MP में UCC का मसौदा लगभग तैयार, लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन होगा जरूरी
Pawan Modiya | Jul 09, 2026, 08:30 IST
लिव-इन रजिस्ट्रेशन
मध्यप्रदेश सरकार समान नागरिक संहिता (UCC) का मसौदा तैयार कर रही है। प्रस्तावित नियमों में लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीयन अनिवार्य करने का प्रावधान शामिल हो सकता है। सरकार जल्द ही ड्राफ्ट को अंतिम रूप दे सकती है।
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्यप्रदेश सरकार UCC का मसौदा तैयार कर रही है।
- ड्राफ्ट में लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीयन का प्रस्ताव है।
- सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारी में है।
- मसौदा अंतिम चरण में पहुंचने की जानकारी है।
- अभी प्रस्तावों पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
सरकार की ओर से UCC लागू करने को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके तहत विवाह, पारिवारिक मामलों और व्यक्तिगत रिलेशनशिप से जुड़े नियमों को एक समान बनाने की कोशिश की जा रही है।
UCC ड्राफ्ट में क्या है
मध्यप्रदेश सरकार भी इसी दिशा में अपना मसौदा तैयार कर रही है। सूत्रों के अनुसार ड्राफ्ट अब अंतिम चरण में है। प्रस्तावित नियमों में लिव-इन रिलेशनशिप यानी बिना विवाह साथ रहने वाले जोड़ों के लिए पंजीयन की व्यवस्था शामिल की जा सकती है। इसका उद्देश्य ऐसे रिलेशनशिप से जुड़े कानूनी मामलों में रिकॉर्ड उपलब्ध कराना बताया जा रहा है।
लिव-इन पर नया नियम संभव
मध्यप्रदेश के प्रस्तावित UCC ड्राफ्ट में लिव-इन रिलेशनशिप की जानकारी दर्ज कराने का प्रावधान जोड़ा जा सकता है। यदि यह नियम लागू होता है तो साथ रहने वाले जोड़ों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीयन कराना पड़ सकता है।
इससे ऐसे रिलेशनशिप से जुड़े विवादों में उम्र, पहचान और संबंध की स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकार क्यों ला रही UCC
हालांकि UCC को लेकर देशभर में अलग-अलग राय भी सामने आती रही है। कुछ लोग इसे समानता और कानूनी सुधार से जोड़ते हैं। वहीं कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और धार्मिक अधिकारों से जोड़कर देखते हैं।
अभी अंतिम फैसला बाकी
लिव-इन कानून पर पहले भी चर्चा
अदालतों ने यह भी कहा है कि दो वयस्कों का साथ रहना अपने आप में अपराध नहीं है। हालांकि ऐसे रिलेशनशिप में अधिकारों और जिम्मेदारियों को लेकर कई सवाल उठते रहे हैं। इसी वजह से कई राज्यों में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर नियम बनाने की चर्चा होती रही है।
MP में आगे क्या होगा
जरूरी FAQ
UCC यानी समान नागरिक संहिता एक ऐसी प्रस्तावित व्यवस्था है, जिसमें व्यक्तिगत मामलों से जुड़े नियमों को समान बनाने की कोशिश की जाती है। इसमें विवाह, तलाक, संपत्ति और पारिवारिक मामलों से जुड़े प्रावधान शामिल हो सकते हैं।
क्या मध्यप्रदेश में लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अभी अनिवार्य है?
नहीं। अभी यह केवल प्रस्तावित प्रावधान बताया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार UCC का मसौदा तैयार कर रही है। अंतिम नियम जारी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
लिव-इन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने का उद्देश्य क्या हो सकता है?
प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े मामलों में रिकॉर्ड उपलब्ध कराना और कानूनी विवादों में स्पष्टता लाना हो सकता है।
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