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News Inshort
1. महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए ईएसबी ने फरवरी 2025 में नोटिफिकेशन जारी किया था।
2. भर्ती परीक्षा मार्च- अप्रेल माह में होने के बाद जून में परिणाम घोषित किया गया था।
3. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षकों के 660 पदों पर भर्ती के लिए कराई गई थी परीक्षा
4. भर्ती परीक्षा में 5.94 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों को जारी किए गए थे प्रवेश पत्र
5. सात माह से 660 नियुक्ति पत्र भी जारी नहीं कर पा रहे महिला एवं बाल विकास विभाग के अफसर।
News in Detail
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा के परिणाम के सात माह बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। कई परियोजनाओं में पर्यवेक्षक नहीं हैं और आंगनबाड़ियां खाली हैं। 660 पदों पर चयनित अभ्यर्थी नियुक्ति के लिए परेशान हैं। अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थी भी नियुक्ति को लेकर चिंतित हैं।
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और पर्यवेक्षक के 660 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा अप्रेल में पूरी हुई और 21 जून 2025 को ईएसबी ने परिणाम जारी किया। परिणाम के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की, जो सितम्बर में पूरी हो गई।
इसके बाद से अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र का इंतजार कर रहे हैं। चार महीने बाद भी विभाग की ओर से न तो अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के संबंध में कोई जवाब भेजा गया है और न ही किसी कमी या पूर्ति के बारे में कहा गया है। इसी तरह परिणाम के बाद सात महीने बीत चुके हैं। अभ्यर्थी चक्कर काट रहे हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है केवल 660 पदों के लिए भर्ती परीक्षा हुई है। इससे कहीं ज्यादा पदों पर दूसरे विभाग भर्ती से लेकर नियुक्ति तक की प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। इन विभागों में अब नवनियुक्त कर्मचारी काम भी कर रहे हैं। इधर महिला एवं बाल विकास विभाग में मंत्रालय से लेकर संचालनालय स्तर पर अधिकारियों को नियुक्ति पत्र जारी करने की न तो चिंता नजर आ रही है न ही कोई दिलचस्पी ले रहा है।
Documents
विभाग के पास भी नहीं जवाब
महिला एवं बाल विकास विभाग ने दिसम्बर 2024 में इश्तेहार जारी किया था। इसके बाद ईएसबी ने भर्ती परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी किया और फिर परीक्षा का आयोजन और परिणाम भी जारी कर दिया गया। अगर ईएसबी के नोटिफिकेशन के आधार पर शैड्यूल को देखें तो परीक्षा से लेकर परिणाम तक सबसे कठिन प्रक्रिया अप्रेल से जून के बीच यानी तीन महीने में पूरी कर ली गई।
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इसके बाद दस्तावेजों के सत्यापन और नियुक्ति पत्र जारी करने का काम महिला एवं बाल विकास विभाग को करना था। विभाग में दस्तावेजों का सत्यापन भी दो महीनों में पूरा कर लिया गया था लेकिन चार महीने से नियुक्ति पत्र जारी करने का साधारण काम अटका हुआ है। केवल 660 पदों के लिए नियुक्ति पत्र जारी करने में क्या दुविधा और कठिनाई सामने आ रही है यह भी विभाग के अधिकारी नहीं बता पा रहे हैं।
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विभाग के संयुक्त संचालक आरपी सिंह से द सूत्र ने नियुक्ति पत्र जारी करने में विलम्ब पर सवाल किया तो वे भी कोई कारण नहीं बता पाए। उनका कहना था सब काम निर्धारित प्रक्रिया के तहत हो रहा है। समय सीमा में चयनित अभ्यर्थियों को उनके नियुक्ति पत्र जारी कर दिए जाएंगे। लेकिन सवाल यह है कि चार महीने बीत चुके हैं। यानी विज्ञापन जारी होने के बाद अब तक 12 महीने पूरे हो चुके हैं। आखिर निर्धारित प्रक्रिया की समय सीमा कितने माह की है और यह कब पूरी होगी।
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निष्कर्ष
मध्यप्रदेश में भर्ती प्रक्रिया के संबंध में जीएडी की गाइडलाइन निर्धारित है। सामान्य परिस्थितियों में यदि कोई कानूनी मामला नहीं उलझता तो नोटिफिकेशन के बाद एक साल की अवधि में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए।
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