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5 पॉइंट में समझें पूरी खबर
MP बोर्ड परीक्षा में पारदर्शिता के लिए नकल रोकने हेतु नए कड़े नियम।
बोर्ड परीक्षा हॉल में छात्रों का व्यवहार अब निगरानी में रहेगा।
जबलपुर समेत मध्य प्रदेश के सभी जिलों में यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू होंगे।
नियमों का उल्लंघन करने वाले छात्रों को सरकारी नौकरी की पात्रता और भविष्य की परीक्षाओं में परेशानी हो सकती है।
मध्यप्रदेश बोर्ड (MPBSE) ने 2026 की बोर्ड परीक्षाओं (10th-12th board exam) के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। यह गाइडलाइन परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए है। इसमें नकल रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। इसके अलावा, परीक्षा हॉल में छात्रों के व्यवहार को लेकर भी कड़े नियम बनाये गए हैं। जो छात्र इन नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें सजा का सामना करना पड़ेगा। यह आदेश जबलपुर सहित पूरे मध्य प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों और स्कूलों पर लागू होगा। इस कदम से सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए एक नया नियम सामने आया है। उन्हें परीक्षा में निष्पक्ष और ईमानदारी से भाग लेना होगा।
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नकल और अभद्र व्यवहार पर सख्त कार्रवाई
मंडल ने नए निर्देश जारी किए हैं, जिनके अनुसार अगर कोई छात्र परीक्षा में नकल (anti cheating law) करता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी। अब सिर्फ परीक्षा सामग्री पकड़ना ही सजा का कारण नहीं होगा। अगर छात्र ने टीचर या सेंटर हेड के साथ दुर्व्यवहार किया, तो उसे भी सजा मिल सकती है।
रिजल्ट कैंसिल: यदि कोई परीक्षार्थी सेंटर हेड या ड्यूटी पर कर्मचारियों से बदतमीजी (MP Board Exam 2026) करता है, तो मंडल उसका पूरा रिजल्ट (Total Result) कैंसिल कर देगा।
विषयवार प्रतिबंध: यदि किसी छात्र के पास एक विषय में नकल सामग्री मिलती है, वह उत्तर पुस्तिका फाड़ता है या लेकर भागता (MP News) है, तो उस विशेष विषय की परीक्षा को 'कैंसिल' (Cancel) माना जाएगा।
संपूर्ण प्रतिबंध: एक से अधिक विषयों में नकल पाए जाने पर छात्र के सभी विषयों की परीक्षा रद्द कर दी जाएगी।
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सामूहिक नकल के लिए 'जीरो टॉलरेंस' नीति
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी केंद्र पर सामूहिक नकल (Mass Cheating) की पुष्टि होती है, तो वहां के सभी छात्रों पर गाज गिरेगी।
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सामूहिक नकल की श्रेणी में क्या आएगा?
समान भाषा शैली: यदि मूल्यांकन के दौरान किसी केंद्र की 10 से अधिक कॉपियों (board exam cheating) में उत्तर एक जैसी भाषा और शैली में लिखे मिलते हैं, तो उसे सामूहिक नकल माना जाएगा।
निरीक्षण दल की रिपोर्ट: यदि कलेक्टर या जिला शिक्षा अधिकारी का उड़नदस्ता सामूहिक नकल की रिपोर्ट देता है, तो उस केंद्र का पूरा परिणाम निरस्त किया जा सकता है।
स्टाफ पर कार्रवाई: लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों या पर्यवेक्षकों को आगामी 5 सालों तक परीक्षा कार्यों से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।
विशेष नोट: नकल प्रकरण दर्ज होने के बाद संबंधित छात्र की उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन (Evaluation) नहीं किया जाएगा।
परीक्षा के नए नियम और सजा का प्रावधान
| अपराध का प्रकार | सजा का प्रावधान |
| एक विषय में नकल सामग्री मिलना | उस विषय का परिणाम निरस्त (Cancel) |
| उत्तर पुस्तिका लेकर भागना या फाड़ना | संबंधित विषय की परीक्षा रद्द |
| शिक्षकों से अभद्रता/बदतमीजी | सभी विषयों की परीक्षा और पूरा रिजल्ट निरस्त |
| सामूहिक नकल में संलिप्तता | संपूर्ण रिजल्ट कैंसिल और केंद्र पर कार्रवाई |
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