चार महीने में लागू हो सकता है एमपी में UPS, सरकारी कर्मचारियों को होगा फायदा
Amresh Kushwaha | Sept 18, 2026, 10:42 IST
MP में लागू हो सकती है UPS
मध्य प्रदेश सरकार 50% सुनिश्चित पेंशन वाली यूपीएस लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए 6 सदस्यीय कमेटी बनी है, जो 4 महीने में रिपोर्ट देगी। करीब ढाई लाख कर्मचारी इसके दायरे में आ सकते हैं। अध्यापकों की सेवा गिनने पर पेंच फंसा है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश सरकार 50% सुनिश्चित पेंशन वाली यूपीएस लागू करने जा रही है।
- सरकार ने इसके लिए छह सदस्यीय कमेटी बनाई है।
- यह कमेटी चार महीने में सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी।
- करीब ढाई लाख कर्मचारी यूपीएस के दायरे में आ सकते हैं।
- अध्यापक संवर्ग की सेवा गिनने को लेकर पेंच फंसा हुआ है।
क्या है पूरा प्लान
रिपोर्ट आने के बाद यह प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। तभी इस पर अंतिम फैसला होगा। प्रदेश में 01 जनवरी 2005 या उसके बाद नियुक्त करीब चार लाख 83 हजार कर्मचारी अभी एनपीएस यानी नेशनल पेंशन स्कीम (National Pension Scheme) में हैं।
इनमें से करीब दो लाख 50 हजार अफसर और कर्मचारी यूपीएस के दायरे में आ सकते हैं। यानी बड़ी संख्या में कर्मचारियों को इस बदलाव का सीधा फायदा मिल सकता है। यह आंकड़ा सरकार के लिए भी एक बड़ी जिम्मेदारी है।
क्यों बनी कमेटी
एनपीएस बनाम यूपीएस
यूपीएस में कर्मचारी का अंशदान पहले जैसा यानी 10 प्रतिशत ही रहेगा। लेकिन सरकार अब कुल 18.5 प्रतिशत अंशदान देगी। इसमें से 10 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारी के अपने खाते में जाएगा। बाकी 8.5 प्रतिशत एक अलग पूल फंड में जमा होगा। इसी पूल फंड से पात्र कर्मचारियों की तय पेंशन सुनिश्चित की जाएगी।
कितनी मिलेगी पेंशन
यानी जितनी कम सेवा, पेंशन भी उतनी ही कम मिलेगी। कम से कम 10 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों के लिए भी प्रावधान रखा गया है। ऐसे कर्मचारियों को हर महीने कम से कम 10 हजार रुपए पेंशन मिलेगी। यह न्यूनतम पेंशन की गारंटी उन कर्मचारियों के लिए राहत भरी है जिनकी सेवा कम है। इससे किसी भी पात्र कर्मचारी को खाली हाथ नहीं रहना पड़ेगा।
अध्यापकों के लिए पेंच
सरकार उनकी सेवा किस तारीख से मानेगी, इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है। अध्यापक संगठनों का कहना है कि उनकी असली सेवा संविलियन से पहले से गिनी जानी चाहिए। यदि सरकार सेवा 2018 से ही मानती है तो हजारों अध्यापकों को कई साल इंतजार करना पड़ सकता है। यही वजह है कि यह मुद्दा कमेटी के लिए भी चुनौती बन सकता है। कमेटी को इस पर साफ सिफारिश देनी होगी।
किसे मिलेगा फायदा
आगे क्या होगा
देश के कई राज्यों में यूपीएस को लेकर पहले से चर्चा चल रही है। केंद्र सरकार ने भी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यह योजना पहले लागू कर दी थी। अब मध्य प्रदेश जैसे राज्य भी इसी राह पर आगे बढ़ रहे हैं। इससे साफ है कि आने वाले समय में गारंटीशुदा पेंशन की मांग और तेज हो सकती है।
यह खबर क्यों जरूरी है
अध्यापक संवर्ग की सेवा गणना का मुद्दा सामाजिक न्याय से भी जुड़ा है, क्योंकि इससे हजारों अध्यापकों को समय पर पेंशन का लाभ मिलना तय होगा। यह जानकारी तथ्यों पर आधारित है और किसी पक्ष के खिलाफ नहीं है, इसलिए डिजिटल और सामाजिक नैतिकता के मानकों पर भी खरी उतरती है।
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