एमपी में UCC की तैयारी: 60 दिन में आएगा ड्राफ्ट, SC की रिटायर्ड जज संभालेंगी कमान
Amresh Kushwaha | Apr 29, 2026, 14:56 IST
mp ucc committee draft bill 60 days
मध्य प्रदेश सरकार ने UCC लागू करने की दिशा में एक छह सदस्यीय कमेटी बनाई है। यह कमेटी 60 दिन में ड्राफ्ट बिल और विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। माना जा रहा है कि बिल मानसून सत्र में ही पेश हो सकता है।
News In Short
- मध्य प्रदेश सरकार ने UCC लागू करने के लिए 6 सदस्यीय कमेटी गठित की है।
- यह कमेटी राज्य में मौजूद विभिन्न पर्सनल और पारिवारिक कानूनों की समीक्षा करेगी।
- कमेटी को 60 दिन के भीतर ड्राफ्ट बिल और विस्तृत रिपोर्ट सरकार को देनी होगी।
- इस कमेटी की अध्यक्षता एक रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज करेंगे।
- पंद्रह दिनों में MP में UCC को लेकर यह तीसरी बड़ी घटना है।
News In Detail
MP में UCC की जरूरत क्यों?
सरकार का कहना है कि एक व्यावहारिक और एकसमान कानूनी ढांचे की जरूरत है। इसी वजह से इस हाई लेवल कमेटी का गठन किया गया है।
राज्य सरकार ने सोमवार 27 अप्रैल को अपने आदेश में साफ किया था कि यह कमेटी लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े नियमन, पंजीकरण और इससे उपजने वाले अधिकारों और जिम्मेदारियों की भी जांच करेगी। इसके अलावा महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए कानूनी प्रावधानों पर भी सुझाव दिए जाएंगे।
कमेटी में कौन होगा?
60 दिन में क्या करेगी कमेटी?
कमेटी उत्तराखंड और गुजरात में अपनाए गए UCC मॉडल का भी अध्ययन करेगी। इन दोनों राज्यों में पहले से UCC को लेकर काम हो चुका है।
इससे MP को एक तैयार ढांचा मिलेगा जिसे अपनी जरूरत के हिसाब से बदला जा सकता है। अंत में कमेटी 60 दिन के भीतर ड्राफ्ट बिल और पूरी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
मानसून सत्र में बिल आ सकता है?
15 दिनों में तीसरा बड़ा कदम
उससे एक दिन बाद यानी 14 अप्रैल को BJP की 13 सदस्यीय MP कोर कमेटी ने अपनी पहली बैठक में राज्य में UCC के प्रस्तावित ढांचे पर विचार किया।
अब इस छह सदस्यीय कमेटी का गठन इस कड़ी का तीसरा हिस्सा है। इससे साफ है कि MP सरकार UCC को लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
PM मोदी का आह्वान और राष्ट्रीय चर्चा
तभी से MP में इस दिशा में काम तेज हुआ है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है जिसने UCC लागू किया है। गुजरात भी इस पर काम कर रहा है। MP अब इस सूची में अगला राज्य बनने की ओर है।
महिला और बच्चों की सुरक्षा पर जोर
FAQ
- MP की UCC कमेटी 60 दिन में क्या-क्या करेगी?
MP की 6 सदस्यीय UCC कमेटी 60 दिनों में कई जरूरी काम करेगी। वह राज्य के मौजूदा पर्सनल लॉ की समीक्षा करेगी, जन सुनवाई और परामर्श बैठकें आयोजित करेगी, उत्तराखंड और गुजरात के UCC मॉडल का अध्ययन करेगी, लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण पर सुझाव देगी और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा के लिए कानूनी प्रावधानों की सिफारिश करेगी। अंत में एक ड्राफ्ट बिल और विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। - UCC यानी समान नागरिक संहिता क्या होती है?
UCC (Uniform Civil Code) यानी समान नागरिक संहिता एक ऐसा कानूनी ढांचा है जो सभी धर्मों और समुदायों के नागरिकों पर एकसमान रूप से लागू होता है। इसमें शादी, तलाक, विरासत, गोद लेने और गुजारा भत्ते जैसे मामलों के लिए एक ही कानून होता है। अभी भारत में अलग-अलग धर्मों के लिए अलग पर्सनल लॉ हैं। UCC इन सबकी जगह एक साझा कानून लागू करता है। - क्या MP में मानसून सत्र में UCC बिल पेश होगा?
इसकी संभावना है लेकिन अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कमेटी को 60 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश हैं और यह समयसीमा मानसून सत्र के करीब पड़ती है। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि सरकार मानसून सत्र में विधानसभा में बिल पेश कर सकती है। हालांकि सरकार ने इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
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