ऑनलाइन हाजिरी ने खोली शिक्षा विभाग की पोल
Umeshwari Baghel | Jul 16, 2026, 10:21 IST
स्कूल छोड़ बाबूगिरी कर रहे गुरुजी
एक जुलाई से लागू लोकेशन आधारित ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था ने छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग में चल रहे अटैचमेंट के खेल की पोल खोल दी है। प्रदेश में 10 हजार से ज्यादा शिक्षक और कर्मचारी मूल पदस्थापना छोड़कर दूसरे विभागों में काम कर रहे हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
इनमें कई शिक्षक स्कूलों में पढ़ाने के बजाय कलेक्टोरेट, तहसील, पंचायत कार्यालय और अन्य सरकारी शाखाओं में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। कुछ कर्मचारी प्रमाण पत्र बनाने जैसे कामों में लगे हैं तो कुछ प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के कार्यालयों में निजी स्टाफ की भूमिका निभा रहे हैं। इससे शिक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ने की बात सामने आई है।
ऑनलाइन हाजिरी से पकड़ में आया अटैचमेंट का खेल
यही नियम वर्षों से चल रही संलग्नीकरण व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। दूसरे स्थानों पर काम कर रहे कर्मचारी अब अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा पा रहे हैं। विभाग ने ऐसे कर्मचारियों की जानकारी जिलों से मंगानी शुरू कर दी है। इसके बाद लंबे समय से अटैच होकर काम कर रहे कर्मचारियों में हलचल बढ़ गई है।
सरकार पहले भी दे चुकी है अटैचमेंट खत्म करने के निर्देश
विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह संख्या अब 10 हजार से ज्यादा हो चुकी है। शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नियम विरुद्ध अटैचमेंट खत्म किए जाएं। आदेश का पालन नहीं करने पर वेतन रोकने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
बिलासपुर में 57 शिक्षक अटैच, विधायक कार्यालय में भी तैनाती
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों की जांच की जा रही है और कर्मचारियों को उनकी मूल पदस्थापना पर भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कोंडागांव में अटैचमेंट बचाने के लिए भेजा गया पत्र
पत्र में कर्मचारियों की कमी का हवाला देते हुए कहा गया है कि अचानक संलग्नीकरण खत्म करने से प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसके साथ ही शिक्षक, बाबू और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सूची भी भेजी गई है।
हालांकि शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार कर्मचारियों की मूल पदस्थापना स्कूलों में है और उन्हें अन्य स्थानों पर लंबे समय तक तैनात रखना व्यवस्था के खिलाफ माना जाता है।
स्कूलों में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संलग्नीकरण खत्म करना जरूरी है। ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था से अब विभाग के पास वास्तविक स्थिति की जानकारी पहुंच रही है।
विभाग ने कार्रवाई के संकेत दिए
लोकेशन आधारित हाजिरी व्यवस्था का उद्देश्य स्कूलों और कार्यालयों में कर्मचारियों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करना है। अब यह व्यवस्था वर्षों से चल रहे अटैचमेंट सिस्टम पर लगाम लगाने का माध्यम बनती दिख रही है।
IMP Facts
अटैच कर्मचारी: 10 हजार से ज्यादा
प्रभावित कर्मचारी: शिक्षक, बाबू और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी
बिलासपुर में अटैच शिक्षक: 57
अटैचमेंट की जगह: कलेक्टोरेट, तहसील, पंचायत और अन्य कार्यालय
सरकार का निर्देश: अटैचमेंट खत्म करने के आदेश
कार्रवाई: हाजिरी नहीं होने पर वेतन रोकने के निर्देश
नई व्यवस्था: लोकेशन आधारित ऑनलाइन उपस्थिति
FAQ
- छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग में ऑनलाइन हाजिरी कब से लागू हुई?
1 जुलाई 2026 से लोकेशन आधारित ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य की गई है। - कितने शिक्षक और कर्मचारी अटैचमेंट पर होने की जानकारी सामने आई है?
प्रदेश में 10 हजार से ज्यादा शिक्षक, बाबू और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अटैच होने की जानकारी सामने आई है। - ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य क्या है?
कर्मचारियों की वास्तविक पदस्थापना वाली जगह पर उपस्थिति सुनिश्चित करना और नियम विरुद्ध अटैचमेंट खत्म करना।
यह खबरें भी पढ़े...
कोंडागांव में हुआ अनोखा विवाह; एक युवक ने दो युवतियों से एक ही मंडप में रचाई शादी
बिलासपुर में सुरक्षा गार्ड की हत्या, सीसीटीवी डीवीआर ले भागे 4 नाबालिग कैदी
खत्म होगा शिक्षकों का अटैचमेंट! डीपीआई के आदेश से मची शिक्षकों में हलचल, मंगाई रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman