MP पुलिस पदोन्नति में गड़बड़ी: किसी को मिला रिटायरमेंट के बाद प्रमोशन, किसी का नाम ही गायब
Amresh Kushwaha | Jul 16, 2026, 12:50 IST
MP पुलिस पदोन्नति में गड़बड़ी
मध्य प्रदेश पुलिस की डीपीसी पदोन्नति प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आई है। करीब 25 हजार में से 10 प्रतिशत मामलों में तकनीकी त्रुटि की आशंका जताई गई है। किसी को रिटायरमेंट के बाद प्रमोशन मिला तो किसी का नाम सूची से ही गायब हो गया।
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश पुलिस में पदोन्नति डीपीसी प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आई है।
- करीब 25 हजार पुलिसकर्मियों में से 10 प्रतिशत मामलों में तकनीकी त्रुटि की आशंका है।
- किसी को रिटायरमेंट के बाद प्रमोशन मिला तो किसी का नाम ही सूची से गायब हो गया।
- रेडियो शाखा से रिटायर हुए एक अफसर की सेवानिवृत्ति के तीन महीने बाद पदोन्नति आदेश जारी हुआ।
- अब सभी शिकायतों का रिकॉर्ड दोबारा जांचा जाएगा।
सबसे चौंकाने वाला मामला रेडियो शाखा से जुड़ा है। इस शाखा से 31 मार्च 2026 को कार्यवाहक डीएसपी पद पर सेवानिवृत्त हुए संतोष कुमार गुप्ता का मामला सामने आया है। गृह विभाग ने उनके सेवानिवृत्ति के करीब तीन महीने बाद नियमित डीएसपी पद पर पदोन्नति का आदेश जारी कर दिया।
इसके अलावा कुछ कार्यवाहक अधिकारियों के नाम पदोन्नति की नई सूची में ही शामिल नहीं हो पाए। ऐसे अधिकारी पिछले कुछ दिनों से पुलिस मुख्यालय की प्रशासन शाखा के लगातार चक्कर लगा रहे हैं। कुछ ने अपना नाम छूटने की शिकायत भी दर्ज कराई है।
10 प्रतिशत मामलों में शक
इतने कम समय में बड़े स्तर पर हुई इस प्रक्रिया की वजह से करीब 10 प्रतिशत मामलों में तकनीकी त्रुटि की आशंका जताई जा रही है। यानी 25 हजार में से करीब ढाई हजार मामलों की दोबारा जांच जरूरी मानी जा रही है।
गलती नंबर एक, नाम का घालमेल
इसकी वजह यह सामने आई कि उन्हीं के बैच के दूसरे वीरेंद्र चौहान की खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। नाम मिलते-जुलते होने की वजह से यह गलती हुई और असली अधिकारी का रिकॉर्ड इसमें उलझ गया। अब इस पूरे मामले का परीक्षण किया जा रहा है।
गलती नंबर दो, सीनियर नहीं जूनियर प्रमोट
ऐसे मामलों में अब सेवा अभिलेख और पात्रता का दोबारा मिलान किया जा रहा है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि सीनियोरिटी तय करने में कहां चूक हुई।
रिटायर अफसरों को भी मिलेगा लाभ
जिन अफसरों का पात्र पाया जाएगा, उन्हें नियमित डीएसपी का दर्जा दिया जाएगा। इसका सीधा फायदा उनकी पेंशन बढ़ने के रूप में मिलेगा। साथ ही भविष्य में आने वाले आठवें वेतन आयोग से मिलने वाले वित्तीय लाभों पर भी इसका असर पड़ेगा।
क्यों बढ़ रही हैं आपत्तियां
कई पुराने सेवा अभिलेख संबंधित शाखाओं में अब तक उपलब्ध ही नहीं हैं। इसी वजह से कुछ पदोन्नति सूचियां अब भी लंबित बताई जा रही हैं। इसी कारण कुछ अधिकारियों के नाम छूटने और सेवा रिकॉर्ड में तकनीकी त्रुटियों की शिकायतें सामने आ रही हैं।
अब क्या होगा आगे
इसके बाद पुलिस मुख्यालय संबंधित मामले की जांच करेगा। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर अपनी सिफारिश एमपीपीएससी को भेजी जाएगी। अंतिम फैसला एमपीपीएससी ही करेगा।
फिलहाल विभाग के सामने चुनौती यह है कि तय समय में सभी शिकायतों का निपटारा हो और पात्र अधिकारियों को उनका हक मिल सके। साथ ही जिन मामलों में गलत तरीके से पदोन्नति हुई है, उन्हें भी ठीक किया जाना जरूरी माना जा रहा है।
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