MP के सुपर स्पेशिएलिटी अस्पतालों से अबतक 41 डॉक्टर्स दे चुके इस्तीफा, जानें क्या हैं कारण
Sandeep Kumar | Aug 24, 2025, 22:16 IST
Super Specialty Hospitals
मध्य प्रदेश के इंदौर, रीवा, जबलपुर और ग्वालियर में सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल के अब तक 41 डॉक्टर इस्तीफा दे चुके हैं। इनमें जबलपुर से 13, इंदौर से 11, रीवा से 10 और ग्वालियर से 7 डॉक्टर शामिल हैं।
मध्य प्रदेश में इंदौर, रीवा, जबलपुर और ग्वालियर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित किए गए थे। इन अस्पतालों का उद्देश्य था कि मरीजों को आधुनिक इलाज मिले। सरकार ने इन अस्पतालों के निर्माण में करोड़ों रुपये खर्च किए। अब इन अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी हो गई है। अब तक 41 डॉक्टर इस्तीफा दे चुके हैं। इनमें जबलपुर से 13, इंदौर से 11, रीवा से 10 और ग्वालियर से 7 डॉक्टर शामिल हैं।
डॉक्टरों के पलायन के कई कारण सामने आए हैं। इनमें सबसे प्रमुख कारण कम वेतन, प्रमोशन का न होना, बेहतर अवसरों का अभाव, और निजी प्रैक्टिस की अनुमति न होना है। डॉक्टरों का कहना है कि जब उन्होंने इन अस्पतालों में जॉइन किया था, तो जो वादे किए गए थे, वे पूरे नहीं हुए। इसके कारण डॉक्टरों ने बेहतर अवसरों की तलाश में निजी अस्पतालों का रुख किया है।
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इन अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। वर्तमान में, इन अस्पतालों में लगभग 60 प्रतिशत डॉक्टरों के पद खाली हैं। इसका सीधा असर कैंसर, न्यूरो और कार्डियक जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज पर पड़ रहा है। कई बार मरीजों को बताया जाता है कि विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं, और उन्हें इलाज के लिए बाहर भेज दिया जाता है। इस कमी के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर भी गिर रहा है।
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स्वास्थ्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भी इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की है, लेकिन अपने ही जिले रीवा में डॉक्टरों के पलायन को रोकने में असफल रहे हैं। रीवा स्थित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ों में सुविधाओं की कमी के कारण यहां 10 डॉक्टरों ने नौकरी छोड़ दी है।
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एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन अरविंद घनघोरिया ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया जारी है और जल्द ही सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी।
नर्सिंग स्टाफ का भी ट्रांसफर किया गया है, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधाएं मिल सकें। उनका कहना था कि इस भर्ती प्रक्रिया के पूरा होने के बाद अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर हो जाएगी और मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा।
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डॉक्टरों के पलायन के कारण
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60 प्रतिशत पद खाली
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स्वास्थ्य मंत्री ने किया पलायन पर जवाब
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भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी होगी
नर्सिंग स्टाफ का भी ट्रांसफर किया गया है, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधाएं मिल सकें। उनका कहना था कि इस भर्ती प्रक्रिया के पूरा होने के बाद अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर हो जाएगी और मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा।
इस्तीफे के मुख्य कारण ये हैं...
- भर्ती प्रक्रिया का तेजी से पूरा होना
- डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की भर्ती
- निजी प्रैक्टिस के लिए नए नियम
- बेहतर वेतन और प्रमोशन की व्यवस्था
- मरीजों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
इन जिलों में इतने इस्तीफे...
- जबलपुर- 13
- इंदौर- 11
- रीवा- 10
- ग्वालियर- 7
ये डॉक्टर्स दे चुके हैं इस्तीफा...
जबलपुर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल
- डॉ. ब्रह्म प्रकाश (पुलमोनरी मेडिसिन)
- डॉ. अविनाश जैन (पुलमोनरी मेडिसिन)
- डॉ. विकास पटेल (पुलमोनरी मेडिसिन)
- डॉ. ऋषि गौतम (पुलमोनरी मेडिसिन)
- डॉ. मृत्युंजय सिंह (पुलमोनरी मेडिसिन)
- डॉ. पवन तिवारी (पुलमोनरी मेडिसिन)
- डॉ. अमरेंद्र शुक्ला (पुलमोनरी मेडिसिन)
- डॉ. जितेंद्र शाक्य (न्यूरोसर्जरी)
- डॉ. दीपक सुल्य (सीटीवीएस)
- डॉ. अर्पण
- डॉ. स्वामी (न्यूरोसर्जरी)
- डॉ. अंबुज (न्यूरोसर्जरी)
- डॉ. प्रशांत पटेल (यूरोलाजी)
इंदौर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल...
- डॉ. अभिषेक राठौर(कार्डियोलाजी)
- डॉ. प्रशांत सिंह (न्यूरोसर्जरी)
- डॉ. भूषण शाह (कार्डियोलाजी)
- डॉ. अखिलेश (न्यूरोलाजी)
- डॉ. निपुन (न्यूरोलाजी)
- डॉ. मुनीर अहमद खान (कार्डियक एनेस्थेसिया)
- डॉ. ईशा तिवारी (नेफ्रोलाजी)
- डॉ. जय अरोरा (नेफ्रोलाजी)
- डॉ. चयनिका (न्यूरो एनेस्थिसिया)
- डॉ. शशांक नाहर (न्यूरोसर्जरी)
- डॉ. प्रशांत (न्यूरोसर्जरी)
रीवा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल...
- डॉ. अंकित सिंह (कार्डियो)
- डॉ. एलपी सिंह (कार्डियो)
- डॉ. सुमित (कार्डियक सर्जन)
- डॉ. प्रदीप कुर्मी (कार्डियो)
- डॉ. मुनीर (कार्डियक एनेस्थेटिक)
- डॉ. विजय (यूरोलाजी)
- डॉ. विवेक (यूरोलाजी)
- डॉ. राकेश सोनी (कार्डियक सर्जन)
ग्वालियर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल...
- डॉ. नीरज अग्रवाल (यूरोलाजी)
- डॉ. सुरजीत (यूरोलाजी)
- डॉ. विजय गुप्ता (नेनोटालाजी)
- डॉ. मनोज जोशी (पीडियाट्रिक सर्जरी)
- डॉ. यूबी सिंह (पीडियाट्रिक सर्जरी)
- डॉ. अपराजिता (पीडियाट्रिक सर्जरी)
- डॉ. तपस्या (पीडियाट्रिक सर्जरी)
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