लेडी अफसर और नपा अध्यक्ष से मांगी फिरौती, परिवहन अधिकारी बोलीं- जहां भी जाती थी, पीछा करते थे...

मध्य प्रदेश के मुरैना में रसूखदारों को निशाना बनाने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। इसने महिला आरटीओ और नपा अध्यक्ष से लाखों की फिरौती मांगी थी।

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Amresh Kushwaha
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Morena. मध्यप्रदेश के मुरैना से डिजिटल ब्लैकमेलिंग का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां सोशल मीडिया को हथियार बनाकर रसूखदार लोगों को ब्लैकमेल किया जा रहा था।

इस गिरोह के निशाने पर कोई और नहीं, बल्कि जिले की परिवहन अधिकारी और नगर पालिका (नपा) अध्यक्ष थे। पुलिस ने मुख्य आरोपी सपन जादौन को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके अन्य साथी फिलहाल फरार हैं।

आरोपी ने की महिला अफसर की जासूसी

परिवहन अधिकारी अर्चना परिहार ने बताया कि पिछले तीन महीने उनके लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं थे। अर्चना वर्तमान में गर्भावस्था के अंतिम चरण में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपन जादौन और उसके साथियों ने उनके फोटो सोशल मीडिया पर डालकर उन्हें भ्रष्ट घोषित कर दिया।

हद तो तब हो गई जब अर्चना की रैकी शुरू कर दी गई। आरोपी उनके दफ्तर के कर्मचारियों को फोन कर बताते थे कि मैडम आज कहां चेकअप के लिए गई हैं और किससे मिली हैं। इस मानसिक दबाव के बीच उनसे 4 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई थी।

नपा अध्यक्ष से की गई 10 लाख की डिमांड

दूसरा मामला सबलगढ़ के नगर पालिका अध्यक्ष सोनाराम धाकड़ से जुड़ा है। सपन जादौन ने सोशल मीडिया पर धाकड़ के खिलाफ भ्रामक पोस्ट डालकर भ्रष्टाचार का खुलासा करने की धमकी दी।

आरोपियों ने धाकड़ के बेटे के मोबाइल पर एक लिंक और बारकोड भेजा और 10 लाख रुपए की मांग की। डराने के लिए पहले आरोपियों ने ट्रायल के तौर पर पैसे मांगे, तो बेटे ने 10 हजार रुपए ट्रांसफर भी कर दिए थे। लेकिन जब ब्लैकमेलिंग नहीं रुकी, तब मामला पुलिस तक पहुंचा।

आरोपी ऐसे फंसाते थे जाल में...

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का काम करने का तरीका बेहद शातिर था।

  • टारगेट सिलेक्शन: सबसे पहले किसी रसूखदार व्यक्ति को चुना जाता था।

  • डेटा माइनिंग: उसके फोटो और अधूरी जानकारियां जुटाई जाती थीं।

  • सोशल प्रेशर: फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बड़ा खुलासा होगा लिखकर माहौल बनाया जाता था।

  • डील मेकिंग: यदि टारगेट महिला होती, तो आरोपी लता भदौरिया बात करती थी और पुरुष होने पर अन्य साथी संपर्क साधते थे।

खाकी की मिलीभगत 

अर्चना परिहार ने एफआईआर में आरक्षक अनिल तोमर और उसकी पत्नी लता भदौरिया का भी नाम लिया है। खबरें हैं कि यह रंजिश ट्रैक्टर से जुड़े एक पुराने विभागीय विवाद के कारण चल रही थी।

परिवहन विभाग को अदालत से दो बार क्लीन चिट मिल चुकी थी, लेकिन आरोपी फिर भी दबाव बनाकर समझौता करने और पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहे थे।

जयपुर से पकड़ा गया मास्टरमाइंड

मुरैना के एसपी समीर सौरभ के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीडीआर (Call Detail Record) की मदद से सपन जादौन की लोकेशन जयपुर में ट्रैक की थी। उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

अब पुलिस सपन के सोशल मीडिया अकाउंट्स और बैंक ट्रांजेक्शंस की जांच कर रही है, ताकि गिरोह के बाकी सदस्यों, जैसे नवीन, शैलेंद्र और लता भदौरिया तक पहुंचा जा सके।

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