मप्र विधानसभा सचिवालय में प्रमोशन, 13 अफसरों को नया पद, 5 अधिकारी बने अवर सचिव
Pawan Modiya | Jul 01, 2026, 18:25 IST
सचिवालय में प्रमोशन
मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय ने सात पदों पर तेरह अधिकारियों की पदोन्नति के आदेश जारी किए हैं। यह पदोन्नति नियम पांच और आरक्षण गणना के आधार पर हुई है। सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले के चलते यह फिलहाल अस्थायी मानी जा रही है।
मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय ने बड़ा पदोन्नति आदेश जारी किया है। कुल सात अलग-अलग पदों पर 13 अधिकारियों को प्रमोशन मिला है। सबसे बड़ा आदेश अवर सचिव (Under Secretary) पद का है। इसमें पांच अधिकारियों को पदोन्नति दी गई है। इनमें राजेन्द्र वर्मा, रवीन्द्रनाथ दुबे और नरेन्द्र कुमार मिश्रा शामिल हैं। ये तीनों पहले अनुभाग अधिकारी के पद पर थे। मोहनलाल मनवानी और माधव दफ्तरी को भी यही पद मिला है। मोहनलाल मनवानी पहले कार्यवाही संपादक थे। माधव शिष्टाचार अधिकारी के पद पर तैनात थे।
अलग से एक आदेश संचालक पद के लिए भी आया है। यह पद पुस्तकालय, अनुसंधान एवं संदर्भ विभाग से जुड़ा है। इस पद पर वी.डी. गोयल को पदोन्नत किया गया है। पहले वे अनुसंधान अधिकारी के पद पर तैनात थे। सलेक्ट ग्रेड रिपोर्टर यानी प्रवर श्रेणी प्रतिवेदक के दो पद भी भरे गए हैं। रिमझिम मोगिया और अजय कुमार चौरे को यह जिम्मेदारी मिली है। दोनों पहले वरिष्ठ प्रतिवेदक के पद पर काम कर रहे थे। इसके अलावा कार्यवाही संपादक पद पर भी नियुक्ति हुई है। नरेश कुमार हिमथानी को यह पद मिला है। वे भी पहले वरिष्ठ प्रतिवेदक थे।
प्रशासकीय अधिकारी पद पर हरीश कुमार श्रीवास को पदोन्नत किया गया है। वे पहले स्टाफ ऑफिसर के पद पर थे। सूचना अधिकारी पद के लिए महावीर सिंह का नाम तय हुआ है। वे जनसंपर्क अधिकारी के पद से आए हैं। यह पद आरक्षित वर्ग के तहत भरा गया है। स्टाफ ऑफिसर के दो पद विनोद कुमार दुबे और रूपेश सिंह को मिले हैं। दोनों पहले निज सचिव के पद पर तैनात थे। इस तरह कुल तेरह अधिकारियों को नया पद मिला है। यह सभी अधिकारी विधानसभा सचिवालय के अलग-अलग विभागों में काम करते हैं।
यह सभी पदोन्नति मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के तहत हुई हैं। इस नियम के नियम पांच के अनुसार आरक्षित वर्ग की गिनती की गई है। इसमें एक्स और वाय दोनों की वैल्यू एक रखी गई है। यह गणना पद्धति आरक्षण के नियमों को ध्यान में रखकर तय होती है। सामान्य प्रशासन विभाग (General Administration Department) के परिपत्र का हवाला भी दिया गया है। यह विभाग राज्य के प्रशासनिक नियम तय करता है। यह परिपत्र 30 जून 2026 को जारी हुआ था। इसके साथ महाधिवक्ता के पत्र का भी जिक्र है। यह पत्र 29 जून 2026 को भेजा गया था। वरिष्ठ अधिवक्ता सी.एस. वैद्यनाथन की कानूनी राय भी शामिल की गई है। इन सभी दस्तावेजों के आधार पर आदेश तैयार किया गया।
यह सभी पदोन्नति फिलहाल अस्थायी मानी जा रही हैं। हर आदेश में साफ लिखा है कि यह फैसला अंतिम नहीं है। सुप्रीम कोर्ट में विनय कुमार बबेले से जुड़ा एक मामला अभी चल रहा है। यह याचिका मध्यप्रदेश शासन के खिलाफ दायर हुई है। इसके अलावा हाईकोर्ट में भी पदोन्नति से जुड़ी कुछ याचिकाएं लंबित बताई जा रही हैं। इन सभी मामलों के अंतिम फैसले के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ होगी। तब तक यह पदोन्नति सिर्फ आगामी आदेश तक ही मान्य रहेगी। यानी कोर्ट का फैसला आने पर आदेश बदल भी सकता है।
MP में 10 साल बाद खुलेगा प्रमोशन का रास्ता, 15 जुलाई तक DPC, 31 तक पदोन्नति आदेश
MP प्रमोशन: हाई कोर्ट में केस चलते हुए भी सशर्त मिल सकती है पदोन्नति!
10 साल बाद एमपी में नए फार्मूले से होगा प्रमोशन, पदोन्नति का रास्ता साफ!
प्रमोशन में आरक्षण : एक्टिंग चीफ जस्टिस की बेंच ने मेंशनिंग स्वीकार की, दोबारा शुरू होगी सुनवाई
संचालक पद पर नई नियुक्ति
तीन और पदों पर प्रमोशन
किस नियम से हुआ फैसला
कोर्ट केस से जुड़ा मामला
ये खबरें भी पढ़ें...
MP प्रमोशन: हाई कोर्ट में केस चलते हुए भी सशर्त मिल सकती है पदोन्नति!
10 साल बाद एमपी में नए फार्मूले से होगा प्रमोशन, पदोन्नति का रास्ता साफ!
प्रमोशन में आरक्षण : एक्टिंग चीफ जस्टिस की बेंच ने मेंशनिंग स्वीकार की, दोबारा शुरू होगी सुनवाई
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava