मप्र में तबादले की आखिरी रात, 15 जून को आधी रात तक खुले रहेंगे दफ्तर

Pawan Modiya | Jun 12, 2026, 21:19 IST
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मध्य प्रदेश में तबादला नीति की डेडलाइन 15 जून है। कई विभागों में अब तक एक भी तबादला नहीं हुआ। शनिवार की छुट्टी के बावजूद दफ्तर खुलेंगे और मंत्रालय में रात 12 बजे तक काम चलेगा। सवाल ये है कि तबादला प्रक्रिया हर साल आखिरी दिनों में ही क्यों सक्रिय होती है?

    समझें क्या है पूरा मामला

    • मध्यप्रदेश में सामान्य तबादलों की विंडो 1 से 15 जून 2026 तक है।
    • कई विभागों में अब तक एक भी तबादला नहीं हुआ है।
    • 13 जून को शनिवार है, फिर भी दफ्तर खुले रहेंगे।
    • मंत्रालय में उस दिन रात 12 बजे तक कामकाज जारी रहेगा।
    • स्कूल शिक्षकों को 15 जुलाई तक ऑनलाइन प्रक्रिया की राहत दी गई है।

    15 दिन की विंडो, काम आखिरी रात

    मध्यप्रदेश सरकार ने इस साल सरकारी कर्मचारियों के तबादलों के लिए 1 जून से 15 जून तक का समय तय किया था। पूरे 15 दिन मिले। लेकिन कई विभागों में इस दौरान एक भी तबादला नहीं हुआ। और अब जब आखिरी दिन आ गया, तब हड़बड़ी शुरू होगी।

    13 जून यानी शनिवार। सार्वजनिक छुट्टी का दिन। फिर भी सरकार ने साफ कर दिया है कि दफ्तर बंद नहीं होंगे। मंत्रालय में उस रात 12 बजे तक काम चलता रहेगा। यह तस्वीर नई नहीं है, हर साल यही होता है।

    क्या है इस साल की तबादला नीति?

    2026 की तबादला नीति को दो हिस्सों में बांटा गया है। सामान्य प्रशासनिक और स्वैच्छिक तबादले 1 से 15 जून के बीच होने हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया 8 जून से शुरू होकर 15 जुलाई तक चलेगी।

    पात्रता का मुख्य नियम यह है कि जिस कर्मचारी ने एक पद पर 3 साल पूरे कर लिए हों, उसका तबादला होगा। जो अधिकारी या कर्मचारी निर्धारित कार्य लक्ष्य पूरे न कर पाए हों, उन्हें 3 साल से पहले भी हटाया जा सकता है। महिला कर्मचारियों और एक साल से कम सेवा बचे कर्मचारियों को राहत दी गई है।

    वही पुरानी अंतिम घड़ी की आदत

    प्रशासनिक हलकों में यह बात किसी से छिपी नहीं है। तबादला प्रक्रिया हर साल आखिरी दिनों में ही सक्रिय होती है। पहले हफ्तों में फाइलें धूल खाती रहती हैं। फिर जब डेडलाइन सिर पर आती है तब अफसर हरकत में आते हैं।

    इस बार स्थिति और पेचीदा है। 13 जून शनिवार है, नियमित कामकाज का दिन नहीं। लेकिन सरकार ने दफ्तर खुले रखने का फैसला किया है। सवाल यह है कि जो काम 15 दिन में नहीं हुआ, वह एक रात में कितनी गुणवत्ता के साथ होगा?

    जल्दबाजी में लिए गए तबादले के फैसले अक्सर विवाद पैदा करते हैं। कर्मचारी असंतुष्ट रहते हैं, अपील बढ़ती हैं और कई बार तबादले अदालत तक पहुंचते हैं।

    शिक्षकों को अभी फिक्र नहीं

    स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए अलग व्यवस्था है। उनकी ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया 15 जुलाई तक चलेगी। यानी 15 जून की रात उनके लिए कोई आपाधापी नहीं है। शिक्षक अपने आवेदन ऑनलाइन दाखिल कर सकते हैं और उन्हें पर्याप्त समय मिला हुआ है।

    जरूरी FAQ

    मध्यप्रदेश में 2026 की तबादला नीति के तहत किन कर्मचारियों का तबादला होगा?

    मध्यप्रदेश तबादला नीति 2026 के तहत वे सरकारी कर्मचारी तबादले के पात्र हैं जिन्होंने एक पद पर 3 साल पूरे कर लिए हों। इसके अलावा जो कर्मचारी निर्धारित कार्य लक्ष्य पूरे नहीं कर पाए, उन्हें 3 साल से पहले भी स्थानांतरित किया जा सकता है। महिला कर्मचारियों और एक साल से कम सेवा बचे कर्मचारियों को इस प्रक्रिया से राहत दी गई है।

    मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया क्या है और इसकी आखिरी तारीख कब है?

    उत्तर: स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए तबादला प्रक्रिया अलग है। उनकी ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया 8 जून 2026 से शुरू हुई है और 15 जुलाई 2026 तक चलेगी। शिक्षक अपने आवेदन ऑनलाइन दाखिल कर सकते हैं। उन पर 15 जून की डेडलाइन लागू नहीं होती।

    मध्य प्रदेश तबादला विंडो 2026 की आखिरी तारीख क्या है और क्या 15 जून को दफ्तर खुले रहेंगे?

    उत्तर: सामान्य सरकारी कर्मचारियों के तबादले के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने 15 जून 2026 को अंतिम तारीख तय की है। यह दिन शनिवार है और सार्वजनिक अवकाश होने के बावजूद सरकारी दफ्तर खुले रहेंगे। मंत्रालय में रात 12 बजे तक कामकाज जारी रहेगा ताकि तबादला प्रक्रिया समय सीमा के भीतर पूरी हो सके।

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