सरकारी कर्मचारियों के लिए अड़ंगा बना ये नियम, CM मोहन के कहने पर भी नहीं बदला
Sourabh Bhatnagar | Aug 08, 2026, 11:15 IST
mp two child rule not removed cm mohan
मध्य प्रदेश में दो से अधिक संतान पर सरकारी नौकरी रोकने वाला 25 साल पुराना नियम अब भी लागू है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश के बावजूद GAD ने कैबिनेट में प्रस्ताव नहीं भेजा।
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्य प्रदेश में दो से ज्यादा बच्चों पर सरकारी नौकरी रोकने का नियम है।
- यह नियम करीब 25 साल पुराना है और अब तक खत्म नहीं हुआ।
- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे हटाने के निर्देश पहले ही दे दिए थे।
- लेकिन सामान्य प्रशासन विभाग अब तक कैबिनेट में प्रस्ताव नहीं ला सका है।
- वरिष्ठ सचिव समिति पहले ही इस प्रस्ताव को मंजूरी देने से इनकार कर चुकी है।
मध्य प्रदेश में एक पुराना सरकारी नियम (two child rule Madhya Pradesh) अब भी सवालों में घिरा है। इस नियम के तहत दो से ज्यादा बच्चे होने पर सरकारी नौकरी नहीं मिलती। यह प्रावधान करीब 25 साल से लागू है और अब भी बरकरार है। हजारों उम्मीदवार इस नियम की वजह से भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो जाते हैं। इसे लेकर लंबे समय से बहस चल रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे खत्म करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद मध्य प्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने अब तक प्रस्ताव mp cabinetमें नहीं भेजा। यानी मुख्यमंत्री के निर्देश (दो बच्चे) का असर अभी तक जमीन पर नहीं दिखा है।
f6b1ee19-15f
क्यों अटका है यह मामला
वरिष्ठ सचिव समिति की बैठक में नियम खत्म करने का प्रस्ताव रखा गया था। आईएएस अनुराग जैन इस बदलाव के पक्ष में थे। लेकिन समिति के सदस्यों ने प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी। इसी वजह से मामला कैबिनेट तक नहीं पहुंच सका।
मंत्रालय के सूत्रों ने इस पूरी घटना की पुष्टि की है। अब अनुराग जैन के दिल्ली (अनुराग जैन दिल्ली) जाने के बाद यह मामला फिर सामने आया है।
कर्मचारी संगठनों का विरोध
राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री जितेंद्र सिंह ने अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री खुद नियम खत्म करने की बात कह चुके हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन विभाग के अधिकारी इसे लागू नहीं होने देना चाहते। जितेंद्र सिंह के मुताबिक स्वास्थ्य बीमा से जुड़े मामलों में देरी हो रही है। यह आरोप उन्होंने मीडिया के सामने खुलकर रखा है।
481d8b82-e8f
फिर मिले थे बदलाव के निर्देश
इसके बावजूद अब तक सरकार की ओर से कोई नया आदेश जारी नहीं हुआ। यानी मुख्यमंत्री के दो बार के निर्देश के बाद स्थिति जस की तस है।
इससे प्रशासनिक स्तर पर देरी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कर्मचारी वर्ग में इस देरी को लेकर नाराजगी भी बढ़ रही है। कई लोग इसे प्रशासनिक इच्छाशक्ति की कमी मान रहे हैं।
नए ड्राफ्ट पर CM की आपत्ति
इस ड्राफ्ट में भी दो से अधिक संतान की पाबंदी बरकरार रखी गई थी। नियम 5 और 6 में पात्रता और अपात्रता की शर्तें तय की गई थीं। इसके तहत 26 जनवरी 2001 के बाद जन्मी तीसरी संतान अपात्रता की वजह बनती।
हालांकि जुड़वां बच्चों के मामले में राहत का प्रावधान भी रखा गया था। अगर पहला बच्चा एक हो और अगली बार जुड़वां बच्चे हों, तो छूट मिलेगी। ऐसे मामलों में उम्मीदवार को अपात्र नहीं माना जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इस प्रावधान को हटाने के साफ निर्देश दिए थे। उन्होंने GAD से ड्राफ्ट तुरंत पोर्टल से हटाने को कहा था। साथ ही संशोधित प्रारूप दोबारा प्रकाशित करने का निर्देश भी दिया था। इस कदम को कर्मचारी संगठनों ने राहत भरा बताया था। हालांकि अब तक संशोधित प्रारूप भी सार्वजनिक नहीं हुआ है।
2001 से चला आ रहा नियम
ऐसे उम्मीदवारों को सीधी भर्ती और विभागीय नियुक्ति दोनों में अपात्र माना गया। इसके अलावा मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 में भी यह शर्त जुड़ी थी। इसमें दो से ज्यादा बच्चों को कदाचार की श्रेणी में रखा गया था।
अब मुख्यमंत्री की मंशा के बावजूद यह पुराना प्रावधान खत्म नहीं हो सका है। इससे सरकार और नौकरशाही के बीच मतभेद को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कर्मचारी संगठन जल्द फैसले की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
आने वाले दिनों में इस मामले पर सरकार का अगला कदम अहम रहेगा। फिलहाल हजारों उम्मीदवार इस नियम में बदलाव का इंतजार कर रहे हैं। कई युवा इसी वजह से भर्ती परीक्षाओं में आवेदन तक नहीं कर पा रहे। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी इस देरी की चर्चा तेज हो गई है।
FAQ
- सवाल 1: मध्य प्रदेश में दो संतान नियम क्या है?
जवाब: मध्य प्रदेश में यह नियम साल 2001 में लागू हुआ था। इसके तहत 26 जनवरी 2001 या उसके बाद जिन उम्मीदवारों के दो से अधिक जीवित संतान हैं, उन्हें सरकारी नौकरी की सीधी भर्ती और विभागीय नियुक्ति दोनों के लिए अपात्र माना जाता है। जुड़वां बच्चों के मामले में राहत का प्रावधान भी रखा गया है।
ये खबरें भी पढ़ें...
सिंगरौली उप पंजीयक की सेवा समाप्त, तीसरी संतान बनी वजह, जानें मामला
MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें, CM मोहन यादव का ऐलान, 1281 कर्मचारी पदोन्नत
छिंदवाड़ा में CM मोहन यादव का ऐलान, 1281 कर्मचारी पदोन्नत, 17 हजार नई भर्ती
कमलनाथ के गढ़ में सीएम मोहन जीतेंगे जनविश्वास, लगाएंगे जनता दरबार
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj