एमपी में न्यूनतम वेतन नहीं दिला पा रहे श्रम कानून, आउटसोर्स संगठन ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को लिखा पत्र
Sanjay Sharma | Apr 25, 2026, 13:33 IST
mp outsource employee
MP के आउटसोर्स कर्मचारी को तीन से पांच हजार वेतन मिल रहा है। जबकि न्यूनतम वेतन 12 हजार 425 रुपए है। श्रम संहिता में नए बदलाव को लागू हुए चार माह बीत चुके। इसके बावजूद आउटसोर्स कर्मचारियों की हालत मजदूरों से बदतर है।
News In Short
- सरकारी विभागों में आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन नहीं मिल रहा है।
- चौकीदार, पंप ऑपरेटर, रसोइए महज तीन से पांच हजार में काम कर रहे हैं।
- श्रम कानूनों का पालन सरकारी विभागों में पूरी तरह से नजरअंदाज हो रहा है।
- न्यूनतम मजदूरी की मांग को लेकर कर्मचारियों के लंबे समय से प्रदर्शन जारी हैं।
- विभागों और सरकार तक 50 हजार से ज्यादा कर्मचारियों ने शिकायतें भेजी हैं।
News In Detail
न्यूनतम मजदूरी के भुगतान की घोषणा और नियम श्रम विभाग के पोस्टरों में ही सिमटे हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों को श्रम कानून भी तय मानदेय नहीं दिला पा रहे हैं।
mp outsource employee
सरकारी वादे से उलट है हकीकत
mp outsource employee
कर्मचारियों के वेतन में हो रही कटौती
न्यूनतम वेतन के दावों की ये है हकीकत
ग्राम पंचायतों के चौकीदार को तीन से चार हजार मिलते हैं। पंप ऑपरेटर, भृत्य, सफाईकर्मी का भी यही हाल है। मध्यप्रदेश स्वास्थ्य विभाग के चतुर्थ श्रेणी आउटसोर्स को सात से आठ हजार मिल रहे हैं।
मध्यप्रदेश राजस्व विभाग के लोक यूथ सर्वेयरों को एक हजार महीना मिलता है। आदिवासी पंचायतों में पेसा मोबिलाइजर को चार हजार मिलते हैं। कोटवारों को दो से पांच हजार मानदेय दिया जा रहा है। ये भी कभी दो तो कभी चार माह में मिलता है। उनसे सेवा भूमि भी वापस ली जा रही है।
स्कूलों की मध्यान्ह भोजन कार्यकर्ताओं को चार हजार मिलते हैं। मनरेगा के मेट श्रमिकों को दो हजार भी नहीं मिलते। योग सहायक और प्रशिक्षकों को 4 हजार 500 रुपए मिलते हैं।
श्रम कानून भी नहीं कर पा रहे हितों की रक्षा
बताया गया है कैसे विभागों में अधिकारियों के सामने ही कर्मचारी से वेतन में कटौती की जाती है। वहीं उनसे सरकार के संज्ञान में इसे लाने की अपील भी की गई है।
mp bjp President Hemant Khandelwal
mp bjp President Hemant Khandelwal
सरकार की चुप्पी तोड़ने आंदोलन की चेतावनी
FAQ
- एमपी में आउटसोर्स कर्मचारी को कितना वेतन मिल रहा है?
एमपी में आउटसोर्स कर्मचारी (Outsource Employee) को 3 से 5 हजार रुपए महीना मिल रहा है। सरकार का घोषित न्यूनतम वेतन (Minimum Wage) 12 हजार 425 से 16 हजार 769 रुपए है। लेकिन स्कूलों में अंशकालीन कर्मचारियों को 4 से 5 हजार मिलते हैं। ग्राम पंचायत के चौकीदार, पंप ऑपरेटर को 3 से 4 हजार रुपए मिलते हैं। - आउटसोर्स कर्मचारी आंदोलन क्यों कर रहे हैं?
आउटसोर्स कर्मचारी इसलिए आंदोलन कर रहे हैं क्योंकि उन्हें न्यूनतम वेतन नहीं मिलता। सरकार 12 हजार की जगह 3 हजार दे रही है। 50 हजार से अधिक आवेदन देने पर भी सुनवाई नहीं हुई। अब वे 28 अप्रैल को भाजपा कार्यालय के सामने सांकेतिक सामूहिक आत्मदाह आंदोलन करेंगे। 26 हजार वेतन की मांग है। - सरकार ने कौन सी नौकरियां खत्म की हैं?
कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार ने 2003 के बाद तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियां खत्म कर दीं। ये नौकरियां गरीब, दलित, आदिवासी, ओबीसी वर्ग के लिए थीं। पहले शिक्षाकर्मी, पंचायत कर्मी, दैनिक वेतनभोगी को पूरा वेतन और पेंशन मिलती थी। अब सबको अस्थाई, आउटसोर्स कर्मचारी बना दिया गया है।
MP में डिप्टी जेलर ने दिया इस्तीफा, जेल अधीक्षक पर गाली-गलौज का लगाया आरोप
इंदौर में सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश लेने और मुख्यालय छोड़ने पर लगी रोक
टीकमगढ़ नगर पालिका को लाखों का चूना लगाया, गफ्फार को गंवानी पड़ी अध्यक्ष की कुर्सी
टीकमगढ़ के सरकारी स्कूल में मना बीजेपी का स्थापना दिवस, शिक्षक और डीईओ के बयान से मचा बवाल
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman