सिंहस्थ 2028 के लिए लैंड पुलिंग एक्ट खत्म, जानें अब क्या?
Amresh Kushwaha | Nov 18, 2025, 12:17 IST
mp-ujjain-singhsth-2028-land-pooling-act-abolished
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच एक बड़ा बदलाव हुआ है। सरकार ने लैंड पूलिंग एक्ट को वापस ले लिया है, जिसका मतलब है कि अब उज्जैन में किसानों की ज़मीन का स्थायी अधिग्रहण नहीं होगा।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच एक बड़ा बदलाव सामने आया है। राज्य सरकार ने लैंड पूलिंग एक्ट (Land Pooling Act) को वापस लेने का फैसला किया है। इस एक्ट का मुख्य प्रभाव उज्जैन के किसानों और सिंहस्थ मेला क्षेत्र पर था।
इसके चलते कई महीनों से किसानों का विरोध जारी था। अब सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उज्जैन में लैंड पूलिंग लागू नहीं होगा। साथ ही, यहां की भूमि पर स्थायी अधिग्रहण नहीं किया जाएगा।
ये खबर भी पढ़िए...किसानों के विरोध के बीच सिंहस्थ लैंड पूलिंग निरस्त, सीएम मोहन यादव बोले- सिंहस्थ का वैभव देखेगा विश्व
लैंड पूलिंग एक्ट हटने के बाद उज्जैन में भूमि पुनर्व्यवस्था (land redistribution) की प्रक्रिया खत्म हो गई है। साथ ही, दीर्घकालीन कब्जे (long-term possession) की प्रक्रिया भी समाप्त हो चुकी है।
वहीं, स्पिरिचुअल सिटी बनाने के लिए जमीन लेने की योजना रद्द कर दी गई है। पहले सरकार का उद्देश्य था कि उज्जैन में स्थायी शहर बसाया जाए। वहीं किसानों ने महीनों से इस कदम के खिलाफ आंदोलन किया था।
ये खबर भी पढ़िए...MP सिंहस्थ 2028 से पहले बाबा महाकाल के भक्तों के लिए खुशखबरी, अब चुटकियों में मिलेंगी दर्शन टिकट
अब जिला प्रशासन 50 किलोमीटर लंबी और 18 मीटर चौड़ी सड़क बनाएगा। इसके लिए 125 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। भू-अधिग्रहण एक्ट के तहत किसानों को कलेक्टर की गाइडलाइन का दो गुना मुआवजा मिलेगा। यह मुआवजा कुल 250 करोड़ रुपए होगा।
किसान पहले अपनी सहमति से जमीन देंगे। अगर कोई किसान सहमत नहीं होता, तो उनकी जमीन भूमि भू-अधिग्रहण एक्ट के तहत ली जाएगी। ऐसी स्थिति में कोर्ट-कचहरी भी होने की संभावना बनी रहेगी।
ये खबर भी पढ़िए...सिंहस्थ 2028: जानें महाकाल की नगरी उज्जैन सदियों पहले क्यों कहलाती थी अवंतिका नगरी
अब सिंहस्थ में अखाड़ों को स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी। पहले लैंड पूलिंग एक्ट में प्रावधान था कि अखाड़े अपनी जमीन खरीदकर स्थायी निर्माण कर सकते थे। अब यह विकल्प समाप्त हो गया है। इसके बजाय, अखाड़ों को केवल अस्थायी निर्माण की अनुमति दी जाएगी।
अब सिंहस्थ में अखाड़ों को स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं मिलेगी। पहले लैंड पूलिंग एक्ट में यह प्रावधान था कि अखाड़े स्थायी निर्माण कर सकते थे। वहीं, अब यह विकल्प खत्म हो गया है। अब अखाड़ों को केवल अस्थायी निर्माण की अनुमति दी जाएगी।
सिंहस्थ के बाद मेला क्षेत्र में 50 किमी लंबी सीमेंटेड सड़क बन रही है। फिलहाल इसका कोई ठोस उपयोग नहीं बताया गया है। मेला क्षेत्र में स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं है। इस सड़क का उपयोग केवल अस्थायी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।
अफसरों का कहना है कि बाबा महाकाल के बढ़ते फुटफॉल को देखते हुए धार्मिक पर्यटन बढ़ सकता है। इसके आसपास अस्थायी टेंट सिटी बनाई जा सकती है।
ये खबर भी पढ़िए...MP News: क्या है कुंभ, अर्धकुंभ और सिंहस्थ का वास्तविक अर्थ, जानें मोक्ष के द्वार खोलने वाले महायोग का रहस्य
सरकार ने लैंड पूलिंग एक्ट लाया था। इसमें किसान की आधी जमीन जाती थी। इसमें प्रावधान था कि सरकार 50% जमीन लेती, बाकी 50% जमीन किसान को लौटाती। सरकार वाले हिस्से पर स्थायी निर्माण होते। किसान अपनी बची हुई जमीन पर सीमित गतिविधियां ही कर सकता था।
वहीं, जमीन जाने पर मुआवजा नहीं मिलता था। इसी एक्ट के तहत सरकार उज्जैन में स्थायी कुंभ सिटी बनाने जा रही थी। इसमें पक्की सड़कें, सीवरेज, गार्डन और स्थायी ढांचे बनने थे। किसान इसी योजना का विरोध कर रहे थे।
इसके चलते कई महीनों से किसानों का विरोध जारी था। अब सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उज्जैन में लैंड पूलिंग लागू नहीं होगा। साथ ही, यहां की भूमि पर स्थायी अधिग्रहण नहीं किया जाएगा।
सहमति से काम होगा आगे- सीएम
सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने एक बैठक में इस फैसले का ऐलान किया है। इस बैठक में किसान संघ, बीजेपी पदाधिकारी और उज्जैन जिला प्रशासन के सदस्य शामिल थे। सीएम ने कहा, सिंहस्थ दिव्य, भव्य और विश्वस्तरीय होगा। हम साधु-संतों और किसानों की भावनाओं का पूरी तरह से सम्मान करेंगे। इसका मतलब यह है कि अब सिंहस्थ के लिए किसी भी किसान की जमीन का स्थायी अधिग्रहण नहीं होगा। साथ ही, आगे सभी कार्यों में सहमति जरूरी होगी।
सिंहस्थ 2028, उज्जैन की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री @Hkhandelwal1964, किसान संघ के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
बैठक में सिंहस्थ को दिव्य, भव्य और… pic.twitter.com/kcpUPXTXfK
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) November 17, 2025
लैंड पूलिंग एक्ट खत्म होने पर अब क्या होगा?
वहीं, स्पिरिचुअल सिटी बनाने के लिए जमीन लेने की योजना रद्द कर दी गई है। पहले सरकार का उद्देश्य था कि उज्जैन में स्थायी शहर बसाया जाए। वहीं किसानों ने महीनों से इस कदम के खिलाफ आंदोलन किया था।
ये खबर भी पढ़िए...MP सिंहस्थ 2028 से पहले बाबा महाकाल के भक्तों के लिए खुशखबरी, अब चुटकियों में मिलेंगी दर्शन टिकट
एमपी में लैंड पूलिंग एक्ट की खबर पर एक नजर...
|
अब क्या होगा? जिला प्रशासन की नई योजना
किसान पहले अपनी सहमति से जमीन देंगे। अगर कोई किसान सहमत नहीं होता, तो उनकी जमीन भूमि भू-अधिग्रहण एक्ट के तहत ली जाएगी। ऐसी स्थिति में कोर्ट-कचहरी भी होने की संभावना बनी रहेगी।
ये खबर भी पढ़िए...सिंहस्थ 2028: जानें महाकाल की नगरी उज्जैन सदियों पहले क्यों कहलाती थी अवंतिका नगरी
क्या हैं नए फैसले के नियम?
अब सिंहस्थ में अखाड़ों को स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं मिलेगी। पहले लैंड पूलिंग एक्ट में यह प्रावधान था कि अखाड़े स्थायी निर्माण कर सकते थे। वहीं, अब यह विकल्प खत्म हो गया है। अब अखाड़ों को केवल अस्थायी निर्माण की अनुमति दी जाएगी।
सड़क का क्या होगा? इसपर उठे सवाल
अफसरों का कहना है कि बाबा महाकाल के बढ़ते फुटफॉल को देखते हुए धार्मिक पर्यटन बढ़ सकता है। इसके आसपास अस्थायी टेंट सिटी बनाई जा सकती है।
ये खबर भी पढ़िए...MP News: क्या है कुंभ, अर्धकुंभ और सिंहस्थ का वास्तविक अर्थ, जानें मोक्ष के द्वार खोलने वाले महायोग का रहस्य
जानें क्या था लैंड पूलिंग एक्ट?
वहीं, जमीन जाने पर मुआवजा नहीं मिलता था। इसी एक्ट के तहत सरकार उज्जैन में स्थायी कुंभ सिटी बनाने जा रही थी। इसमें पक्की सड़कें, सीवरेज, गार्डन और स्थायी ढांचे बनने थे। किसान इसी योजना का विरोध कर रहे थे।
देश में मानसून की बेरुखी से 51% हिस्से में सूखे का संकट: खरीफ फसलों पर मार, बढ़ सकती है महंगाई और आम आदमी की मुश्किलें
By Aman Vaishnav, CHAKRESH
Live |उज्जैन में मस्जिद हटाने पर बवाल
By
राजस्थान नगर निगम चुनाव में BJP का दबदबा
By
गंगरेल बांध का विकराल रूप, खोले गए सभी 14 गेट, महानदी में बढ़ा जलस्तर
By
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का असर: महादेव घाट पुल डूबा, शबरी पर बढ़ा खतरा; कई रास्तों पर आवाजाही बंद
By Umeshwari Baghel
छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अक्टूबर से बदलेगा पढ़ाई का तरीका, कठिन विषयों की होंगी लाइव ऑनलाइन क्लास
By Harrison Masih
31 साल का साथ, फिर शादी पर उठे सवाल, ग्वालियर हाईकोर्ट ने दिलाया पत्नी होने का हक
By Sanjay Dhiman