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मध्य प्रदेश में वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि वे वक्फ संपत्तियों का भौतिक सत्यापन करें। इस सत्यापन के लिए 15 महत्वपूर्ण बिंदु निर्धारित किए गए हैं, जिन पर जांच की जाएगी।
संयुक्त संसदीय समिति की बैठक का नतीजा
दिल्ली में 26 दिसंबर को आयोजित संयुक्त संसदीय समिति की बैठक के बाद यह निर्देश जारी किए गए हैं। इस बैठक में मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड से जुड़ी संपत्तियों पर विशेष ध्यान दिया गया। जांच के दौरान सभी राजस्व अभिलेखों का सत्यापन किया जाएगा और उसे ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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आदेश के मुताबिक सख्त समय सीमा
सभी जिलों को आदेश दिया गया है कि वे अगले पांच दिनों के भीतर वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का भौतिक सत्यापन पूरा करें। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि संपत्तियों की स्थिति, उपयोग, और राजस्व अभिलेखों की जानकारी को जल्द से जल्द पोर्टल पर दर्ज किया जाए।
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15 बिंदुओं पर होगी जांच
वक्फ संपत्तियों के भौतिक सत्यापन के लिए 15 बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इनमें संपत्तियों का स्वामित्व, उनके वर्तमान उपयोग, राजस्व अभिलेख, अवैध अतिक्रमण, और उनकी स्थिति का आकलन शामिल है। इससे सरकार को वक्फ संपत्तियों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने में मदद मिलेगी।
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पारदर्शिता लाने का उद्देश्य
सरकार का यह कदम पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड ऑनलाइन अपडेट होने से अनियमितताओं पर लगाम लगाई जा सकेगी।
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