राहत की खबर: एमपी कर्मचारियों के विवाद सुलझाएगी सरकार, कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव
Jitendra Shrivastava | Aug 15, 2026, 13:11 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. मध्य प्रदेश में 23 साल बाद राज्य प्रशासनिक अधिकरण फिर शुरू होगा। CM मोहन यादव के निर्देश पर प्रस्ताव तैयार हो रहा है। इससे कर्मचारियों के सेवा विवाद जल्दी सुलझेंगे।
समझें क्या है पूरा मामला...
- 23 साल बाद फिर लौटेगा राज्य प्रशासनिक अधिकरण, कर्मचारियों को राहत।
- सरकारी कर्मचारियों के विवाद अब जल्दी सुलझेंगे, बड़ा फैसला जल्द।
- सीएम मोहन यादव के निर्देश पर बड़ा प्रशासनिक बदलाव होने वाला।
- भोपाल इंदौर ग्वालियर जबलपुर में खुल सकते हैं नए कार्यालय।
- 2003 में बंद हुआ अधिकरण, अब वापसी की तैयारी पूरी।
सामान्य प्रशासन विभाग नए अधिकरण का प्रारूप तैयार कर रहा है। इससे सरकारी कर्मचारियों के सेवा विवाद जल्दी सुलझेंगे। जल्द ही यह प्रस्ताव कैबिनेट में पेश किया जा सकता है।
मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में सेवा विवादों के निपटारे के लिए राज्य प्रशासनिक अधिकरण ( State Administrative Tribunal) दोबारा शुरू हो सकता है। यह अधिकरण 23 साल पहले बंद कर दिया गया था। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर इसे फिर से खड़ा करने की तैयारी अंतिम चरण में है।
मध्य प्रदेश सरकार कासामान्य प्रशासन विभाग (GAD – General Administration Department) नए अधिकरण का ढांचा तैयार कर रहा है। जल्द ही यह प्रस्ताव राज्य कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है। मंजूरी मिलते ही कर्मचारियों को एक अलग और तेज मंच मिल जाएगा।
पहले क्यों हुआ था बंद
भर्ती, वेतन, पदोन्नति और पेंशन जैसे मामलों के लिए कोई खास मंच नहीं रहा। नतीजा यह हुआ कि कर्मचारी सीधे अदालतों का रुख करने लगे।
prashasanik adhikaran return
अदालतों पर बढ़ा बोझ
कमलनाथ सरकार के समय एक सरकारी कर्मचारी आयोग बनाया गया था। लेकिन वह अधिकरण की जगह नहीं ले सका। अब सरकार ने दोबारा अधिकरण बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
किन मामलों की होगी सुनवाई
अभी ऐसे मामलों के लिए कर्मचारियों को अदालत की लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। नया अधिकरण बनने से यह प्रक्रिया आसान और तेज हो सकती है।
चार शहरों में खुल सकते हैं कार्यालय
जल्द कैबिनेट में जाएगा प्रस्ताव
सामान्य प्रशासन विभाग अब प्रस्ताव को अंतिम रूप देने में जुटा है। माना जा रहा है कि जल्द ही यह प्रस्ताव कैबिनेट में पेश किया जाएगा। कैबिनेट प्रस्ताव कोमंजूरी मिलने के बाद प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
ये खबरें भी पढ़ें...
NEYU छात्र नेताओं की होगी रिहाई, ACP की सरकारी कर्मचारी की जमानत शर्त HC से खारिज
MP के सरकारी कर्मचारी अब नहीं कर पाएंगे भड़काऊ पोस्ट, सरकार ने जारी किया फरमान
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकारी कर्मचारी नहीं, सावित्री ठाकुर के बयान पर भड़का संघ
सरकारी कर्मचारी और शिक्षक नहीं कर सकेंगे शिकायत, आदेश हुआ जारी
सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
By Umeshwari Baghel
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान
By Ashish Bhardwaj
वेदांता ग्रुप को जल्द नया और युवा नेतृत्व मिलेगा: प्रिया अग्रवाल हेब्बर हो सकती हैं उत्तराधिकारी, कौन सी जिम्मेदारी मिलेगी?
By Arohi Raj
हाईकोर्ट की फटकार से जागा स्वास्थ्य विभाग: सचिव अमित कटारिया पर लगा जुर्माना, लापरवाही में कांकेर CMHO सस्पेंड
By Umeshwari Baghel
बंटी नागर सुसाइड केस: रियल एस्टेट कारोबारी की मौत पर तीन महिलाएं पुलिस के राडार पर
By Sanjay Gupta