एमपी में नाइट शिफ्ट वालों की बढ़ेगी सैलरी, मोहन सरकार ला रही नया नियम

Kaushiki | Jul 17, 2026, 13:11 IST
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मध्यप्रदेश सरकार नाइट शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों को ज्यादा वेतन देने की तैयारी में है। नए ड्राफ्ट कानून के तहत एक घंटा रात की शिफ्ट डेढ़ घंटे के बराबर मानी जाएगी। साथ ही दुकानों-दफ्तरों को चौबीसों घंटे खोलने की छूट भी मिल सकती है।

MP Workers Alert: मध्यप्रदेश सरकार नाइट शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी लाने जा रही है। सरकार एक ऐसा नया कानून तैयार कर रही है, जो रात में काम करने वाले लोगों की सैलरी और वर्किंग आवर्स को पूरी तरह बदल देगा। इस नए ड्राफ्ट कानून का नाम है- एमपी कोड ऑन एम्पावरिंग वर्क स्पेसेज, 2026।

इसे अगले हफ्ते विधानसभा में पेश किया जा सकता है। इसके तहत एक घंटे की रात की शिफ्ट को डेढ़ घंटे के बराबर माना जाएगा। यह ड्राफ्ट कानून अगले हफ्ते विधानसभा में पेश किया जा सकता है। साथ ही दुकानों और दफ्तरों को चौबीसों घंटे खोलने की छूट देने की भी तैयारी है। आइए जानें क्या है ये मॉडल...

एमपी में नाइट शिफ्ट करने वालों को मिलेगी एक्सट्रा सैलरी, नया विधेयक लाने की  तैयारी में मोहन सरकार - nightshift workers in mp to get extra pay mohan  government preparing to ...
एमपी में नाइट शिफ्ट करने वालों को मिलेगी एक्सट्रा सैलरी, नया विधेयक लाने की तैयारी में मोहन सरकार - nightshift workers in mp to get extra pay mohan government preparing to ...


क्या कहता है नया कानून

इस प्रस्तावित कानून का नाम एमपी कोड ऑन एम्पावरिंग वर्क स्पेसेज, 2026 रखा गया है। यह ड्राफ्ट कानून राज्य सरकार को अधिकार देगा कि वह अधिसूचित रात की घंटों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए ज्यादा वेतन तय कर सके।

प्रोपोसड स्ट्रक्चर के तहत एक घंटे की रात की ड्यूटी को वेतन और काम के घंटे तय करने के लिए डेढ़ घंटे के दिन के काम के बराबर माना जाएगा। यानी नाइट शिफ्ट करने वाले कर्मचारियों को नियमित शिफ्ट के मुकाबले ज्यादा भुगतान मिल सकता है।

जापान के मॉडल से मिला आइडिया

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक,यह अनोखा नियम जापान और कई अन्य डेवलप्ड देशों के रात्रि-कार्य मॉडल (Night-work Models) की स्टडी के बाद तैयार किया गया है। चूंकि लगातार नाइट शिफ्ट करने से लोगों की बायोलॉजिकल क्लॉक और सोशल लाइफ पर असर पड़ता है,इसलिए उन्हें इस एक्स्ट्रा एफर्ट के लिए अतिरिक्त भुगतान मिलना ही चाहिए।

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दुकानों-दफ्तरों को क्या राहत

प्रस्तावित कानून व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लेकर नियमों को भी उदार बनाने की कोशिश करता है। इसके तहत दुकानों, दफ्तरों और अन्य प्रतिष्ठानों को राज्य सरकार की तय शर्तों के साथ चौबीसों घंटे संचालन की छूट दी जा सकती है।

यह ड्राफ्ट कानून राज्य सरकार के उस प्रयास का विस्तार है, जिसके तहत श्रम कानूनों को केंद्र सरकार की नीति के अनुरूप सरल और आधुनिक बनाया जा रहा है।

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महिलाओं के लिए क्या प्रावधान

नए कोड के तहत महिलाओं को भी रात की शिफ्ट में काम करने की अनुमति होगी। हालांकि इसके लिए नियोक्ताओं को सुरक्षा, आवागमन, इंफ्रास्ट्रक्चर और सहमति से जुड़ी शर्तों का पालन करना होगा।

ये शर्तें ऑक्युपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस (OSH) कोड, 2020 के अनुरूप होंगी। कानून राज्य सरकार को यह अधिकार भी देता है कि वह महिला-अनुकूल कार्यस्थल बनाने के लिए अतिरिक्त उपाय तय कर सके।

नए कोड के तहत अब महिलाओं को भी रात की शिफ्ट में काम करने की पूरी आजादी होगी। हालांकि, इसके लिए कंपनियों और एम्प्लॉयर्स को कड़ी शर्तों का पालन करना होगा:

  • महिलाओं की पूरी सहमति जरूरी होगी।
  • कंपनियों को सुरक्षा और आने-जाने के लिए सुरक्षित कैब/ट्रांसपोर्ट की सुविधा देनी होगी।
  • कार्यस्थल पर सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होगा।
फायदा क्या होगा: इस नए बदलाव से मार्केट में पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की इकॉनमी को एक बड़ा बूस्ट मिलेगा।

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मौजूदा नियमों में क्या दिक्कत है

फिलहाल रेस्टोरेंट रात एक बजकर तीस मिनट तक और सिनेमाघर रात एक बजे तक ही खुले रह सकते हैं। इससे नाइट शिफ्ट में काम करने वाले लोगों के लिए ड्यूटी के बाद देर रात कहीं जाना मुश्किल हो जाता है।

मौजूदा नियमों के तहत ज्यादातर प्रतिष्ठानों को रात एक बजकर तीस मिनट से सुबह चार बजे के बीच बंद रखना अनिवार्य है। इससे रेलवे स्टेशन जैसे परिवहन केंद्रों के आसपास के व्यवसायों को परिचालन में दिक्कत होती है। नया कोड इन्हीं खामियों को दूर करने की कोशिश करता है।

अधिकारियों ने कहा कि ज्यादा वेतन के जरिए रात की शिफ्ट को बढ़ावा देने से व्यवसायों को अपना कामकाज बढ़ाने का मौका मिलेगा। इससे पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए रोजगार के नए अवसर भी बन सकते हैं।

FAQ

  1. एमपी कोड ऑन एम्पावरिंग वर्क स्पेसेज, 2026 कानून क्या है?
    यह मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लाया जा रहा एक नया श्रम कानून है। इसके तहत नाइट शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों को ज्यादा वेतन देने और राज्य में दुकानों व दफ्तरों को चौबीसों घंटे (24/7) खुला रखने का प्रावधान शामिल किया गया है।
  2. नए नियम के मुताबिक नाइट शिफ्ट के वर्किंग आवर्स और सैलरी की गणना कैसे होगी?
    नए कानून के तहत रात की शिफ्ट के 1 घंटे के काम को दिन के डेढ़ घंटे (1.5 Hours) के बराबर माना जाएगा। इसका मतलब है कि नाइट शिफ्ट के कर्मचारियों को दिन की सामान्य शिफ्ट के मुकाबले डेढ़ गुना ज्यादा वेतन या ओवरटाइम मिल सकेगा।
  3. नए कानून के तहत महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम कराने के लिए कंपनियों के लिए क्या शर्तें हैं?
    कंपनियों को महिला कर्मचारियों की पूरी सहमति लेनी होगी। इसके अलावा उन्हें सुरक्षित कैब/ट्रांसपोर्ट की सुविधा, कार्यस्थल पर सुरक्षा गार्ड और सीसीटीवी जैसा मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर देना अनिवार्य होगा ताकि महिला सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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