सिंगरौली उप पंजीयक की सेवा समाप्त, तीसरी संतान बनी वजह, जानें मामला
Jitendra Shrivastava | Jun 12, 2026, 16:57 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. मध्यप्रदेश में दो बच्चों के नियम के उल्लंघन पर सिंगरौली के उप पंजीयक अशोक सिंह परिहार की सेवा समाप्त कर दी गई है। पूरा मामला विभागीय जांच के बाद सामने आया।
समझें क्या है पूरा मामला...
- तीसरी संतान निकली नौकरी जाने की वजह।
- दो बच्चों के नियम ने ले ली सरकारी कुर्सी।
- सिंगरौली के अफसर की सेवा हुई समाप्त।
- 2003 में जन्मी संतान बनी बर्खास्तगी का आधार।
- मध्यप्रदेश में बड़ी कार्रवाई, अधिकारी बर्खास्त।
अशोक सिंह की तीसरी संतान का जन्म 2003 में हुआ था। महानिरीक्षक पंजीयन कार्यालय ने यह आदेश 11 जून 2026 को जारी किया। पूरा मामला विभागीय जांच के बाद सामने आया।
क्या है मामला
क्या था पूरा आरोप
आरोप था कि शासकीय सेवा के दौरान उनकी तीन संतानें हुईं। तीसरी संतान अभिषेक सिंह का जन्म 19 नवंबर 2003 को हुआ। इसकी पुष्टि कलेक्टर सिंगरौली की संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट से भी हुई थी।
जांच में क्या सामने आया
अपने जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें तीसरी संतान संबंधी नियम की जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग ने कभी इस बारे में कोई पत्राचार नहीं किया।
अधिकारी की दलील क्यों नहीं चली
विभाग ने कहा कि किसी शासकीय सेवक को अपने हित से जुड़े नियम की जानकारी न होना स्वीकार योग्य नहीं है। बचाव में दिए गए समाचार पत्र की कटिंग को भी सबूत के तौर पर मान्य नहीं माना गया। कारण था कि उससे जुड़े शासन के आदेश साफ नहीं थे।
कौन सा नियम बना आधार
अंतिम आदेश में क्या कहा गया
आदेश में कहा गया कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1961 के नियम 6 और मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 10(8) में अशोक सिंह परिहार की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाती हैं। यह आदेश 11 जून 2026 को भोपाल से जारी हुआ। इस पर महानिरीक्षक पंजीयन मध्यप्रदेश के हस्ताक्षर हैं।
mp officer dismissed
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आदेश की प्रतिलिपि किन्हें भेजी गई
संबंधित अधिकारी से प्राप्ति की पुष्टि भी मांगी गई है। संपदा प्रभारी अधिकारी और स्थापना शाखा को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए सूचित किया गया है।
एमपी में दो बच्चों का नियम क्यों अहम
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