केंद्र सरकार की किसानों को राहत: अब नॉमिनी भी बेच सकेगा किसान की मूंग-उड़द फसल,

Sanjay Dhiman | Aug 04, 2026, 16:39 IST
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मध्यप्रदेश में बायोमेट्रिक सत्यापन बार-बार फेल होने वाले किसानों के लिए केंद्र सरकार ने राहत दी है। अब नॉमिनी भी मूंग-उड़द बेच सकेगा, पर पैसा किसान के खाते में ही जाएगा।

केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत दी है। जिन किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन बार-बार फेल हो रहा है, उनके लिए खास छूट आई है। अब ऐसे किसान अपनी उपज नॉमिनी के जरिए भी बेच सकेंगे। लेकिन पैसा सिर्फ किसान के ही बैंक खाते में जाएगा। साथ ही मूंग-उड़द बेचने की स्लॉट बुकिंग तारीख भी बढ़ाई गई है।

मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर मूंग और उड़द की खरीदी चल रही है। इसी बीच केंद्र सरकार ने मंगलवार को एक अहम आदेश जारी किया। केंद्रीय कृषि विभाग ने साफ कहा कि आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन बार-बार फेल होने वाले किसानों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। ऐसे किसानों के लिए विशेष व्यवस्था बनाई गई है।

नॉमिनी बेच सकेगा उपज

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बारे में जानकारी दी। उनके मुताबिक अब किसान अपनी उपज नामित प्रतिनिधि यानी नॉमिनी के माध्यम से भी बेच सकेंगे। यह सुविधा उन किसानों के लिए है, जिनका बायोमेट्रिक सत्यापन तकनीकी कारणों से बार-बार अटक रहा है। मंत्री ने कहा कि कोई भी पात्र किसान तकनीकी दिक्कत की वजह से समर्थन मूल्य पर बिक्री से वंचित नहीं रहना चाहिए।

यह छूट हर किसान के लिए नहीं है। सिर्फ वास्तविक और खास परिस्थितियों में ही यह सुविधा मिलेगी। सामान्य स्थिति में किसान को खुद ही अपनी उपज बेचनी होगी।

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भुगतान सिर्फ किसान के खाते में

नॉमिनी के जरिए बिक्री की सुविधा तो मिली है, पर शर्तें सख्त रखी गई हैं। सबसे बड़ी शर्त भुगतान से जुड़ी है। खरीदी की पूरी रकम सिर्फ किसान के पंजीकृत बैंक खाते में ही जाएगी। किसी भी हाल में नॉमिनी के खाते में पैसा नहीं भेजा जाएगा।

इसके अलावा किसान का सत्यापन और फोटो भी जरूरी होगा। सिर्फ नॉमिनी के दस्तावेज से काम नहीं चलेगा। केंद्र सरकार ने यह भी साफ किया कि नॉमिनी की पहचान की पूरी जांच होगी।

प्रतिनिधि के लिए भी शर्तें

नॉमिनी के लिए भी सत्यापन प्रक्रिया अनिवार्य रखी गई है। प्रतिनिधि का ओटीपी आधारित ई-केवाईसी (e-KYC – Electronic Know Your Customer) कराना होगा। इसके साथ ही उसका बायोमेट्रिक सत्यापन भी जरूरी होगा। बिना इस प्रक्रिया के नॉमिनी उपज नहीं बेच सकेगा।

सरकार का मकसद साफ है। तकनीकी दिक्कत से किसी किसान का नुकसान न हो, लेकिन सिस्टम में गड़बड़ी की गुंजाइश भी न रहे। इसी वजह से दोहरी सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई है।

स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ी

इसी बीच मध्यप्रदेश सरकार ने भी किसानों को राहत दी है। मूंग-उड़द खरीद के लिए स्लॉट बुकिंग की आखिरी तारीख बढ़ा दी गई है। अब किसान 10 अगस्त तक अपना स्लॉट बुक करा सकेंगे।

सरकारी केंद्रों पर खरीद प्रक्रिया 20 अगस्त तक चलेगी। यानी किसानों के पास उपज बेचने के लिए अच्छा खासा समय है।

दोबारा स्लॉट बुक करने की सुविधा भी

जिन किसानों ने 30 जुलाई तक अपनी उपज बेच दी है, उनके लिए भी अच्छी खबर है। ऐसे किसान अब दोबारा ई-उपार्जन पोर्टल पर स्लॉट बुक कर सकते हैं। इससे उन किसानों को भी मौका मिलेगा, जो बाकी बची उपज बेचना चाहते हैं।

कुल मिलाकर सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह पूरी व्यवस्था बनाई है। तकनीकी अड़चन और समय की कमी, दोनों समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश की गई है।

FAQ

  1. मूंग-उड़द बेचने के लिए नॉमिनी की सुविधा किसे मिलेगी?
    यह सुविधा उन किसानों के लिए है जिनका बायोमेट्रिक सत्यापन बार-बार फेल हो रहा है। यह सिर्फ वास्तविक और खास मामलों में लागू होगी। सामान्य किसानों के लिए पुरानी प्रक्रिया ही चलेगी।
  2. भुगतान किसके खाते में होगा, किसान का या नॉमिनी का?
    भुगतान सिर्फ पंजीकृत किसान के बैंक खाते में ही किया जाएगा। किसी भी परिस्थिति में नॉमिनी के खाते में पैसा नहीं जाएगा। यह शर्त सख्ती से लागू रहेगी।
  3. मूंग-उड़द स्लॉट बुकिंग की आखिरी तारीख क्या है?
    किसान अब 10 अगस्त तक अपना स्लॉट बुक करा सकते हैं। सरकारी केंद्रों पर खरीद 20 अगस्त तक चलेगी। जिन्होंने 30 जुलाई तक बेच दिया है, वे दोबारा बुकिंग कर सकते हैं।
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