दागी अफसर जीपी मेहरा को PWD में बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी, लोकायुक्त ने उजागर की थी मेहरा की अकूत दौलत

PWD के दागी पूर्व चीफ इंजीनियर जीपी मेहरा को सरकार आर्बिट्रेशन में बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी कर रही है। बता दें कि लोकायुक्त ने 2025 में मेहरा के ठिकानों से करोड़ों की बेनामी संपत्ति जब्त की थी।

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Amresh Kushwaha
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एमपी भी गजब है। एक से एक कारनामों के बाद अब सरकार बिल्ली को दूध की रखवाली का काम सौंपने वाली है। मामला PWD का है, जहां अकूत संपत्ति जमा करने वाले रिटायर्ड चीफ इंजीनियर को बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी है। अरबों के काम करने वाले इस विभाग में न्याय का काम करेंगे जीपी मेहरा!

जीपी मेहरा वही हंसता- मुस्कुराता चेहरा है, जिनके घर अक्टूबर 2025 में बेहिसाब संपत्ति मिली थी। रिटायर्ड चीफ इंजीनियर के ठिकानों से लोकायुक्त पुलिस ने 34 लाख 79 हजार कैश, लगभग तीन करोड़ का 2.6 किलो सोना और 5.5 किलो चांदी सहित करोड़ों की दूसरी प्रॉपर्टी जब्त की थी।

दागी करेगा विभाग में समन्वय

हालांकि लोक निर्माण विभाग के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर जीपी मेहरा की उस अकूत संपत्ति का मामला अभी भी कोर्ट में विचाराधीन है। दूसरी ओर मेहरा के अनुभव को देखते हुए विभाग मध्यस्थ अभिकरण यानी आर्बिट्रेशन में टेक्निकल सदस्य की जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी है। अब भी नहीं समझे! तो सरल शब्दों में इस तरह समझिए…

ये तो सब जानते हैं कि लोक निर्माण विभाग में हर समय करोड़ों के काम चलते रहते हैं। इसका ज्यादातर काम ठेकेदारों के माध्यम से होता है। वैसे तो सारे काम शांति से चलते रहते हैं। मगर कभी- कभी अफसरों और ठेकेदारों में नहीं बन पाती।

लेन-देन ठीक से न हो तो ठेकेदार की पेमेंट रोक दी जाती है। या ऐसा ही कुछ और भी… तो इन विवादों को खत्म करने के लिए ही PWD में मध्यस्थ अभिकरण यानी आर्बिट्रेशन बनाया गया है। जहां मेहरा को उनके तकनीकी अनुभव को देखते हुए टेक्निकल सदस्य बनाने की तैयारी है।

सरकार ने मंगवाई सीआर

Sootr बताते हैं कि इस मध्यस्थ अभिकरण यानी Arbitration में दो सदस्यों की नियुक्ति होना है। चूंकि मेहरा तो विभाग में चीफ इंजीनियर रह चुके हैं। विभाग के आंतरिक कामकाज और ठेकेदारों से सामंजस्य में तो उनसे अनुभवी कौन ही होगा? ऐसे में उनका नाम फाइनल करने के लिए CR यानी कैरेक्टर रिपोर्ट मांगी गई है।

मिली थी बेहिसाब दौलत

अक्टूबर 2025 में जब मेहरा के ठिकानों पर छापा पड़ा था। तब भोपाल की मणिपुरम कॉलोनी में उनके घर से लगभग आठ लाख 79 हजार रुपए नकद, 50 लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण, 56 लाख की फिक्स डिपॉजिट जानकारी और अन्य कीमती दस्तावेज बरामद हुए थे।

इसके अलावा ओपल रेजेंसी (दाना पानी, भोपाल) स्थित फ्लैट से 26 लाख रुपए नकद, लगभग 2.649 किलोग्राम सोना (जिनकी अनुमानित कीमत 3.05 करोड़ रुपए) और 5.523 किलो चांदी (कीमत लगभग 5.93 लाख रुपए) बरामद हुई थी।

17 टन शहद मिला था

इसके अलावा, ग्राम सैनी (सोहागपुर) स्थित मेहरा के फार्महाउस से 17 टन शहद, कृषि भूमि, 6 ट्रैक्टर, 32 निर्माणाधीन कॉटेज और 7 तैयार कॉटेज, 2 मछली पालन केंद्र, 2 गौशालाएं और कई महंगे कृषि उपकरण मिले थे।

फार्महाउस के साथ ही मेहरा परिवार के नाम पर 4 लग्जरी कारें (फोर्ड एंडेवर, स्कोडा सलाविया, किया सोनेट और मारुति सियाज) भी रजिस्टर्ड पाई गईं थीं।

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