SPS से IPS बनेंगे 9 अफसर, आज DPC बैठक में अफसरों की पदोन्नति पर होगा फैसला
Amresh Kushwaha | Jun 25, 2026, 08:39 IST
SPS से IPS बनेंगे 9 अफसर
मध्यप्रदेश में नौ राज्य पुलिस सेवा अफसरों को IPS बनाने के लिए आज DPC बैठक होगी। इसमें 1997 और 1998 बैच के कुल 27 नामों पर विचार होगा। अमृत मीणा और राजेश मिश्रा की पदोन्नति अटक सकती है।
समझें क्या है पूरा मामला...
आज गुरुवार को DPC (Departmental Promotion Committee) की बैठक होगी।
UPSC ने गृह विभाग के प्रस्ताव पर इस तारीख को मंजूरी दी थी।
1997 और 1998 बैच के कुल 27 अफसरों के नामों पर विचार किया जाएगा।
दो अफसरों की पदोन्नति अटकने के कयास लग रहे हैं।
27 नामों में से 9 बनेंगे IPS
बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, डीजीपी कैलाश मकवाना और यूपीएससी के प्रतिनिधि शामिल रहेंगे। इस बार डीपीसी में 1997 और 1998 बैच के अफसरों के नामों पर विचार होगा। दोनों बैच मिलाकर कुल 27 नाम सामने हैं।
किन अफसरों के नाम हैं सूची में?
इन नामों में से नौ अफसरों को आईपीएस अवार्ड की सिफारिश की जाएगी। बाकी नामों पर अलग-अलग कारणों से विचार नहीं हो सकता या उनका मामला लंबित रह सकता है।
इन दो अफसरों की राह में अड़चन
इन दोनों का लिफाफा बंद रखा जा सकता है यानी डीपीसी में इनके नाम पर फैसला नहीं होगा। लिफाफा बंद होने का मतलब होता है कि संबंधित अफसर की पदोन्नति फिलहाल के लिए रोक दी जाती है।
ससत्या के नाम पर भी शिकायत
SPS से IPS: प्रक्रिया कैसे काम करती है?
डीपीसी में मुख्य सचिव, डीजीपी और यूपीएससी के प्रतिनिधि मिलकर नामों पर विचार करते हैं। इस बैठक में सेवा रिकॉर्ड, एसीआर (Annual Confidential Report) और किसी भी लंबित जांच का आकलन होता है। इसके बाद सिफारिशी सूची तैयार होती है।
गृह विभाग आगे, GAD अभी पीछे
FAQ
- राज्य सेवा के अधिकारी IPS कैसे बनते हैं?
राज्य पुलिस सेवा में काम कर रहे अधिकारियों को उनकी वरिष्ठता, गोपनीय रिपोर्ट और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर आईपीएस में पदोन्नत किया जाता है। इसके लिए संघ लोक सेवा आयोग और राज्य सरकार की संयुक्त समिति मिलकर डीपीसी की बैठक करती है। इस प्रक्रिया में हर बैच के एक निश्चित अनुपात में ही अधिकारियों को चुना जाता है। - DPC क्या होती है?
डीपीसी यानी विभागीय पदोन्नति समिति एक आधिकारिक कमेटी होती है जो सरकारी अधिकारियों की पदोन्नति तय करती है। इसमें यूपीएससी के प्रतिनिधि, राज्य के मुख्य सचिव और संबंधित विभाग के अधिकारी शामिल होते हैं। समिति उम्मीदवारों की सीआर, विभागीय जांच, कोर्ट केस और अन्य रिकॉर्ड की समीक्षा करके अंतिम चयन करती है।
MP में पंचायत सचिवों की नई तबादला नीति जारी, गृहग्राम में नहीं रह सकेंगे पदस्थ
दूसरे राज्यों से भी सस्ता होगा एमपी सुगम बस सेवा का सफर, 400 रुपए तक की होगी बचत
MP में सरकारी नौकरी में दो बच्चों की शर्त पर बवाल, CM ने नियम खारिज किया
बिना बैंक गारंटी करोड़ों के काम, आखिर किसके संरक्षण में चल रहा खेल?
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari