9 साल की उम्र में हुआ था बाल विवाह, कानूनी लड़ाई का सहारा लिया, कोर्ट ने अब सुनाया आजादी का फैसला
Jageshwar prasad | May 06, 2026, 12:47 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के जोधपुर में बाल विवाह को शून्य घोषित कर दिया गया। 9 साल की उम्र में हुई शादी के खिलाफ युवती ने कानूनी लड़ाई लड़ी और जीती। अब सीमा आजादी की खुली हवा में सांस ले सकेगी।
News In Short
- 9 साल की उम्र में सीमा का हुआ था बाल विवाह।
- सीमा ने रिश्ते को स्वीकार करने से किया इनकार।
- बाल विवाह को रद्द करने के लिए वाद दायर किया।
- कोर्ट ने सुनवाई के बाद बाल विवाह को किया निरस्त।
- सीमा ने कहा, अब मैं आज़ाद, अपना भविष्य संवारूंगी।
News In Detail
9 साल की उम्र में थोपा गया था रिश्ता
हालांकि, जैसे-जैसे सीमा बड़ी हुई, उसने इस थोपे गए रिश्ते को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। करीब एक दशक तक वह भारी सामाजिक दबाव, पारिवारिक उलझनों और कठिन परिस्थितियों से जूझती रही, लेकिन उसने हार नहीं मानी।
अदालत में मिली कानूनी जीत
सुनवाई के दौरान मामला तब और पेचीदा हो गया जब कथित पति ने अदालत में बाल विवाह होने की बात से ही साफ़ इनकार कर दिया। ऐसे चुनौतीपूर्ण मोड़ पर सारथी ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी और प्रसिद्ध पुनर्वास मनोवैज्ञानिक डॉ. कृति भारती ने कमान संभाली।
उन्होंने अदालत के समक्ष पुख्ता दस्तावेजी साक्ष्य और ठोस प्रमाण पेश किए। पूरे घटनाक्रम की स्पष्टता और सबूतों की मज़बूती को देखते हुए न्यायाधीश वरुण तलवार ने प्रस्तुत साक्ष्यों को विश्वसनीय माना और बाल विवाह को निरस्त करने का आदेश जारी किया।
लड़ाई में इनका मिला सहयोग
अब मैं आज़ाद हूं और अपना भविष्य संवारूंगी
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