Oxford Economics Global Cities Index
दुनिया के 57 में से 46 उभरते शहर भारत के, जानें कौन सा राज्य रहा सबसे आगे
Kaushiki | Sept 23, 2026, 10:45 IST
Oxford Global Cities Index 2026
ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स ग्लोबल सिटीज इंडेक्स 2026 में बड़ा खुलासा हुआ है। दुनिया के 57 उभरते शहरों की सूची में अकेले भारत के 46 शहर शामिल हैं। इस सूची में मध्य प्रदेश के भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर ने भी अपनी जगह बनाई है।
Oxford Global Cities Index 2026: दुनियाभर की इकॉनमी में भारत का कद लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्लोबल लेवल पर हमारे देश के शहरों की नई पहचान बन रही है। ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स ने एक नई और डिटेल्ड रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट का नाम ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स ग्लोबल सिटीज इंडेक्स 2026 है। इस रिपोर्ट में दुनियाभर के एक हजार शहरों का स्टडी किया गया।
स्टडी के बाद 57 सबसे खास और उभरते शहरों की लिस्ट बनाई गई। इन 57 शहरों को Emerging Standouts यानी उभरते सितारे कहा गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसमें 46 शहर भारत के हैं। इसका सीधा सा मतलब है कि हर पांच में से चार शहर भारतीय हैं। यह डेटा साबित करता है कि आने वाले समय में भारत दुनिया की इकोनॉमी का मेन सेंटर बनने वाला है।
देश के छोटे और मध्यम शहर अब ग्लोबल लेवल पर अपनी मजबूत पकड़ बना रहे हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और हाई-प्रॉडक्टिविटी सेक्टर्स की वजह से ये ग्रोथ हासिल हुई है। टेक्नोलॉजी, फाइनेंस और बिजनेस सर्विसेज में भारतीय शहर बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। आइए, इस रिपोर्ट में डिटेल से समझते हैं।
![Oxford Economics Global Cities Index]()
इस ग्लोबल रिपोर्ट में मध्य प्रदेश का नाम बहुत ही गर्व के साथ लिया गया है। प्रदेश के तीन बड़े शहर इस खास इमर्जिंग लिस्ट में शामिल हुए हैं। इन शहरों में भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर के नाम शामिल हैं।
इन शहरों में हाई-प्रॉडक्टिविटी और पेस ऑफ डेवलपमेंट नेशनल एवरेज से काफी तेज है। भोपाल अपनी बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से आगे बढ़ा है। ग्वालियर में टूरिज्म और बिजनेस दोनों तेजी से बढ़ रहे हैं।
जबलपुर में इंडस्ट्रियल एक्टिविटीज और लोकल बिजनेस को नया बढ़ावा मिला है। यही कारण है कि इंटरनेशनल एक्सपर्ट्स ने इन तीनों को अपनी लिस्ट में रखा है। ये मध्य प्रदेश के इकनोमिक फ्यूचर के लिए एंकरेजिंग साइन है।
मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान के दो प्रमुख शहरों ने भी जगह बनाई है। जयपुर और उदयपुर को इस लिस्ट में शामिल किया गया है। उदयपुर अपनी संस्कृति और टूरिज्म की वजह से वैश्विक पटल पर चमका है।
जयपुर अपने व्यापार और हेरिटेज की वजह से लगातार इन्वेस्टर्स को आकर्षित कर रहा है। अगर राज्यों की बात करें तो तमिलनाडु सबसे आगे रहा है। तमिलनाडु के सबसे ज्यादा सात शहर इस अंतरराष्ट्रीय सूची में शामिल हैं।
इनमें चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरई, सेलम, तिरुचिरापल्ली, तिरुपुर और वेल्लोर शामिल हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र और गुजरात के भी 5-5 शहरों ने लिस्ट में जगह बनाई है। यह दिखाता है कि पूरे देश में विकास का काम चल रहा है।
कई लोगों के मन में सवाल होगा कि इमर्जिंग स्टैंडआउट्स का असल मतलब क्या होता है? ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के मुताबिक, ये केटेगरी उन डेवलपिंग सिटीज को दी जाती है जो बहुत तेज तरक्की करते हैं।
इन शहरों की प्रॉडक्टिविटी ग्रोथ अपने देश के औसत से काफी ज्यादा होती है। इसके साथ ही यहां 'पर कैपिटा इनकम' भी बहुत तेजी से बढ़ती है। ये शहर भविष्य के बड़े मेट्रो शहर बनने की क्षमता रखते हैं।
इन शहरों में निवेश करने पर बिजनेस को बहुत जल्दी सफलता मिलती है। भारत के 46 शहरों का इसमें होना यह दर्शाता है कि हमारे देश में नौकरियों और बिजनेस के नए मौके पैदा हो रहे हैं।
इस रिपोर्ट में भारतीय शहरों को कई अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है।
इस पूरी रिपोर्ट में बेंगलुरु ने एक बहुत ही अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम किया है। बेंगलुरु अकेला ऐसा भारतीय शहर है जो एक साथ तीन श्रेणियों में आया है। यह शहर रीजनल लीडर भी है, डेवलपिंग मेगा सिटी भी है और इमर्जिंग स्टार भी है।
टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप कल्चर ने इस शहर की किस्मत बदल दी है। पूरी दुनिया के निवेशक आज बेंगलुरु में अपना पैसा लगाना चाहते हैं। आने वाले समय में यह शहर दुनिया के सबसे विकसित शहरों को कड़ी टक्कर देगा।
रिपोर्ट में साल 2050 तक का एक बड़ा अनुमान भी पेश किया गया है। आर्थिक उत्पादन और जीडीपी के मामले में दिल्ली और मुंबई सबसे आगे रहेंगे। साल 2050 तक ये दोनों शहर सबसे ज्यादा जीडीपी ग्रोथ रजिस्टर्ड करेंगे। पापुलेशन और डेमोग्राफी के मामले में दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और बेंगलुरु आगे रहेंगे।
साल 2050 तक ये चारों शहर दुनिया की 20 सबसे बड़ी आबादी वाले शहरों में शामिल हो जाएंगे। हालांकि, रिपोर्ट में ये चेतावनी भी दी गई है कि इतनी बड़ी आबादी के लिए बुनियादी ढांचा मजबूत करना होगा। सड़कों, पानी और बिजली की व्यवस्था पर अभी से काम करना बेहद जरूरी है।
इस रिपोर्ट से पता चलता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजीअब केवल मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं है। देश के छोटे शहर अब तरक्की के नए इंजन बन रहे हैं। भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहर भविष्य के नए आईटी और बिजनेस हब बन सकते हैं। सरकार की नीतियां और स्थानीय युवाओं का हुनर इसमें बड़ी भूमिका निभा रहा है।
भारत की अर्थव्यवस्था के लिएअगर इसी रफ्तार से काम होता रहा, तो भारत बहुत जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बन जाएगा। हमारे शहरों का यह प्रदर्शन हर भारतीय नागरिक के लिए बहुत ही गर्व की बात है। आने वाला समय भारतीय युवाओं के लिए रोजगार और तरक्की के अनगिनत नए रास्ते खोलेगा। भारत की वैश्विक ताकत
Reference:
Oxford Economics Global Cities Index 2026 Official Report
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स्टडी के बाद 57 सबसे खास और उभरते शहरों की लिस्ट बनाई गई। इन 57 शहरों को Emerging Standouts यानी उभरते सितारे कहा गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसमें 46 शहर भारत के हैं। इसका सीधा सा मतलब है कि हर पांच में से चार शहर भारतीय हैं। यह डेटा साबित करता है कि आने वाले समय में भारत दुनिया की इकोनॉमी का मेन सेंटर बनने वाला है।
देश के छोटे और मध्यम शहर अब ग्लोबल लेवल पर अपनी मजबूत पकड़ बना रहे हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और हाई-प्रॉडक्टिविटी सेक्टर्स की वजह से ये ग्रोथ हासिल हुई है। टेक्नोलॉजी, फाइनेंस और बिजनेस सर्विसेज में भारतीय शहर बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। आइए, इस रिपोर्ट में डिटेल से समझते हैं।
मध्य प्रदेश के तीन शहरों का जलवा
इन शहरों में हाई-प्रॉडक्टिविटी और पेस ऑफ डेवलपमेंट नेशनल एवरेज से काफी तेज है। भोपाल अपनी बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से आगे बढ़ा है। ग्वालियर में टूरिज्म और बिजनेस दोनों तेजी से बढ़ रहे हैं।
जबलपुर में इंडस्ट्रियल एक्टिविटीज और लोकल बिजनेस को नया बढ़ावा मिला है। यही कारण है कि इंटरनेशनल एक्सपर्ट्स ने इन तीनों को अपनी लिस्ट में रखा है। ये मध्य प्रदेश के इकनोमिक फ्यूचर के लिए एंकरेजिंग साइन है।
राजस्थान और अन्य राज्यों का प्रेजेंटेशन
जयपुर अपने व्यापार और हेरिटेज की वजह से लगातार इन्वेस्टर्स को आकर्षित कर रहा है। अगर राज्यों की बात करें तो तमिलनाडु सबसे आगे रहा है। तमिलनाडु के सबसे ज्यादा सात शहर इस अंतरराष्ट्रीय सूची में शामिल हैं।
इनमें चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरई, सेलम, तिरुचिरापल्ली, तिरुपुर और वेल्लोर शामिल हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र और गुजरात के भी 5-5 शहरों ने लिस्ट में जगह बनाई है। यह दिखाता है कि पूरे देश में विकास का काम चल रहा है।
क्या होते हैं इमर्जिंग स्टैंडआउट्स
इन शहरों की प्रॉडक्टिविटी ग्रोथ अपने देश के औसत से काफी ज्यादा होती है। इसके साथ ही यहां 'पर कैपिटा इनकम' भी बहुत तेजी से बढ़ती है। ये शहर भविष्य के बड़े मेट्रो शहर बनने की क्षमता रखते हैं।
इन शहरों में निवेश करने पर बिजनेस को बहुत जल्दी सफलता मिलती है। भारत के 46 शहरों का इसमें होना यह दर्शाता है कि हमारे देश में नौकरियों और बिजनेस के नए मौके पैदा हो रहे हैं।
भारतीय शहरों की प्रमुख श्रेणियां
- पहली केटेगरी रीजनल लीडर्स की है, जिसमें बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली और मुंबई आते हैं। ये शहर अपने क्षेत्र के सबसे बड़े आर्थिक केंद्र माने जाते हैं।
- दूसरी केटेगरी सिटीिज टू वॉच की है, जिसमें बेंगलुरु का नाम सबसे ऊपर है। बेंगलुरु अगले पांच सालों में दुनिया का 5वां सबसे तेज बढ़ने वाला शहर बनेगा।
- तीसरी केटेगरी इंडस्ट्रियल सेंटर्स की है, जिसमें बोकारो, धनबाद और सूरत शामिल हैं। ये शहर माइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग पर पूरी तरह निर्भर हैं।
- चौथी केटेगरी डेवलपिंग मेगा सिटी की है, जिसमें बेंगलुरु का नाम दोबारा आता है। ये शहर बहुत ही तेजी से अपनी सीमाओं का विस्तार कर रहा है।
बेंगलुरु का दुनिया में बड़ा कारनामा
टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप कल्चर ने इस शहर की किस्मत बदल दी है। पूरी दुनिया के निवेशक आज बेंगलुरु में अपना पैसा लगाना चाहते हैं। आने वाले समय में यह शहर दुनिया के सबसे विकसित शहरों को कड़ी टक्कर देगा।
आबादी और जीडीपी में बड़े बदलाव
साल 2050 तक ये चारों शहर दुनिया की 20 सबसे बड़ी आबादी वाले शहरों में शामिल हो जाएंगे। हालांकि, रिपोर्ट में ये चेतावनी भी दी गई है कि इतनी बड़ी आबादी के लिए बुनियादी ढांचा मजबूत करना होगा। सड़कों, पानी और बिजली की व्यवस्था पर अभी से काम करना बेहद जरूरी है।
इंडियन इकॉनमी का गोल्डन एज
भारत की अर्थव्यवस्था के लिएअगर इसी रफ्तार से काम होता रहा, तो भारत बहुत जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बन जाएगा। हमारे शहरों का यह प्रदर्शन हर भारतीय नागरिक के लिए बहुत ही गर्व की बात है। आने वाला समय भारतीय युवाओं के लिए रोजगार और तरक्की के अनगिनत नए रास्ते खोलेगा। भारत की वैश्विक ताकत
Reference:
Oxford Economics Global Cities Index 2026 Official Report
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