MPPSC महाआंदोलन पर जुटे युवा तो पहुंची पुलिस, ट्रैफिक जाम की कही बात, आंदोलनकारी बोले नेताओं की रैली नहीं दिखती

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के बाहर शुरू हुआ महाआंदोलन, पुलिस और आंदोलनकारी एक-दूसरे से भिड़े। हाईकोर्ट ने आखिरकार शांतिपूर्वक आंदोलन की मंजूरी दी।

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Sanjay Gupta
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Police arrived when youth gathered on MPPSC grand movement, talked about traffic jam

Photograph: (the sootr)

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NEWS IN SHORT

  • 24 जनवरी को MPPSC के बाहर महाआंदोलन (न्याय यात्रा 2.0) शुरू हुआ।
  • पुलिस ने ट्रैफिक जाम का हवाला देकर आंदोलन को रोकने की कोशिश की।
  • आंदोलनकारियों ने पुलिस से कहा, "नेताओं की रैलियों में ट्रैफिक क्यों नहीं रुकता?"
  • हाईकोर्ट ने शांतिपूर्वक MPPSC महाआंदोलन की अनुमति दी और शर्तें तय कीं।
  • 26 जनवरी की सुबह 6 से दोपहर 12 बजे तक धरना स्थगित रहेगा।

NEWS IN DETAIL

INDORE.मप्र लोक सेवा आयोग (पीएससी) के बाहर विविध मांगों को लेकर 24 जनवरी से शुरू हुआ महाआंदोलन (न्याय यात्रा 2.0) में रविवार दोपहर बाद युवा आंदोलनकारियों की संख्या तेजी से बढ़ी। यह देख पुलिस में हड़ंकप मच गया। शाम होते-होते मौके पर एसीपी व अन्य पुलिस अधिकारी पहुंच गए।

यहां आंदोलनकारियों से पुलिस ने कहा कि ट्रैफिक बाधित हो रहा है, ऐसे नहीं कर सकते हैं। इस पर आंदोलनकारियों से तीखी बहस हो गई। राधे जाट व अन्य ने साफ कहा कि नेताओं की रैली में तो ट्रैफिक बाधित नहीं होता है। यहां तो हम सभी एक कोने में बैठे हैं और कई जगह से वैकल्पिक रास्ते है। यहां तक कहा कि आप (पुलिस) लगातार परेशान कर रहे हो। इसके बाद पुलिस लौट गई। 

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इस तरह हुई पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच बात

पुलिस- आदेश पढ़ो हाईकोर्ट का, क्या लिखा है, ट्रैफिक बाधित हो रहा है

आंदोलनकारी- ट्रैफिक बाधित नहीं हो रहा है यहां अलग-अलग रूट है, इससे बाधित नहीं हो रहा

पुलिस- नहीं डायवर्ट करना पड़े तो फिर ट्रैफिक बाधित हो रहा है, ऐसे तो लोग हाईवे जाम कर देगा और कहो गांव से निकल जाओ। 

पुलिस- आपको मैसेज क्लियर नहीं है, आप अपने वकील को बुला लो

आंदोलनकारी- अब तो आप हाईकोर्ट की भी बात नहीं मान रहे, अति कर रहे हो, नेता, मंत्री की रैली हो तो ऐसा होता है क्या। 
(इसके बाद भारत माताकी जय के नारे शुरू हो जाते हैं और पुलिस रवाना हो जाती है)

पुलिस ने पहले ही नहीं दी थी मंजूरी

इसके पहले पुलिस ने शुरू से ही इस आंदोलन को रोकने के लिए पूरा जोर लगाया। पहले यह आंदोलन 15 जनवरी को होना था लेकिन पुलिस ने मंजूरी देने से मना कर दिया। इसके लिए कारण बताया कि ट्रैफिक बाधित होगा, वहां इंटरव्यू भी है वह भी प्रभावित होगा। लेकिन हाईकोर्ट ने आदेश दिए कि नए सिरे से आवेदन पर विचार किया जाए।

लेकिन इसके बाद फिर पुलिस ने ट्रैफिक बाधित होने, पीएससी के 500 मीटर दायरे में इंटरव्यू व अन्य काम बाधित होने जैसे कारण बताकर फिर मंजूरी नहीं दी। 

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हाईकोर्ट ने सीधे जारी की मंजूरी

इसके बाद इंदौर हाईकोर्ट में नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (NEYU) की ओर से याचिका लगी। अधिवक्ता विभोर खंडेलवाल व जयेश गुरनानी के तर्क सुनने के बदा हाईकोर्ट ने सीधे अपने स्तर पर मंजूरी जारी की और इसकी शर्तें भी तय कर दी। इसमें शांतिपूर्वक आंदोलन करने के साथ ही 24 जनवरी से 26 जनवरी की सुबह 6 बजे तक और फिर 26 जनवरी की दोपहर 12 से 27 जनवरी की दोपहर 12 बजे तक धरना प्रदर्शन की मंजूरी दी। गणतंत्र दिवस के चलते 26 जनवरी की सुबह 6 से दोपहर 12 बजे तक धरना स्थगित रहेगा।

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