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5 पॉइंट में समझें खबर के मायने
- मध्य प्रदेश परिवहन विभाग ने स्लीपर बसों के लिए नए सुरक्षा नियम जारी किए हैं।
- ड्राइवर केबिन का पार्टिशन डोर हटाना अब अनिवार्य कर दिया है।
- एक महीने में फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाना होगा।
- बस में 10 किलो का फायर एक्सटिंग्विशर रखना जरूरी है।
- चेसिस (बॉडी) को बढ़ाकर बनाई गई बसों का संचालन तुरंत बंद किया जाएगा।
परिवहन विभाग की सख्त आदेश
मध्य प्रदेश परिवहन विभाग यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। विभाग ने स्लीपर बसों के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। परिवहन आयुक्त कार्यालय ने सभी आरटीओ को जांच के आदेश दिए हैं। सभी आरटीओ को विशेष अभियान चलाने को कहा गया है।
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केबिन और फायर सिस्टम के नियम
अब ड्राइवर केबिन में पार्टिशन डोर नहीं रहेगा। इसे हटाना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, बसों में फायर सप्रेशन सिस्टम लगाना होगा। इसके लिए बस मालिकों को एक महीने का समय मिला है।
![Fully Automatic Bus Fire Suppression [School Bus]](https://img-cdn.publive.online/filters:format(webp)/sootr/media/post_attachments/vi/061OfcVGNIY/maxresdefault-145610.jpg)
बर्थ और अग्निशमन के निर्देश
स्लीपर बसों से स्लाइडर तुरंत हटाए जाएंगे ताकि इमरजेंसी में लोग जल्दी बाहर निकल सकें। हर बस में 10 किलो वाला आग बुझाने का सिलेंडर (फायर एक्सटिंगुइशर) रखना अब जरूरी है। यात्रियों की सेफ्टी से कोई समझौता नहीं होगा।
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बॉडी और रजिस्ट्रेशन के नियम
अब वैसी बसें सड़क पर नहीं चलेंगी जिन्हें चेसिस (गाड़ी का निचला हिस्सा) को काटकर या बढ़ाकर बनाया गया है। ऐसी बसों को तुरंत बंद कर दिया जाएगा। अब नई बस का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए उसका पूरा नक्शा देना जरूरी होगा। बिना नक्शे के रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।
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रिपोर्ट और निगरानी की समय सीमा
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर किरण कुमार शर्मा ने कहा है कि आरटीओ को एक हफ्ते के अंदर अपनी रिपोर्ट देनी होगी। यह रिपोर्ट हेड ऑफिस (मुख्यालय) जाएगी। जो भी इसमें ढिलाई बरतेगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता पर इसका क्या असर होगा?
इस नए नियम का असली मकसद आपकी यात्रा को सुरक्षित बनाना है। अक्सर बस के केबिन में दरवाजा होने से इमरजेंसी के वक्त भागने का रास्ता रुक जाता था। अब रास्ता साफ रहेगा। वहीं, आग बुझाने वाली मशीनें और सिस्टम होने से चलती बस में आग लगने का खतरा बहुत कम हो जाएगा।
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आगे क्या?
अगले सात दिनों तक पूरे प्रदेश में बसों की कड़ी चेकिंग चलेगी। आरटीओ की टीम सड़कों पर उतरकर एक-एक बस की जांच करेगी। बस में नियमों की कमी मिली, तो उसे तुरंत जब्त कर लिया जाएगा। इसलिए सफर पर निकलने से पहले बस की सुरक्षा जरूर देख लें।
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