एमपी में हजारों दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की पेंशन तय करेगी हाईकोर्ट की बेंच!
Sandeep Kumar | Aug 30, 2026, 16:23 IST
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की पेंशन
एमपी कर्मचारियों की पेंशन को लेकर हाईकोर्ट ने मामला बड़ी बेंच को भेजा है। अब तय होगा कि दैनिक वेतन भोगियों की पुरानी सेवा पेंशन में जुड़ेगी या नहीं। यह फैसला हजारों कर्मचारियों को प्रभावित करेगा।
समझें क्या है पूरा मामला
- जबलपुर हाईकोर्ट ने पेंशन मामला बड़ी बेंच भेजा।
- मामला दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की सेवा अवधि से जुड़ा है।
- नियमितीकरण से पहले की सेवा पेंशन में जुड़ेगी या नहीं।
- पुराने चार फैसलों में अलग-अलग राय सामने आई थी।
- बड़ी बेंच का फैसला हजारों कर्मचारियों को प्रभावित करेगा।
अब तय होगा कि नियमितीकरण से पहले की सेवा पेंशन में गिनी जाएगी या नहीं। यह फैसला प्रदेश के हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों की जिंदगी पर सीधा असर डाल सकता है।
क्या है पूरा विवाद
किसी फैसले में सेवा को मान्य बताया गया, तो किसी में इनकार कर दिया गया। इसी वजह से उन्होंने मामला बड़ी बेंच को भेजने का फैसला किया। रजिस्ट्री कार्यालय को एक्टिंग चीफ जस्टिस के सामने केस पेश करने के निर्देश भी दिए गए।
यह मामला सिर्फ कानूनी तकनीक तक सीमित नहीं है। इसका सीधा संबंध कर्मचारियों की रिटायरमेंट के बाद की आर्थिक सुरक्षा से है। पेंशन तय करने में सेवा अवधि की गिनती बेहद अहम होती है। लंबी सेवा का मतलब अक्सर ज्यादा पेंशन राशि होता है।
1985 में हुई नियुक्ति
संविलियन के बाद उनकी नौकरी नियमित कर्मचारी की तरह चलती रही। लंबी सेवा के बाद 31 जनवरी 2018 को वे सेवानिवृत्त हुए। इस तरह उनकी कुल सेवा अवधि तैंतीस साल से ज्यादा रही।
रिटायरमेंट के बाद याचिका
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राजेन्द्र कुमार पाण्डेय ने पक्ष रखा। वहीं राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता सुयश ठाकुर ने दलीलें पेश कीं। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने पाया कि यह मुद्दा सिर्फ एक याचिकाकर्ता तक सीमित नहीं है। इसका असर हजारों कर्मचारियों पर पड़ सकता है।
लार्जर बेंच में क्यों गया मामला
इसी उलझन को दूर करने के लिए सिंगल बेंच ने मामला बड़ी बेंच को सौंपा। अब लार्जर बेंच तय करेगी कि कामचलाऊ या आकस्मिक स्थापना की सेवा नियमित स्थापना में जुड़ेगी या नहीं। यह फैसला आने वाले समय में सभी समान मामलों के लिए मिसाल बनेगा। इससे कोर्ट और सरकार दोनों को स्पष्ट दिशा मिलेगी।
हजारों कर्मचारियों पर असर
लार्जर बेंच का फैसला इन सभी की पेंशन राशि को सीधे प्रभावित कर सकता है। अगर फैसला कर्मचारियों के पक्ष में आता है, तो कई पूर्व कर्मचारियों की पेंशन में इजाफा हो सकता है। वहीं अगर फैसला सरकार के पक्ष में जाता है, तो मौजूदा व्यवस्था बरकरार रहेगी। इसलिए यह मामला पूरे प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आगे क्या होगा
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