प्रॉपर्टी खरीदारों के लिए खुशखबरी: ढाई महीने में अपने-आप मिलेगी कॉलोनी की मंजूरी

Manya Jain | Jun 08, 2026, 15:50 IST
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mp new colony development rules
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राज्य में कॉलोनी विकास के नियमों में बड़ा बदलाव हुआ है। अब 60 दिन में अधिकारियों को फैसला लेना होगा, वरना ढाई महीने में अपने-आप मंजूरी मिल जाएगी। खरीदार अब ऑनलाइन सुविधाएं चेक कर सकेंगे।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • प्रदेश में अब कॉलोनी विकसित करने के लिए अधिकतम ढाई महीने (75 दिन) में अपने-आप मंजूरी मिल जाएगी।
  • अधिकारियों को आवेदन मिलने के 60 दिनों के भीतर फैसला लेना होगा, वरना नोटिस के बाद अनुमति स्वतः जारी हो जाएगी।
  • शहर और गांवों में एक जैसे नियम होने से अब ग्राम पंचायतों का हस्तक्षेप पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।
  • खरीदार अब घर बैठे ऑनलाइन चेक कर सकेंगे कि कॉलोनी में सड़क, पानी, बिजली और नाली जैसी व्यवस्थाएं हैं या नहीं।
  • बिल्डरों द्वारा सुविधाएं न देने पर प्रशासन उनकी बंधक प्रॉपर्टी बेचकर वहां विकास कार्य पूरा करवाएगा।
अब प्रदेश में नई कॉलोनी काटना या उसे विकसित करना बहुत आसान होने जा रहा है। सरकार एक ऐसा नियम लेकर आई है जिससे न तो कॉलोनाइजर्स को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ेंगे और न ही प्रॉपर्टी खरीदने वाले आम लोगों के साथ कोई धोखाधड़ी हो पाएगी। आइए इस पूरे मामले को बहुत ही आसान शब्दों में समझते हैं।

ढाई महीने में अपने-आप मिल जाएगी मंजूरी

अगर कोई डेवलपर या कॉलोनाइजर नई कॉलोनी विकसित करने के लिए आवेदन (Application) करता है, तो सरकारी अधिकारियों को 60 दिनों के भीतर उस पर फैसला लेना होगा।

अगर अधिकारी 60 दिनों में फैसला नहीं लेते हैं, तो उन्हें एक नोटिस दिया जाएगा। इस नोटिस का जवाब देने के लिए अधिकारियों के पास 15 दिनों का समय होगा। अगर इन 15 दिनों के बाद भी कोई कार्रवाई या प्रोसेस शुरू नहीं होती है, तो कॉलोनाइजर को कॉलोनी विकसित करने की स्वत: अनुमति (Automatic Approval) मिल जाएगी। यानी कुल ढाई महीने में काम शुरू करने का रास्ता साफ हो जाएगा।

इन दो अधिकारियों के पास होगी पावर

अब तक शहर और ग्रामीण इलाकों के लिए अलग-अलग नियम होने से काफी परेशानियां आती थीं। लेकिन अब सरकार ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कॉलोनी विकास के नियम (Colony Development Rules) एक जैसे कर दिए हैं।

बड़ा बदलाव: नियमों के एक समान होने से अब ग्राम पंचायतों का दखल (Interference) पूरी तरह खत्म हो जाएगा। अब मंजूरी देने का पूरा अधिकार सिर्फ दो बड़े अधिकारियों के पास रहेगा:
  • ग्रामीण कॉलोनियों के लिए: इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला कलेक्टर (Collector) के पास होगी।
  • शहरी कॉलोनियों के लिए: इसकी जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र के एसडीएम (SDM) संभालेंगे।

खरीदार ऑनलाइन जांच सकेंगे सुविधाएं

अक्सर लोग बंधक प्लॉटया मकान तो खरीद लेते हैं, लेकिन बाद में उन्हें पता चलता है कि कॉलोनी में न तो बिजली है और न ही पानी की निकासी का कोई साधन। इस धोखाधड़ी को रोकने के लिए प्रशासन अब हर कॉलोनाइजर की एक डिजिटल प्रोफाइल (Digital Profile) तैयार करने जा रहा है। इससे कॉलोनाइजर की जवाबदेही (Accountability) तय होगी।

खरीदार (Property Buyers) प्रॉपर्टी खरीदने से पहले ऑनलाइन जाकर कॉलोनी की सभी व्यवस्थाएं खुद देख और जांच सकेंगे।

ऑनलाइन क्या-क्या जांच सकेंगे खरीदार?

क्र.सं.जांचने योग्य मुख्य व्यवस्थाएं
1सड़क (Roads) की स्थिति
2नालियां और जल निकासी (Drainage System) की व्यवस्था
3स्ट्रीट लाइट (Street Lights) की सुविधा
4पीने का साफ पानी (Drinking Water)

सुविधाएं नहीं दीं, तो बंधक प्रॉपर्टी बेचेगा प्रशासन

अगर कोई कॉलोनाइजर कॉलोनी में वादे के मुताबिक सुविधाएं नहीं देता है, तो प्रशासन सख्त कदम उठाएगा। प्रशासन कॉलोनाइजर की बंधक रखी हुई प्रॉपर्टी (Mortgaged Properties) को खुद बेचेगा और उससे मिलने वाले पैसों से कॉलोनी में सड़क, पानी और बिजली जैसी अधूरी व्यवस्थाओं को पूरा कराएगा।

गरीब और कमजोर वर्ग के लिए 15% जमीन आरक्षित (Reservation)

इस नए प्रस्ताव में समाज के गरीब और कमजोर तबके का भी पूरा ध्यान रखा गया है। कॉलोनी में गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन जीने वाले लोगों के अलावा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और कम आय वर्ग (LIG) के लोगों को विशेष छूट मिलेगी। नई कॉलोनियों में इन दोनों वर्गों के लिए 15 प्रतिशत क्षेत्र आरक्षित (15% Reserved Area) रखना अनिवार्य होगा।

FAQ

  1. कॉलोनी विकसित करने की मंजूरी अब कितने समय में मिलेगी?
    कॉलोनी विकसित करने की मंजूरी अधिकतम ढाई महीने (75 दिन) में मिल जाएगी।
  2. खरीदार ऑनलाइन क्या जांच सकेंगे?
    खरीदार कॉलोनी की मुख्य व्यवस्थाओं की ऑनलाइन जांच कर सकेंगे।
  3. विधाएं न मिलने पर प्रशासन क्या कार्रवाई करेगा?
    प्रशासन कॉलोनाइजर की बंधक प्रॉपर्टी बेचकर विकास कार्य पूरा करेगा।
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