MP में कर्मचारियों की पेंशन फाइल अटकाई तो जिम्मेदारों की खैर नहीं, नई डेडलाइन तय
Jitendra Shrivastava | Aug 30, 2026, 22:19 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. मध्य प्रदेश में पेंशन फाइल अटकाना अब मुश्किल होगा। वित्त विभाग ने हर स्तर के लिए समय-सीमा तय की है। देरी पर अफसर की जवाबदेही तय होगी।
समझें क्या है पूरा मामला...
- सरकारी कर्मचारियों की पेंशन फाइल अटकाई तो तय होगी जिम्मेदारी।
- रिटायरमेंट के बाद नहीं रुकेगी पेंशन, नई डेडलाइन लागू।
- हर स्तर पर सिर्फ 5 दिन, वरना जवाबदेही तय।
- पुनरीक्षित पेंशन अब सिर्फ 10 दिन में होगी मंजूर।
- वेतन निर्धारण और पेंशन के लिए नई समय-सीमा तय।
रिटायरमेंट के बाद पेंशन के लिए महीनों इंतजार करना अब पुरानी बात होने वाली है। मध्यप्रदेश के वित्त विभाग ने एक नई व्यवस्था लागू की है।
इसके तहत ऑनलाइन पेंशन प्रकरणों के निपटारे के लिए हर स्तर पर समय तय कर दिया गया है। अब फाइल क्रियेटर, वेरीफायर और एप्रूवर किसी भी स्तर पर अनिश्चित समय तक फाइल रोक नहीं सकेंगे।
सामान्य पेंशन में 15 दिन की सीमा
हर चरण के लिए समय तय होने से यह पता लगाना आसान होगा कि फाइल किस स्तर पर पहुंची है। इससे जिम्मेदारी तय करना आसान होगा। पेंशन प्रक्रिया भी समयबद्ध बनेगी।
पुनरीक्षित पेंशन: सिर्फ 10 दिन
वेतन निर्धारण के लिए 11 दिन
mp-pension file deadline
समीक्षा में मिली थी देरी
इसकी वजह से पेंशन स्वीकृति में अनावश्यक देरी हो रही थी। अब सभी स्तरों पर समय-सीमा का पालन अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मकसद यह पता लगाना भी है कि देरी होने पर फाइल किस स्तर पर अटकी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
रिटायरमेंट से पहले शुरुआत
इसका सीधा असर उन कर्मचारियों पर पड़ेगा जो रिटायरमेंट के बाद नियमित आय के लिए पेंशन पर निर्भर रहते हैं। समय पर पेंशन शुरू होने से उन्हें आर्थिक परेशानी नहीं होगी।
2025 में बना पेंशन सेल
1 अप्रैल 2026 से ऑनलाइन पेंशन प्रकरणों के निराकरण की यह नई व्यवस्था लागू हो चुकी है। एससीपीपीसी को नई पेंशन के साथ-साथ पुनरीक्षित पेंशन की स्वीकृति की जिम्मेदारी भी दी गई है। इसके अलावा रिटायरमेंट से दो साल पहले तक के वेतन निर्धारण के अनुमोदन का काम भी इसी सेल को सौंपा गया है।
इस नई व्यवस्था से रिटायर हो चुके और रिटायर होने वाले, दोनों तरह के कर्मचारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। समय पर पेंशन मिलने से हजारों परिवारों को राहत मिलेगी।
FAQ
- मध्य प्रदेश में सामान्य पेंशन प्रकरण कितने दिन में निपटेगा?
सामान्य पेंशन प्रकरण अधिकतम 15 कार्य दिवस में निपटाना होगा। इसमें क्रियेटर, वेरीफायर और एप्रूवर को पांच-पांच दिन मिलेंगे। - पुनरीक्षित पेंशन के लिए कितनी समय-सीमा तय की गई है?
पुनरीक्षित पेंशन के मामले अधिकतम 10 कार्य दिवस में निपटाने होंगे। क्रियेटर को चार और वेरीफायर, एप्रूवर को तीन-तीन दिन मिलेंगे। - यह नई व्यवस्था कब से लागू हुई है?
यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू की गई है। इसे राज्य केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल के जरिए लागू किया जा रहा है।
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