल पॉलिसी पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या लड़कियों के बाल विवाह मामलों में सुधार हुआ
पहले यह आंकड़ा करीब 23.1 प्रतिशत के आसपास दर्ज किया गया था। अब महिलाओं के मामले में मध्य प्रदेश राष्ट्रीय औसत से थोड़ा बेहतर स्थिति में है। भारत में महिलाओं के बाल विवाह का नेशनल एवरेज 20.1 प्रतिशत है।
ग्रामीण-शहरी इलाकों के आंकड़ों में अंतर है
इसके विपरीत शहरी इलाकों में यह आंकड़ा केवल 16.2 प्रतिशत ही मिला है। लड़कियों के मामले में भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बहुत बड़ा अंतर है। गांवों में 23.4% लड़कियों की शादी हुई, जबकि शहरों में यह सिर्फ 9% है।
पढ़ाई छूटने का बाल विवाह से क्या है कनेक्शन
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और खराब है, जहां सिर्फ 26% लड़कियां वहां पहुंचती हैं। लड़कों में भी 10 साल या उससे ज्यादा पढ़ने वालों का संख्या सिर्फ 42% है। स्कूल बंद होते ही घरों में शहनाई बजना शुरू हो जाती है।
Child Marriage in MP
बाल विवाह रोकने के लिए कानून में क्या सजा तय है
इसके साथ ही उन पर भारी जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है। अगर आपको कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो तुरंत एक्शन लें। आप चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 या महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर कॉल कर सकते हैं।
FAQ
- एनएफएचएस-6 के मुताबिक मध्य प्रदेश में पुरुषों के बाल विवाह का क्या प्रतिशत है?
एनएफएचएस-6 की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में 25% पुरुषों का विवाह 21 वर्ष की कानूनी उम्र से पहले हो जाता है। यह आंकड़ा भारत के राष्ट्रीय औसत 15.9% से लगभग 9% अधिक है, जो राज्य में लड़कों की कम उम्र में शादी के बढ़ते ट्रेंड को दिखाता है। - क्या मध्य प्रदेश में लड़कियों के बाल विवाह के मामलों में कमी आई है?
हां, मध्य प्रदेश में लड़कियों के बाल विवाह में सुधार हुआ है। पिछले चार सालों में यह आंकड़ा 23.1% से घटकर 20% पर आ गया है। अब राज्य की स्थिति इस मामले में राष्ट्रीय औसत 20.1% से थोड़ी बेहतर हो गई है, हालांकि चुनौती अब भी बड़ी है। - बाल विवाह की शिकायत करने के लिए सरकार ने कौन से हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं?
यदि आपके आसपास कहीं भी बाल विवाह हो रहा है, तो आप तुरंत सरकारी चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कॉल करके इसकी जानकारी दे सकते हैं। इसके अलावा महिलाओं की सहायता और किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए महिला हेल्पलाइन नंबर 181 भी हमेशा उपलब्ध रहता है।
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