एमपी की स्लीपर बसों में बढ़ेगी सुरक्षा, अब सफर होगा और सुरक्षित

मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग ने स्लीपर बसों के लिए नए सुरक्षा नियम लागू कर दिए हैं। अब इन बसों में केबिन के पार्टिशन हटाना और फायर सिस्टम लगाना जरूरी होगा। इसके अलावा, आरटीओ को एक हफ्ते के अंदर इन बसों की सुरक्षा जांच रिपोर्ट भी सौंपनी होगी।

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Aman Vaishnav
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mp sleeper bus new safety guidelines
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5 पॉइंट में समझें खबर के मायने

  1. मध्य प्रदेश परिवहन विभाग ने स्लीपर बसों के लिए नए सुरक्षा नियम जारी किए हैं।
  2. ड्राइवर केबिन का पार्टिशन डोर हटाना अब अनिवार्य कर दिया है।
  3. एक महीने में फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाना होगा।
  4. बस में 10 किलो का फायर एक्सटिंग्विशर रखना जरूरी है।
  5. चेसिस (बॉडी) को बढ़ाकर बनाई गई बसों का संचालन तुरंत बंद किया जाएगा।

परिवहन विभाग की सख्त आदेश

मध्य प्रदेश परिवहन विभाग यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। विभाग ने स्लीपर बसों के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। परिवहन आयुक्त कार्यालय ने सभी आरटीओ को जांच के आदेश दिए हैं। सभी आरटीओ को विशेष अभियान चलाने को कहा गया है।

2.Premium Sleeper Bus from Ashok Leyland Veera | Tranz King Travels Luxury  Bus Interior & Exterior

केबिन और फायर सिस्टम के नियम

अब ड्राइवर केबिन में पार्टिशन डोर नहीं रहेगा। इसे हटाना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, बसों में फायर सप्रेशन सिस्टम लगाना होगा। इसके लिए बस मालिकों को एक महीने का समय मिला है।

Fully Automatic Bus Fire Suppression [School Bus]

बर्थ और अग्निशमन के निर्देश

स्लीपर बसों से स्लाइडर तुरंत हटाए जाएंगे ताकि इमरजेंसी में लोग जल्दी बाहर निकल सकें। हर बस में 10 किलो वाला आग बुझाने का सिलेंडर (फायर एक्सटिंगुइशर) रखना अब जरूरी है। यात्रियों की सेफ्टी से कोई समझौता नहीं होगा।

Fire Suppression Systems for Buses and Coaches

बॉडी और रजिस्ट्रेशन के नियम

अब वैसी बसें सड़क पर नहीं चलेंगी जिन्हें चेसिस (गाड़ी का निचला हिस्सा) को काटकर या बढ़ाकर बनाया गया है। ऐसी बसों को तुरंत बंद कर दिया जाएगा। अब नई बस का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए उसका पूरा नक्शा देना जरूरी होगा। बिना नक्शे के रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।

Fire Suppression Systems for Buses - UNECE R107 - protecfire

रिपोर्ट और निगरानी की समय सीमा

ट्रांसपोर्ट कमिश्नर किरण कुमार शर्मा ने कहा है कि आरटीओ को एक हफ्ते के अंदर अपनी रिपोर्ट देनी होगी। यह रिपोर्ट हेड ऑफिस (मुख्यालय) जाएगी। जो भी इसमें ढिलाई बरतेगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आम जनता पर इसका क्या असर होगा?

इस नए नियम का असली मकसद आपकी यात्रा को सुरक्षित बनाना है। अक्सर बस के केबिन में दरवाजा होने से इमरजेंसी के वक्त भागने का रास्ता रुक जाता था। अब रास्ता साफ रहेगा। वहीं, आग बुझाने वाली मशीनें और सिस्टम होने से चलती बस में आग लगने का खतरा बहुत कम हो जाएगा।

Ashok Leyland Pursues Stainless Steel for Bus 'Super Structures' - Mobility  Engineering Technology

आगे क्या?

अगले सात दिनों तक पूरे प्रदेश में बसों की कड़ी चेकिंग चलेगी। आरटीओ की टीम सड़कों पर उतरकर एक-एक बस की जांच करेगी। बस में नियमों की कमी मिली, तो उसे तुरंत जब्त कर लिया जाएगा। इसलिए सफर पर निकलने से पहले बस की सुरक्षा जरूर देख लें।

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आरटीओ परिवहन आयुक्त ट्रांसपोर्ट कमिश्नर मध्य प्रदेश परिवहन विभाग स्लीपर बस
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