स्कूल शिक्षा इंडेक्स में पिछड़ा एमपी: PGI रैंकिंग में खिसका नीचे, देखे रैकिंग

Manya Jain | Jul 17, 2026, 16:45 IST
Share
mp school education pgi ranking 2026
mp school education pgi ranking 2026

राष्ट्रीय स्कूल शिक्षा रैंकिंग में मध्य प्रदेश और नीचे खिसक गया है। PGI 2.0 इंडेक्स में एमपी 566.8 स्कोर के साथ 27वें स्थान पर पहुंच गया है। पड़ोसी राज्य भी आगे निकल गए हैं।

    मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा में राष्ट्रीय रैंकिंग में और नीचे खिसक गया है। परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स 2.0 में एमपी स्कूल शिक्षा विभागका स्कोर 574.1 से घटकर 566.8 रह गया है। एमपी अब 36 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 27वें स्थान पर है। राजस्थान, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्य भी इस बार एमपी से आगे निकल गए हैं। राज्य ने आकांक्षी-1 ग्रेड बरकरार रखा है, जो निचले-मध्यम स्तर को दर्शाता है।

    भोपाल में एक बार फिर स्कूली शिक्षा को लेकर निराश करने वाली खबर आई है। मध्य प्रदेश राष्ट्रीय स्कूल शिक्षा रैंकिंग में और नीचे खिसक गया है। स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने हाल ही में परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI – Performance Grading Index) 2.0 का 2025-26 संस्करण जारी किया है।

    एमपी का स्कोर कितना घटा

    इस रिपोर्ट में मध्य प्रदेश का स्कोर पिछले साल के मुकाबले घट गया है। राज्य का कुल स्कोर 2024-25 में 574.1 था, जो अब घटकर 566.8 रह गया है। यानी एक साल में 7.3 अंकों की गिरावट आई है। हालांकि इस गिरावट के बावजूद मध्य प्रदेश ने आकांक्षी-1 (AKANSHI-1) ग्रेड बरकरार रखा है। यह ग्रेड राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में निचले-मध्यम स्तर को दर्शाता है।

    MP EDU INDEX PGI
    MP EDU INDEX PGI


    पीजीआई रिपोर्ट स्कूल शिक्षा को छह प्रमुख डोमेन के आधार पर परखती है। इनमें लर्निंग आउटकम, एक्सेस, इंफ्रास्ट्रक्चर, इक्विटी, गवर्नेंस और टीचर से जुड़े संकेतक शामिल हैं। इस बार मध्य प्रदेश 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 27वें स्थान पर है। यह रैंकिंग राष्ट्रीय स्तर पर निचले क्वार्टाइल में आती है।

    टॉप और बॉटम राज्यों की तस्वीर

    सिर्फ बिहार, त्रिपुरा, झारखंड, मिजोरम, जम्मू-कश्मीर, मणिपुर, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय ही मध्य प्रदेश से नीचे रहे। यानी कुल 9 राज्य ही एमपी से पीछे हैं, बाकी सभी राज्य आगे निकल चुके हैं।

    MP EDU INDEX PGI
    MP EDU INDEX PGI


    टॉप परफॉर्मर राज्यों और मध्य प्रदेश के बीच फासला काफी बड़ा है। इस बार चंडीगढ़ ने 766.0 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद पंजाब (723.6), केरल (716.8), दिल्ली (712.2) और महाराष्ट्र (654.6) का नंबर आता है। मध्य प्रदेश पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से करीब 88 अंक पीछे है।

    पड़ोसी राज्यों से तुलना

    पड़ोसी राज्यों की बात करें तो गुजरात का स्कोर 604.2 रहा। राजस्थान का स्कोर 589.5, उत्तर प्रदेश का 579.9 और छत्तीसगढ़ का 578.9 रहा। खास बात यह है कि राजस्थान, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे सीमावर्ती राज्य भी इस बार मध्य प्रदेश से आगे निकल गए हैं।

    डोमेन के हिसाब से हाल

    डोमेन के हिसाब से देखें तो मध्य प्रदेश का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। डोमेन-1 में 84.9, डोमेन-2 में 54.7 और डोमेन-3 में 70.74 अंक मिले। डोमेन-4 में सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा, यहां राज्य को 223.6 अंक मिले। डोमेन-5 में 66.6 और डोमेन-6 में 66.3 अंक हासिल हुए।

    राज्य की सबसे मजबूत परफॉर्मेंस डोमेन-4 में रही, जहां उसे उत्तम-1 (UTTAM-1) ग्रेड मिला। डोमेन-5 में भी प्रचेष्टा-1 (PRACHESTA-1) ग्रेड हासिल हुआ। लेकिन डोमेन-2 और डोमेन-3 के कमजोर नतीजों ने राज्य के कुल स्कोर को नीचे खींच दिया।

    अधिकारियों के मुताबिक ये दोनों डोमेन गवर्नेंस प्रोसेस और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अहम क्षेत्रों को कवर करते हैं। इन क्षेत्रों में सुधार की रफ्तार काफी धीमी रही है। इस साल स्कोर में गिरावट दर्ज करने वाले राज्यों में मध्य प्रदेश भी शामिल है, जबकि यह गिरावट सिर्फ कुछ ही राज्यों में देखी गई।

    इसके उलट आंध्र प्रदेश, बिहार, तेलंगाना और केरल ने इस बार अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। शिक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यह ट्रेंड बताता है कि मध्य प्रदेश की प्रगति आउटकम, इक्विटी और क्वालिटी के मामले में राष्ट्रीय रफ्तार के साथ कदम नहीं मिला पा रही।

    एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन नतीजों के बाद कमजोर डोमेन का विस्तृत ऑडिट होना चाहिए। साथ ही सुधारों को तेजी से लागू करने की जरूरत है। सरकारी अधिकारियों ने इस मामले पर टिप्पणी के लिए किए गए अनुरोध का जवाब नहीं दिया।

    पीजीआई का ग्रेडिंग सिस्टम

    पीजीआई 2.0 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कुल 1000 अंकों में से मिले स्कोर के आधार पर दस ग्रेड में बांटता है। सबसे ऊंचा ग्रेड उत्कर्ष (Utkarsh) है, जो 941 से 1000 अंकों के बीच आता है। इसके बाद उत्तम-1 (881-940), उत्तम-2 (821-880) और उत्तम-3 (761-820) ग्रेड आते हैं।

    इसके नीचे प्रचेष्टा-1 (701-760), प्रचेष्टा-2 (641-700) और प्रचेष्टा-3 (581-640) ग्रेड हैं। सबसे निचले स्तर पर आकांक्षी-1 (521-580), आकांक्षी-2 (461-520) और आकांक्षी-3 (401-460) ग्रेड आते हैं। मध्य प्रदेश फिलहाल आकांक्षी-1 ग्रेड में है, जो निचले-मध्यम स्तर को दर्शाता है।

    ये ग्रेड लर्निंग आउटकम, एक्सेस, इंफ्रास्ट्रक्चर, गवर्नेंस, इक्विटी और टीचर एजुकेशन जैसे अहम क्षेत्रों में स्कूल शिक्षा की समग्र गुणवत्ता को दर्शाते हैं। ऊंचा ग्रेड बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन और राष्ट्रीय मानकों की बेहतर उपलब्धि का संकेत देता है।

    आगे क्या करना होगा

    मध्य प्रदेश के लिए यह रिपोर्ट कई मायनों में चिंता की बात है। राज्य न सिर्फ पिछले साल से पीछे गया है, बल्कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे पड़ोसी राज्यों से भी पिछड़ गया है। दोनों राज्य कभी शिक्षा रैंकिंग में मध्य प्रदेश के करीब माने जाते थे। अब यह फासला साफ नजर आ रहा है।

    शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि सिर्फ आंकड़ों पर चर्चा से बात नहीं बनेगी। गवर्नेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कमजोर डोमेन में ठोस कदम उठाने होंगे। तभी मध्य प्रदेश आने वाले सालों में इस सूची में ऊपर चढ़ सकेगा।

    FAQ

    1. स्कूल शिक्षा इंडेक्स में मध्य प्रदेश की रैंक क्या है?
      मध्य प्रदेश परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स 2.0 में 36 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 27वें स्थान पर है। राज्य का स्कोर घटकर 566.8 रह गया है। यह रैंकिंग निचले क्वार्टाइल में आती है।
    2. क्या राजस्थान और छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश से आगे हैं?
      हां, इस बार राजस्थान का स्कोर 589.5 और छत्तीसगढ़ का स्कोर 578.9 रहा। दोनों राज्य मध्य प्रदेश (566.8) से आगे हैं।
    3. पीजीआई इंडेक्स में सबसे ऊपर कौन सा राज्य है?
      चंडीगढ़ 766.0 अंकों के साथ 2025-26 की पीजीआई रैंकिंग में सबसे ऊपर है। इसके बाद पंजाब, केरल, दिल्ली और महाराष्ट्र का नंबर आता है।
    ये भी पढ़ें...

    ग्रामीण भारत में शिक्षा का संकट: 10 साल में बंद हुए 94 हजार सरकारी स्कूल

    स्कूल बंदी में मध्य प्रदेश सबसे आगे, हर दिन बंद हो रहे 7 स्कूल!

    मध्य प्रदेश में फिर 2 से 5 हजार स्कूल बंद करने की तैयारी में सरकार

    ऑनलाइन हाजिरी ने खोली शिक्षा विभाग की पोल



    Tags:
    • भोपाल
    • मध्य प्रदेश
    • एमपी स्कूल शिक्षा विभाग
    • स्कूल शिक्षा
    गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
    MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

    By Atul Dwivedi

    MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
    एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

    By Ramanand Tiwari

    एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
    मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

    By Ramanand Tiwari

    मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
    मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

    By Jitendra Shrivastava

    मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
    mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

    By Sanjay Dhiman

    mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
    झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

    By Sanjay Gupta

    झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
    बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

    By Arun Tiwari

    बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा