नेमप्लेट विवाद: योगी सरकार की तरह रतलाम नगर निगम का फैसला, विरोध में उतरे मुस्लिम पक्ष, जानिए पूरा मामला
Raj Singh | Oct 02, 2024, 15:12 IST
the sootr
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की तरह रतलाम नगर निगम ने भी एक आदेश पारित किया है। नवरात्रि को देखते हुए निगम ने कहा है कि सभी दुकानदारों को अपनी दुकानों के आगे नेम प्लेट लगानी होगी।
रतलाम नगर निगम उत्तर प्रदेश सरकार की राह पर चल पड़ा है। निगम ने एक आदेश पारित किया है। इसके अनुसार नवरात्रि मेले में दुकानें लगाने वाले व्यापारियों को अपना नाम बोर्ड पर लिखना होगा। नगर निगम की राजस्व समिति के इस फैसले के बाद विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं। खबरें हैं कि मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है।
दरअसल, रतलाम के कालिका माता मंदिर में नवरात्रि के दौरान 9 दिनों तक गरबा का आयोजन किया जाता है। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। इस बार मंदिर में 3 से 12 अक्टूबर तक नवरात्रि मेला लगेगा। इस जगह पर मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के व्यापारी भी अपनी दुकानें लगाते हैं। यह पहली बार है जब दुकानदारों को नेम प्लेट लगाने के लिए कहा गया है।
वहीं, नगर निगम के इस फैसले के बाद शहर के काजी सैयद आसिफ ने विरोध जताया है। उन्होंने इस फैसले को तुगलकी फरमान बताया है। उन्होंने कहा कि यूपी में योगी सरकार ने भी ऐसा फैसला लिया था। इसे सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत रतलाम नगर निगम से आदेश की कॉपी मांगी गई है। जैसे ही यह मिलेगी, एसोसिएशन ऑफ प्रोटेक्शन फॉर सिविल राइट्स, दिल्ली की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।
काजी ने यह भी बताया कि कलेक्टर को इस फैसले के विरोध में जानकारी दे दी गई है। अगर मेले में बोर्ड लगाने को लेकर किसी तरह का कोई हंगामा या विरोध होता है तो इसका जिम्मेदार नगर निगम प्रशासन होगा।
ये भी खबर पढ़िए... उज्जैन महाकाल मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी, पत्र में लिखा- जिहादियों की मौत का बदला हम लेंगे
विवाद बढ़ता देख रतलाम नगर निगम राजस्व समिति प्रभारी दिलीप गांधी ने बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि मेले में रतलाम के अलावा बाहर से भी कई लोग दुकानें लगाने आते हैं। यह फैसला इसलिए लेना पड़ा ताकि कोई बिचौलिया न आए और असली व्यापारी को ही दुकान मिले। टेंडर के बाद स्वीकृति पत्र दिया जा रहा है, जिसे आधार कार्ड के साथ दुकान पर रखना होगा। जब भी कोई निरीक्षण के लिए आएगा तो दुकानदार को यह दिखाना होगा। निगम के राजस्व समिति प्रभारी ने अपनी मंशा को लेकर कहा कि हमारी मंशा यह है कि जिस व्यक्ति के नाम से दुकान का टेंडर हुआ है, उसी को दुकान मिलनी चाहिए।
बता दें कि हाल ही में सावन के महीने में यूपी की योगी सरकार ने आदेश जारी किया था कि कांवड़ियों के रास्ते में आने वाली सभी दुकानों पर दुकान मालिक का नाम लिखवाना होगा। हालांकि, योगी के इस आदेश को लेकर मुस्लिम पक्ष के लोग सुप्रीम कोर्ट चले गए। जहां कोर्ट ने इसे गलत बताया और इसे वापस लेने को कहा।
पहली बार नेम प्लेट लगाएंगे दुकानदार?
विरोध में उतरे मुस्लिम
काजी ने यह भी बताया कि कलेक्टर को इस फैसले के विरोध में जानकारी दे दी गई है। अगर मेले में बोर्ड लगाने को लेकर किसी तरह का कोई हंगामा या विरोध होता है तो इसका जिम्मेदार नगर निगम प्रशासन होगा।
ये भी खबर पढ़िए... उज्जैन महाकाल मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी, पत्र में लिखा- जिहादियों की मौत का बदला हम लेंगे
विवाद बढ़ता देख निगम ने क्या कहा?
यूपी सरकार का क्या था फैसला?
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari