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BHOPAL. मध्यप्रदेश में आज, 13 जनवरी को सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। इस बैठक में सिचाई परियोजना समेत कई बड़े और अहम फैसले लिए गए हैं। वहीं, बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने दी।
एमपी के शिक्षकों का बढ़ेगा वेतन
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में शिक्षकों के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। इसमें प्रदेश के शिक्षकों के लिए वेतन वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
राज्य के लगभग 1 लाख शिक्षकों को चौथा वेतनमान मिलेगा। जिन शिक्षकों ने 35 साल की सेवा पूरी की है, उनकी वेतन में 2000 से 6000 रुपये तक की बढ़ोतरी होगी। यह निर्णय शिक्षकों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा।
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ग्वालियर व्यापार मेला में भारी टैक्स छूट
कैबिनेट में आज परिवहन विभाग के एक प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इसमें ग्वालियर व्यापार मेला 2026 और उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2026 के लिए नई गाड़ियां खरीदने पर 50 प्रतिशत टैक्स छूट देने का प्रस्ताव था। इस प्रस्ताव पर सभी ने सहमति जताई। फिर इसे सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई।
मोहन कैबिनेट में सिचाई परियोजना पर हुई चर्चा
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि मोहन कैबिनेट ने राजगढ़ जिले की मोहनपुरा विस्तारीकरण सिंचाई परियोजना को स्वीकृति दी है। इसमें 396.21 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें 26 गांवों की भूमि में सिंचाई की जाएगी। इससे 10 हजार 400 कृषि परिवारों को लाभ होगा।
इसके अलावा रायसेन जिले की सुलतानपुर उद्वहन सिंचाई परियोजना को भी स्वीकृति दी गई है। 115.99 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें 20 गांवों की भूमि में सिंचाई की जाएगी। इससे तीन हजार 100 कृषि परिवारों को लाभ होगा।
रायसेन जिले की ही बारना उद्वहन सिंचाई परियोजना को भी स्वीकृति दी गई है। 386.22 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें 36 गांवों की भूमि में सिंचाई की जाएगी। इससे छ: हजार 800 कृषि परिवारों को लाभ होगा। ऐसे में कुल मिलाकर 20 हजार से अधिक किसान परिवार को योजना का लाभ मिलेगा।
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स्पेस टेक नीति 2026 पर लगी मुहर
डिप्टी सीएम ने बताया कि कैबिनेट ने आज स्पेस टेक नीति 2026 पर मुहर लगा दी है। इस नीति का मकसद स्पेस टेक्नोलॉजी, सैटेलाइट डेटा, ड्रोन, जियो-स्पेशियल एप्लीकेशन और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना है। इससे रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, यह नीति निजी निवेश को आकर्षित करने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।
सोलर एनर्जी के इन प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी
कैबिनेट बैठक में तीन अहम सोलर एनर्जी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को स्थिर करना है। साथ ही, पीक डिमांड के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है। ये परियोजनाएं इस प्रकार हैं-
सोलर सह 4 घंटे की 300 मेगावाट विद्युत प्रदाय स्टोरेज परियोजना।
सोलर सह 6 घंटे की 300 मेगावाट विद्युत प्रदाय स्टोरेज परियोजना।
24 घंटे 200 मेगावाट सोलर सह स्टोरेज परियोजना।
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सांदीपनि विद्यालय योजना के दूसरे चरण को मिली मंजूरी
स्कूल शिक्षा विभाग ने सांदीपनि विद्यालय योजना के दूसरे चरण का प्रस्ताव मंजूर किया है। इसके तहत 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोले जाएंगे। इस योजना पर करीब 3660 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पहले चरण में 275 स्कूलों की मंजूरी दी गई थी। हर स्कूल की स्थापना पर 17-18 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
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हाईटेक तरीके से हुई कैबिनेट
यह पहली बार था जब मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक हाईटेक तरीके से हुई। मुख्यमंत्री और मंत्री फाइलों की बजाय टैबलेट लेकर पहुंचे। सभी मंत्री टैबलेट से अपने प्रस्तावों को देखकर रख रहे थे। मुख्यमंत्री ने भी टैबलेट में प्रस्तावों पर चर्चा की।
6 जनवरी को हुई मंत्री परिषद की बैठक में ई-कैबिनेट की शुरुआत की गई थी। इस पहल के तहत मंत्रीगण को टैबलेट दिए गए थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह कदम ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। इससे पेपरलेस प्रक्रिया, समय की बचत और पारदर्शिता बढ़ेगी।
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