एमपी शिक्षक तबादला नियमों में ढील, मैरिज सर्टिफिकेट की जगह अब वैकल्पिक दस्तावेज मान्य
Sourabh Bhatnagar | Jun 24, 2026, 09:00 IST
एमपी शिक्षक तबादला नियमों में ढील
मध्यप्रदेश में शिक्षकों के स्वैच्छिक तबादलों में मैरिज सर्टिफिकेट अनिवार्य किया गया था। इससे हजारों शिक्षक आवेदन नहीं कर पाए। देर रात आयुक्त ने वैकल्पिक दस्तावेज मान्य करने का आदेश जारी किया।
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्यप्रदेश में शिक्षकों के स्वैच्छिक तबादले 20 जून से शुरू हुए।
- इस बार मैरिज सर्टिफिकेट अनिवार्य शर्त के रूप में जोड़ा गया।
- यह शर्त पहली बार लागू हुई, जिससे हजारों शिक्षक आवेदन नहीं कर पाए।
- देर रात लोक शिक्षण संचालनालय आयुक्त ने राहत दी।
- अब समग्र कार्ड या सेवा पुस्तिका जैसे वैकल्पिक दस्तावेज मान्य होंगे।
MP शिक्षकों को क्या परेशानी आई?
यह शर्त पहली बार इस साल जोड़ी गई है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि अधिकांश शिक्षकों की शादी 15 से 20 साल पहले हुई थी। उस दौर में विवाह पंजीयन यानी मैरिज रजिस्ट्रेशन (Marriage Registration) आम बात नहीं थी। इसलिए ज्यादातर शिक्षकों के पास यह प्रमाणपत्र नहीं है।
नई शर्त ने हजारों शिक्षकों को असमंजस में डाल दिया। आवेदन की अंतिम तारीख मंगलवार को थी। इसके बावजूद कई शिक्षक उस दिन तक प्रमाणपत्र बनवाने की कोशिश में लगे रहे।
छतरपुर और भोपाल के शिक्षकों का हाल
भोपाल के शासकीय (MP Government) माध्यमिक विद्यालय सदगुरु कबीर में पदस्थ दिव्यांग शिक्षक अमित नावरे की परेशानी अलग किस्म की थी। उनका दिव्यांगता प्रमाणपत्र (Disability Certificate) जनवरी 2022 में पांच साल की वैधता के साथ जारी हुआ था। यह अभी भी मान्य है। फिर भी पोर्टल ने उनका प्रमाणपत्र स्वीकार नहीं किया। दरअसल विभाग ने एक साल के भीतर जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र की शर्त रखी थी। इससे अमित जैसे कई दिव्यांग शिक्षक दिव्यांग कोटे में आवेदन ही नहीं कर पाए।
देर रात आया राहत का आदेश
यह राहत उन हजारों शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है जिनके पास मैरिज सर्टिफिकेट नहीं था। अब वे अपने उपलब्ध दस्तावेजों से आवेदन कर सकेंगे।
हालांकि दिव्यांग शिक्षकों की समस्या अभी पूरी तरह हल नहीं हुई है। जिन शिक्षकों के पास शासन के नियमों के मुताबिक वैध प्रमाणपत्र हैं, वे अभी भी पोर्टल की तकनीकी बाधा का सामना कर रहे हैं। इस पर विभाग की ओर से कोई स्पष्ट आदेश अभी नहीं आया है।
इस बार क्या-क्या नई शर्तें जुड़ीं?
उन्होंने मांग की है कि नियमों में व्यावहारिक राहत दी जाए और पोर्टल की तकनीकी खामियां दूर की जाएं। शिक्षकों का मानना है कि नई शर्तें जोड़ने से पहले उन्हें पर्याप्त समय और सूचना दी जानी चाहिए थी।
mp teacher transfer
ट्रांसफर का शेड्यूल क्या है?
FAQ
- सवाल 1: MP शिक्षक ट्रांसफर में मैरिज सर्टिफिकेट अनिवार्य क्यों किया गया था?
जवाब: मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने पति या पत्नी के कार्यस्थल के निकट तबादला चाहने वाले शिक्षकों के लिए विवाह पंजीयन प्रमाणपत्र अनिवार्य किया था। यह शर्त इस साल पहली बार जोड़ी गई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि तबादला पति-पत्नी के वास्तविक संबंध के आधार पर हो। - सवाल 2: MP शिक्षक ट्रांसफर में अब कौन से वैकल्पिक दस्तावेज मान्य होंगे?
जवाब: लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभिषेक सिंह के आदेश के अनुसार शिक्षक विवाह पंजीयन प्रमाणपत्र की जगह समग्र कार्ड, सेवा पुस्तिका के सत्यापित पृष्ठ या कोई अन्य सुसंगत दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं। यह राहत उन शिक्षकों के लिए है जो पति-पत्नी आधार पर तबादला चाहते हैं। - सवाल 3: एमपी में दिव्यांग शिक्षकों की समस्या क्या है और क्या उसका भी हल हुआ?
जवाब: विभाग ने दिव्यांग कोटे में आवेदन के लिए एक साल के भीतर जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र की शर्त रखी है। भोपाल के शिक्षक अमित नावरे जैसे कई दिव्यांग शिक्षकों के पास सरकार के नियमों के तहत वैध प्रमाणपत्र हैं, लेकिन पोर्टल उन्हें स्वीकार नहीं कर रहा। इस समस्या का अभी तक कोई स्पष्ट समाधान नहीं आया है। शिक्षक संगठनों ने इस तकनीकी बाधा को दूर करने की मांग की है।
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