प्रमोशन के समय गायब मिलीं 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों की ACR, अब डिजिटल होंगे रिकॉर्ड
Amresh Kushwaha | Sept 16, 2026, 08:36 IST
MP पुलिस में खत्म होगी कागजी उलझन
मध्य प्रदेश पुलिस में प्रमोशन प्रक्रिया के दौरान 1000 से अधिक सिपाहियों की एसीआर गायब होने का मामला सामने आया है। अब पुलिस मुख्यालय ने पूरी व्यवस्था को डिजिटल करने का फैसला किया है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश पुलिस में नए पदोन्नति नियम से बड़ा मामला सामने आया है।
- प्रमोशन शुरू होते ही 1000 से ज्यादा सिपाहियों की एसीआर गायब मिली।
- जवानों को पुराने अफसरों को ढूंढकर दोबारा रिपोर्ट लिखवानी पड़ी।
- रिकॉर्ड न मिलने से कई सिपाहियों का प्रमोशन अटक गया।
- अब पुलिस मुख्यालय ने सिपाहियों की एसीआर ऑनलाइन करने का फैसला किया है।
नए पदोन्नति नियम-2025 के लागू होने के बाद ही विभाग में प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू हुई। सालों बाद विभाग में बड़े पैमाने पर पदोन्नति हो रही थी। इसी वजह से पुराने रिकॉर्ड की जांच भी जरूरी हो गई। यहीं से एसीआर गायब होने का मामला सामने आया है।
नियम से पहले क्या था फंडा
कैसे फंसा प्रमोशन का पेच
अब पूरी तरह बदलेगा सिस्टम
कैलेंडर नहीं, वित्तीय वर्ष लागू होगा
जानिए चार बड़े बदलाव
दूसरा बदलाव पूरी फोर्स के लिए एक जैसा असेसमेंट चक्र है। आईपीएस और राज्य पुलिस सेवा के अफसरों की रिपोर्ट पहले से वित्तीय वर्ष पर आधारित थी। वहीं, सिपाही से इंस्पेक्टर तक कैलेंडर वर्ष की व्यवस्था चलती थी। अब दोनों के लिए समयावधि एक समान होगी।
तीसरा बदलाव तबादलों से जुड़ी समस्या को कम करेगा। पुलिस और प्रशासनिक सेवा में ज्यादातर तबादले मार्च और अप्रैल के आसपास होते हैं। कैलेंडर वर्ष की पुरानी व्यवस्था में जनवरी से मार्च तक अलग से पार्ट असेसमेंट करना पड़ता था। वित्तीय वर्ष लागू होने से यह पूरी अवधि एक ही असेसमेंट चक्र में आ जाएगी।
चौथा बदलाव रिकॉर्ड में बैक-डेटिंग की गुंजाइश को घटाएगा। सर्विस रूल्स के मुताबिक हर अफसर को उन जवानों का रिकॉर्ड लिखना होता है, जिन्होंने उनके अधीन कम से कम 90 दिन काम किया हो। यदि तय समय पर रिपोर्ट नहीं भरी गई, तो सिस्टम अपने आप लॉक हो जाएगा। इसके बाद पुरानी तारीख में कोई बदलाव नहीं हो सकेगा।
डीआईजी ने क्या कहा
उनके मुताबिक सिपाहियों की एसीआर जल्द ऑनलाइन की जाएगी। साथ ही वित्तीय वर्ष के अनुसार गणना की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी। उन्होंने कहा कि इससे रिकॉर्ड पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। साथ ही एसीआर उपलब्ध न होने की वजह से अब किसी जवान का प्रमोशन नहीं रुकेगा।
सिपाहियों को मिलेगी राहत
आगे क्या होगा असर
विभाग के अफसरों का कहना है कि डिजिटल रिकॉर्ड से समय की भी बचत होगी। कागजी फाइलों में तलाश करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। किसी भी सिपाही का रिकॉर्ड सीधे सिस्टम से निकाला जा सकेगा। इससे प्रमोशन में देरी की शिकायतें भी कम होंगी। पुलिस महकमे में यह पहला मौका है जब मैदानी बल के लिए इतना बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया जा रहा है।
ये खबरें भी पढ़िए...
16 सालों में 32 IAS ने दिया इस्तीफा, MP के 1, CG के 3 और राजस्थान के 2 अफसर शामिल
खत्म होगा सालों का इंतजार! एक साल में पूरी होगी विभागीय जांच, समय पर मिलेगा प्रमोशन
दवा के बाद शराब में जहर, फिर भी बेपरवाह FDA? जानिए क्यों नाकाम हो रहा MP का सिस्टम
काम के वक्त नो रील्स, नो स्क्रॉलिंग! अधिकारियों के लिए आ रहा सोशल मीडिया कोड
CET 2026 New Update: राजस्थान में CET को लेकर बड़ा बदलाव, लाखों युवाओं पर पड़ेगा सीधा असर
By Jyoti Mahender Bhardwaj
चित्तौड़गढ़: पुलिस की एंटी थेफ्ट टीम से इनामी बदमाश को छुड़ा ले गए साथी, वारदात में दो कांस्टेबल घायल
By Jageshwar prasad
खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय की VC पर सोशल मीडिया पोस्ट से विवाद, यूनिवर्सिटी ने आरोपों को बताया भ्रामक
By Umeshwari Baghel
त्योहार से पहले नहीं हटेंगी स्ट्रीट वेंडर्स की दुकानें, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग बनेगा ढाल, जानें कैसे
By Manya Jain
रूस ने यूक्रेन में भारतीय कारोबारी की दवा फैक्ट्री पर किया ड्रोन हमला, 400 करोड़ का नुकसान
By Ashish Bhardwaj
विधायकों के आलीशान 4 बीएचके फ्लैट का नक्शा तैयार, भूपेश बघेल की योजना को अब मिलेगा आकार
By Arun Tiwari
RBSE ने लिया बड़ा फैसला, अब साल में दो बार होगी दसवीं की परीक्षा, जानें क्या किया गया है बदलाव?
By Jageshwar prasad