MP Board Exam 2026: 3 लाख शिक्षकों की छुट्टियां रद्द, लगाया एस्मा

मध्यप्रदेश में 3 लाख से ज्यादा शिक्षकों के लिए अगले दो महीनों तक छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है। यह आदेश परीक्षा के दौरान लागू होगा, ताकि कोई व्यवधान न हो सके।

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Sanjay Dhiman
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MP Board Exam 2026, Leaves of 3 lakh teachers canceled

Photograph: (the sootr)

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5 पाइंट में समझें पूरी खबर

  • मध्यप्रदेश के 3 लाख से ज्यादा शिक्षकों पर अगले 2 महीने तक छुट्टियों पर रोक।
  • परीक्षा के दौरान शिक्षकों की सेवाएं अत्यावश्यक सेवा अधिनियम (ESMA) के दायरे में होंगी।
  • 18 लाख स्टूडेंट्स के लिए 4,000 केन्द्रों पर परीक्षा का आयोजन होगा।
  • परीक्षा 7 फरवरी से 13 मार्च तक होगी, शिक्षकों को हड़ताल से रोकने के लिए ESMA लागू।
  • राजधानी भोपाल में 105 केन्द्रों पर परीक्षा होगी, सभी केन्द्रों की रिपोर्ट वेरीफाई की जा चुकी है।

BHOPAL. मध्यप्रदेश के साढ़े तीन लाख शिक्षकों के लिए एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। प्रदेश की मोहन सरकार ने साफ कर दिया है कि अब काम में ढिलाई नहीं चलेगी। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने आदेश जारी किया है कि अगले दो महीनों तक कोई भी शिक्षक छुट्टी पर नहीं जाएगा। 

बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए सरकार ने शिक्षकों को 'अत्यावश्यक सेवा अधिनियम' यानी एस्मा (ESMA) के दायरे में ला दिया है। अब शिक्षक न तो धरना दे पाएंगे और न ही लंबी छुट्टी मना पाएंगे।

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18 लाख छात्रों का भविष्य है दांव पर

एमपी बोर्ड परीक्षा में सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को मिलाकर लगभग 18 लाख छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।इनके लिए प्रदेश भर में 4 हजार से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सरकार का मानना है कि अगर इस वक्त शिक्षक हड़ताल पर चले गए, तो बच्चों का भविष्य अधर में लटक जाएगा। इसीलिए परीक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कड़ा कदम उठाया गया है।

एस्मा (Essential Services Maintenance Act) क्या है?

एस्मा एक भारतीय कानून है, जिसका उद्देश्य आवश्यक सेवाओं के संचालन को सुनिश्चित करना है। इसमें उन सेवाओं का जिक्र होता है, जो सार्वजनिक जीवन पर प्रभाव डालती हैं, जैसे स्वास्थ्य सेवाएं, परिवहन, बिजली आदि। जब कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं, तो एस्मा लागू होता है। यह कानून यह सुनिश्चित करता है कि ये सेवाएं बिना किसी रुकावट के चलती रहें। अगर एस्मा के तहत किसी कर्मचारी ने हड़ताल की, तो उसे बिना वारंट के गिरफ्तार किया जा सकता है और सजा मिल सकती है।

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राजधानी भोपाल में भी तैयारी पूरी

सिर्फ जिलों में ही नहीं, बल्कि राजधानी भोपाल में भी प्रशासन ने 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर कमर कस ली है। भोपाल में कुल 105 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। रजिस्ट्रार मुकेश मालवीय ने स्पष्ट किया कि फरवरी से लेकर मार्च तक सभी शिक्षकों की ड्यूटी अनिवार्य है। 

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