मध्यप्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों पर ब्रेक, सियासी कवायद तेज

मध्यप्रदेश में भाजपा नेताओं को दो साल से राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार था। अब नियुक्तियों पर ब्रेक लग गया है। जानें क्या कारण हैं और आगे क्या हो सकता है।

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Ramanand Tiwari
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Break on political appointments in Madhya Pradesh, political exercise intensifies

Photograph: (the sootr)

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NEWS IN SHORT

  • भाजपा नेताओं को राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार दो साल से, लेकिन अब प्रक्रिया पर ब्रेक लगा है।
  • नियुक्तियों की सूची तैयार थी, लेकिन सरकार और संगठन ने इन्हें फिलहाल रोक दिया।
  • सरकार की प्राथमिकता राजनीतिक नियुक्तियों से हटकर बड़े प्रशासनिक अभियान पर केंद्रित है।
  • खाली पदों वाले आयोगों में नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, प्राथमिकता दी जा रही है।
  • 'जी रामजी' योजना के प्रचार पर ध्यान केंद्रित करने के कारण नियुक्तियों की प्रक्रिया रुकी हुई है।

BHOPAL.मध्यप्रदेश में भाजपा नेताओं को राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार करीब दो साल से है। निगम-मंडल, बोर्ड और समितियों में जगह मिलने की आस लगाए नेताओं को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। 

सूत्र बताते हैं कि एक दर्जन से अधिक निगम-मंडलों में नियुक्तियों के नाम लगभग तय हो चुके थे। इसके बावजूद सरकार और संगठन ने इन्हें जारी नहीं किया और पूरी प्रक्रिया फिलहाल होल्ड पर डाल दी। 

NEWS IN DETAIL

हरी झंडी के बाद भी क्यों रुकी प्रक्रिया

पिछले तीन महीनों से राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर बैठकों का दौर चल रहा था। केंद्रीय नेतृत्व से सैद्धांतिक सहमति भी मिल चुकी थी, लेकिन अंतिम समय में सरकार और संगठन ने ब्रेक लगा दिया। 

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सत्ता-संगठन की प्राथमिकता बदली

दरअसल, इस समय सरकार और भाजपा संगठन की शीर्ष प्राथमिकता राजनीतिक नियुक्तियां नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक-प्रशासनिक अभियान है। इसी वजह से नियुक्तियों की फाइलें आगे नहीं बढ़ पाईं।

आयोग और निकायों में सीमित नियुक्तियों की तैयारी

सरकार अब चरणबद्ध तरीके से नियुक्तियां करने की रणनीति पर काम कर रही है। सबसे पहले उन आयोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जो वर्षों से खाली पड़े हैं।

रिक्त पदों वाले आयोगों की सूची

  • मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग

  • राज्य महिला आयोग

  • अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग

  • मानवाधिकार आयोग

  • सूचना आयोग

  • निर्वाचन आयोग

  • विद्युत नियामक आयोग

  • उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग

  • राज्य नीति आयोग

इन आयोगों में कई पद रिक्त हैं और कुछ आयोगों में नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

जनभागीदारी समितियों का नया दौर

प्रदेश के 500 से अधिक सरकारी कॉलेजों में गठित जनभागीदारी समितियों का कार्यकाल पूरा हो चुका है। नवंबर 2023 में ही 300 से ज्यादा समितियों का कार्यकाल समाप्त हो गया था।

पहले चरण में 100 कॉलेज

सरकार ने नई जनभागीदारी समितियों के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले चरण में 100 से अधिक कॉलेजों में नियुक्तियां होंगी। अन्य कॉलेजों में सांसद-विधायकों के बीच सहमति न बनने से मामला अटका है।

नगरीय निकायों में एल्डरमैन नियुक्ति की कवायद

प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में एल्डरमैन नियुक्त किए जाने हैं। पहले चरण में 30 नगरीय निकायों की सूची लगभग फाइनल मानी जा रही है।

बड़े शहरों में 12-12 एल्डरमैन

भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर नगर निगमों में 12-12 एल्डरमैन नियुक्त होंगे। वहीं मुरैना, सिंगरौली, रीवा, सतना, छिंदवाड़ा, उज्जैन, सागर, देवास, रतलाम, कटनी जैसे नगर निगमों में 8-8 एल्डरमैन प्रस्तावित हैं।

विधायकों की पसंद को प्राथमिकता

नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में भी एल्डरमैन नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। इन नियुक्तियों में विधायकों की पसंद का खास ध्यान रखा जा रहा है और उनसे नाम भी मांगे गए हैं।

नाम बदलते ही गरमाई सियासत

जब से केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी रामजी) किया है, कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष भाजपा पर हमलावर हो गया है।

योजना के प्रचार में जुटे सरकार-संगठन

विपक्ष के हमलों के जवाब में मध्यप्रदेश सरकार और भाजपा संगठन ने मोर्चा संभाल लिया है। ‘जी रामजी’ योजना की खूबियों को जनता तक पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।

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सीएम से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक एक्टिव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में योजना को लेकर पत्रकारवार्ता की। वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल प्रदेश दौरे पर हैं और जिलों में बैठकों के जरिए योजना का प्रचार कर रहे हैं।

घर-घर तक पहुंचाने का लक्ष्य

सरकार ने सभी जिलों में ‘जी रामजी’ योजना पर बैठकें करने का टारगेट तय किया है। कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर योजना के फायदे बताने की जिम्मेदारी दी गई है।

इस वजह से नियुक्तियां रुकी

राजनीतिक नियुक्तियों पर फिलहाल इसलिए ब्रेक लगा है, क्योंकि सत्ता और संगठन का पूरा फोकस ‘जी राम जी’ अभियान पर केंद्रित है। माना जा रहा है कि अभियान की रफ्तार थमते ही नियुक्तियों की प्रक्रिया फिर आगे बढ़ेगी।                            

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश केंद्र सरकार मध्यप्रदेश सरकार मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग मनरेगा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल
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